
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा चिड़ियाघर ने गुरुवार को ग्रामीण बच्चों के साथ अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस मनाया. इस वर्ष के उत्सव का विषय था “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास.” इस अवसर को मनाने के लिए चिड़ियाघर ने “मानव के लिए एक सतत आजीविका के रूप में वनों का महत्व” शीर्षक से एक व्याख्यान का आयोजन किया. चिड़ियाघर जीवविज्ञानी सह शिक्षा अधिकारी डॉ. सीमा रानी ने वनों के महत्व और पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने में उनकी आवश्यक भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्याख्यान दिया.
यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि हम अपने पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु और समग्र कल्याण में वनों के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार करें और महत्व दें, जिससे हमें उनके संरक्षण और सतत प्रबंधन में कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. इस कार्यक्रम में सरायकेला-खरसावां जिले के लगभग 30 ग्रामीण बच्चों ने अपने शिक्षकों के साथ भाग लिया. प्रतिभागियों के चिड़ियाघर दौरे के बाद, ‘स्पर्श करें और सीखें’ कार्यक्रम और संग्रहालय भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसमें संग्रहालय के नमूनों का प्रदर्शन किया गया और समारोह को सफल बनाया गया.

