
214 की जगह अब 160 होंगी कमेटी मेंबरों की संख्या
74 कमेटी मेंबर्स कम होंगे, 50 सदस्यों पर एक निर्वाचन क्षेत्र होगा
यूनियन ने केन्द्र सरकार के आरआर कोड 2020 को किया शामिल
ऑफिस बेअरर्स के चुनाव में स्पेलिंग मिस्टेक होने पर फॉर्म रिजेक्ट नहीं होगा
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान संशोधन को लेकर हो रही पिछली कई बैठकों के बाद मंगलवार को यूनियन ने सर्वसम्मति से बदलावों को पास कर दिया. संविधान संशोधन की पुष्टि पर समिति की बैठक माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हुई. सबसे पहले यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने कहा कि पिछली दो बैठकों में आपने जो सुझाव दिए थे, हमने उन्हें संविधान संशोधन की प्रक्रिया में शामिल कर लिया है. महामंत्री सतीश कुमार सिंह ने सदन को बदलावों की जानकारी दी, जिसके बाद सदन ने प्रस्तावित संशोधन को सर्वसम्मति से पारित कर दिया. कमेटी मीटिंग में लगभग 135 कमेटी मेंबर्स मौजूद थे.

जानिए क्या हुआ बदलाव
1. यूनियन के संविधान में कुल 13 अनुच्छेद है. उसमें से अनुच्छेद दो के अनुसार अब टाटा वर्कर्स यूनियन एक फेडरेशन के रूप में कार्य करेगा.
2. अनुच्छेद पांच के तहत अब यूनियन चुनाव की अधिसूचना की तिथि तक जो भी यूनियन के सदस्य होंगे. उस संख्या को 50 से विभाजित किया जाएगा. इस तरह अब यूनियन में कमेटी मेंबरों की संख्या कम से कम 160 हो जाएगी. फिलहाल यह संख्या 214 है. यूनियन में लगभग 54 कमेटी मेंबर कम हो जाएंगे.
3. टाटा वर्कर्स यूनियन में अब टाटा स्टील के पूर्व कर्मचारियों का ही को-ऑप्शन हो पाएगा. पहले बाहर के लोगों को भी को-ऑप्ट किया जाता था.
4. किसी कारणवश यूनियन में अगर कोई सीट खाली रहती है तो 6 माह के अंदर उप चुनाव कराकर उसे भरा जाएगा.
5. अनुच्छेद दस के तहत केन्द्र सरकार के नये आईआर कोड 2020 को संविधान के उपनियमों में शामिल किया गया है. इसका औद्योगिक संबंध पर असर होगा.
6. यूसीएम (यूनियन कमेटी मेंबर) चुनाव के लिए प्रस्तावक और समर्थक की संख्या तीन होगी और पदाधिकारियों के चुनाव के लिए प्रस्तावक और समर्थक की संख्या चार होगी.
7. पदाधिकारियों का चुनाव लड़ने के फॉर्म में स्पेलिंग या टाइपिंग की गलती होने पर फॉर्म को रिजेक्ट नहीं किया जाएगा.

