
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के व्यस्ततम बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. वीमेंस कॉलेज के सामने स्थित महिंद्रा के शो रूम के समीप बिजली का कार्य कर रहे एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि उसका सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतक की पहचान जुगसलाई गौरीशंकर रोड निवासी 37 वर्षीय गब्बर के रूप में की गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गब्बर एक निजी बिजली ठेकेदार के अधीन काम करता था और मंगलवार को महिंद्रा के शो रूम में मेन लाइन से वायरिंग करने का कार्य किया जा रहा था. इस दौरान उनके साथ एक हेल्पर भी मौजूद था. काम के क्रम में जैसे ही गब्बर ने हाई वोल्टेज लाइन से संपर्क साधा, उसे जबरदस्त करंट लगा. करंट लगने के बाद वह अनियंत्रित होकर सीधे सड़क पर गिर पड़ा. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला. घायल अवस्था में गब्बर को तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस हादसे में उसका सहयोगी भी आंशिक रूप से झुलस गया है और उसका इलाज चल रहा है.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई. मृतक की मौत की खबर फैलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. वे बिजली विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के कर्मचारियों से काम कराया जा रहा था, जो सीधे तौर पर जान के साथ खिलवाड़ है.
मौके पर बिष्टुपुर थाना की पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने कहा, “प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मृत्यु की बात सामने आई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी. संबंधित ठेकेदार और शो रूम प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है.”
परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है. मृतक गब्बर अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे और बूढ़े माता-पिता को छोड़ गया है. परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के कारण यह हादसा उनके लिए भारी आपदा बनकर टूटा है.
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और घायल कर्मी को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग की है.
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में चल रहे निजी निर्माण और बिजली से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है. यदि समय रहते हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था होती, तो शायद यह जान बचाई जा सकती थी.
नगर निगम, विद्युत विभाग और श्रम अधीक्षक को भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं.

