
उदित वाणी, जमशेदपुर : 30 जुलाई को हुई टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में यूनियन के पूर्व सहायक सचिव एवं ट्यूब डिवीजन के कमेटी सदस्य सरोज कुमार सिंह ने पब्लिक रिलेशंस मद में खर्च होने वाली राशि के बारे में जानकारी मांगी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह लगभग 26 हजार रुपए और सालाना लाखों की राशि की राशि पब्लिक रिलेशंस के नाम पर खर्च की जाती है. कोषाध्यक्ष ने बताया कि यह राशि विभिन्न समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों को विज्ञापन स्वरूप दी जाती है.
इस पर सरोज सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सभी अखबारों को यह राशि क्या समान रूप से वितरित की जाती है? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खास समाचार पत्र हैं, जिन्हें विज्ञापन की एवज में भारी राशि दी जाती है. दूसरी ओर ये अखबार यूनियन और उसके पदाधिकारियों के विरुद्ध लगातार भ्रामक, तथ्यहीन और झूठे समाचार प्रकाशित कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में सीआरएम डिवीजन के पांच कमेटी सदस्यों को चार्जशीट दिए जाने से जुड़ी झूठी खबरों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह यूनियन की गरिमा पर सीधा प्रहार है.
उन्होंने मांग की कि ऐसे समाचार पत्रों को दी जाने वाली विज्ञापन राशि की समीक्षा की जानी चाहिए और अगर वे सुधार नहीं करते हैं, तो उनके साथ तत्काल विज्ञापन संबंध समाप्त करने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए. उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि कुछ अखबार कमेटी मेंबर्स के निजी व्हाट्सएप ग्रुप्स से संदेशों को तोड़-मरोड़ कर प्रकाशित करते हैं, जिससे उन पर प्रबंधन की कार्रवाई की तलवार लटक जाती है और अनावश्यक रूप से उनके बचाव के लिए यूनियन को भारी कसरत करनी पड़ती है.
