
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में शनिवार को इलाज में कथित लापरवाही को लेकर एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घटना अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड की है, जहां 82 वर्षीय बुजुर्ग हरिशंकर प्रसाद गुप्ता का इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि समय पर डॉक्टरों की उपलब्धता न होने और लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई।
मृतक के नाती प्रियांशु गुप्ता, जो मानगो के रहने वाले हैं, ने बताया कि उनके नाना हरिशंकर गुप्ता का पैर फिसलने से हड्डी टूट गई थी। इस कारण उन्हें गुरुवार को टीएमएच में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन बावजूद इसके किसी सीनियर डॉक्टर ने उन्हें देखने की जरूरत नहीं समझी।
प्रियांशु ने बताया, “हम बार-बार नर्सिंग स्टाफ और वॉर्ड में तैनात जूनियर डॉक्टरों से सीनियर डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज सुबह जब उन्हें उल्टियां होने लगीं और हालत और बिगड़ी, तब भी कोई विशेष चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं हुआ। थोड़ी ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।”
बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजन आक्रोशित हो उठे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्टाफ से धक्का–मुक्की करने लगे। अस्पताल कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर के लिए वॉर्ड के बाहर अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रबंधन की ओर से एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस मामले में अब तक अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही किसी डॉक्टर या चिकित्सा कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुष्टि हुई है। वहीं, परिजन अभी भी इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से लिखित माफीनामा और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम की मांग की है।
स्थानीय पुलिस को भी इस मामले की सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। टीएमएच प्रशासन मामले को संवेदनशील मानते हुए आगे किसी विवाद की स्थिति से बचने की कोशिश में जुटा है।
टीएमएच में हुई इस दुखद घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। बुजुर्ग मरीज की मौत और परिजनों के हंगामे के बाद अब पूरा मामला जांच के घेरे में आ गया है। आमजन की उम्मीद अब इस बात पर टिकी है कि क्या प्रबंधन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित करेगा या फिर यह मामला भी अतीत के कई मामलों की तरह समय के साथ धुंधला पड़ जाएगा।

