
उदित वाणी, जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना अंतर्गत पटियाला बार के समीप 8 जुलाई की रात हुए हमले में गंभीर रूप से घायल सोनारी संगम बिहार निवासी लॉजिस्टिक व्यवसायी रीतेश कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में करीब एक सप्ताह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे रीतेश ने सोमवार की देर रात अंतिम सांस ली. इस दुखद घटना के बाद रीतेश के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं शहर के व्यावसायिक जगत में भी शोक की लहर है.
घटना 8 जुलाई की रात की है, जब रीतेश कुमार सिंह अपने साथी आदित्यपुर निवासी अमित शर्मा के साथ बिष्टुपुर स्थित पटियाला बार के पास मौजूद थे. इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ युवकों ने दोनों पर लाठी, डंडे और हॉकी स्टिक से हमला बोल दिया. हमले में रीतेश को सिर पर गंभीर चोटें आईं, जो बाद में उनकी मौत का कारण बनीं. अमित शर्मा भी हमले में घायल हुआ था, परंतु वह अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है.
घटना के तत्काल बाद पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी फुटेज व चश्मदीदों के बयान के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार युवकों की पहचान आदित्यपुर कल्पनापुरी निवासी सूरज राय, आदित्यपुर मांझीटोला निवासी धरणी दास उर्फ प्रशांतो दास और समीर गोराई के रूप में की गई. तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
हालांकि, इस हमले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी भी दाखिल की गई है ताकि घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी की जा सके. अब तक हमले में प्रयुक्त लाठी, डंडा और हॉकी स्टिक की जब्ती नहीं हो पाई है, जिससे जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं.
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने घटना के साक्ष्य समय रहते एकत्र नहीं किए, जिससे केस कमजोर पड़ सकता है. वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है. जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है.
रीतेश की मौत के बाद उनके घर में मातम पसरा है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई हो, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.

