उदित वाणी, जमशेदपुर : उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुख्तार गैंग का शार्प शूटर अनुज कनौजिया के इनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसके संरक्षकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पुलिस ने अनुज को शरण देने के आरोप में राहुल सिंह राजपूत को हिरासत में लिया है और उससे सघन पूछताछ कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर अनुज कनौजिया को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा था और उसके मूवमेंट के पीछे कौन था.
सूत्रों के मुताबिक, अनुज कनौजिया सोनारी इलाके में करीब 10 से 15 दिनों तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के एक नेता के यहां ठहरा था. बाद में उसे सुरक्षित ठिकाने के रूप में गोविंदपुर स्थित अलतमास सिटी में भूमिहार मेंशन में रखा गया था. इस मेंशन का मालिक चिंटू सिंह उर्फ शशि शेखर बताया जा रहा है, जो मानगो का निवासी है. उसने यह जमीन काफी सस्ते दाम पर खरीदी थी और वहां लोगों को ठहराने का काम करता था. पुलिस राहुल सिंह राजपूत से अनुज कनौजिया के संबंधों को लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसके कहने पर उसे ठहराया गया था. पुलिस इस मामले में जमीन कारोबारी की भी तलाश कर रही है, जो फिलहाल फरार है.
खुफिया सूत्रों के अनुसार, जमशेदपुर में विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोपी रहे गणेश सिंह की हत्या की साजिश भी रची जा रही थी, जिसमें अनुज कनौजिया की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. इसके अलावा, यूपी और बिहार के कई अन्य अपराधियों का भी यहां आना-जाना बना हुआ था, जो अपने लाभ के लिए इस नेटवर्क का उपयोग कर रहे थे.
इस पूरे मामले में झामुमो के एक नेता का नाम सामने आ रहा है, जिसने अनुज कनौजिया को अपने कार्यालय सह आवास परिसर में कुछ दिनों तक शरण दी थी. इसके बाद वह गोविंदपुर शिफ्ट हो गया था. हालांकि, राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस सत्ताधारी नेता पर सीधे कार्रवाई करने से बच रही है.
फिलहाल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और जमशेदपुर पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रही है और सभी संदिग्ध कनेक्शनों को खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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