
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने 100 फीसदी गैसीय हाइड्रोजन के उच्च दबाव पर परिवहन के लिए एपीआई एक्स 65 ग्रेड स्टील पाइप के विकास के लिए 15वीं सीआईआई डिजाइन एक्सीलेंस अवार्ड 2025 जीता है. 26 नवंबर को बेंगलुरू में आयोजित ग्लोबल डिजाइन समिट के दौरान यह अवार्ड मिला. उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील ने एपीआई एक्स65 ग्रेड इलेक्ट्रिक रेसिस्टेंस वेल्डेड (ईआरडब्ल्यू) पाइप विकसित किए हैं, जो 100 फीसदी शुद्ध गैसीय हाइड्रोजन को उच्च दबाव (100 बार तक) पर परिवहन करने में सक्षम हैं. यह हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बड़ी चुनौती का समाधान करता है. हॉट-रोल्ड स्टील कॉइल्स के डिजाइन और निर्माण से लेकर पाइप उत्पादन तक पूरी प्रक्रिया टाटा स्टील की आरएंडडी टीम द्वारा इन-हाउस की गई. इन पाइपों का परीक्षण इटली की आरआईएनए-सीएसएम एस.पी.ए. में किया गया, जो हाइड्रोजन परीक्षण की वैश्विक प्राधिकरण है, और सभी महत्वपूर्ण सॉर सर्विस तथा फ्रैक्चर प्रतिरोध आवश्यकताओं को पूरा किया.
टाटा स्टील के लिए मील का पत्थर
टाटा स्टील के लिए यह मील का पत्थर है. वह भारत की पहली स्टील कंपनी है, जो गैसीय हाइड्रोजन परिवहन के लिए हॉट-रोल्ड स्टील का उत्पादन करती है. जनवरी 2025 में, हाइड्रोजन पाइप के लिए पूर्ण एंड-टू-एंड क्षमता का प्रदर्शन किया.यह भारत के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन (ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और इंफ्रास्ट्रक्चर के लक्ष्य) का समर्थन करता है. टाटा स्टील का यह कार्य भारत को वैश्विक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में स्थापित करता है, जहां ऐसी स्टील की मांग 2026 से बढ़ने की उम्मीद है.
स्वच्छ ऊर्जा की ओर कदम
सुबोध पांडे, वाइस प्रेसीडेंट (टेक्नोलॉजी, आरएंडडी), टाटा स्टील, ने कहा कि यह अवार्ड स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए नवोन्मेषी समाधानों पर उनके फोकस को मजबूत करता है. सीआईआई डिजाइन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025 नवंबर में (बेंगलुरु में 25वें सीआईआई ग्लोबल डिजाइन समिट के दौरान) आयोजित किए गए थे, जिसमें कम्युनिकेशन डिजाइन और डीप-टेक जैसी श्रेणियों में उत्कृष्टता को मान्यता दी गई.

