
जमशेदपुर में एक एमटीपीए क्षमता वाले डेमॉन्स्ट्रेशन प्लांट स्थापित करने के लिए इंजीनियरिंग कार्य शुरू करने तथा नियामक मंजूरी प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने 11 दिसंबर गुरुवार को एनालिस्ट्स और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वर्चुअल मीटिंग आयोजित की, जो सेबी के नियमों के अनुपालन में हुई. यह मीटिंग कंपनी के हालिया बोर्ड मीटिंग (10 दिसंबर 2025) के आउटकम्स पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. मीटिंग में भारत बिजनेस के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फोकस रहा, जिसमें वॉल्यूम ग्रोथ, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, माइनिंग एसेट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और लो-कार्बन टेक्नोलॉजीज पर निवेश को प्राथमिकता दी गई. बोर्ड ने कई बड़े एक्सपैंशन और एक्विजिशन प्लान्स को अप्रूव किया, जो कंपनी की प्रॉफिटेबल ग्रोथ को मजबूत करेंगे. निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप, विवेकपूर्ण पूंजी आवंटन और लाभकारी विकास को आगे बढ़ाने के लिए टाटा स्टील निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देगी.
a) वॉल्यूम ग्रोथ में निवेश
b) वैल्यू-एडेड डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो में निवेश
c) भारत कारोबार की जरूरतों को पूरा करने के लिए चयनित माइनिंग एसेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
d) भविष्य की सस्टेनेबल स्टील मेकिंग के लिए नई लो-कार्बन, लो-कैपिटल इंटेंसिटी प्रोसेस टेक्नोलॉजीज में निवेश.
ये हैं फैसले
1. बोर्ड ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में 4.8 एमटीपीए क्षमता विस्तार के लिए सिद्धांत रूपी मंजूरी प्रदान की है. यह एनआईएनएल में क्षमता विस्तार का फेज वन है और इससे टाटा स्टील को लॉन्ग प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो को और विस्तार देने में मदद मिलेगी. विशेष रूप से उच्च लाभकारी रिटेल सेगमेंट में तथा भारत में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ का फायदा नए प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस के माध्यम से उठाया जा सकेगा.
2. फ्लैट प्रोडक्ट्स में फिनिश्ड स्टील क्षमता को और बढ़ाने के हिस्से के रूप में बोर्ड ने टाटा स्टील मेरामंडाली में 2.5 मिलियन टन थिन स्लैब कास्टर और रोलिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए डिजाइन और इंजीनियरिंग कार्य करने तथा सभी नियामक मंजूरियां प्राप्त करने के लिए आवश्यक फंड्स को मंजूरी दी है. इससे विशेष रूप से पतले गेज प्रोडक्ट्स की फिनिश्ड स्टील क्षमता 2.5 एमटीपीए तक बढ़ जाएगी.
3. टाटा स्टील विभिन्न प्रोडक्ट लाइन्स में अपनी डाउनस्ट्रीम फैसिलिटीज को लगातार विस्तार दे रहा है ताकि ग्राहकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके. इसी स्ट्रैटेजी के अनुरूप और कंस्ट्रक्शन के लिए कलर कोटेड बिजनेस में टाटा स्टील ब्लूस्कोप प्राइवेट लिमिटेड जॉइंट वेंचर में होल्डिंग्स को हाल ही में समेकित करने के निर्णय के बाद बोर्ड ने आज महाराष्ट्र के तरापुर में मौजूदा कोल्ड रोलिंग कॉम्प्लेक्स में 0.7 एमटीपीए हॉट रोल्ड पिकलिंग एंड गैल्वेनाइजिंग लाइन (एचआरपीजीएल) स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है. यह भारत में अपनी तरह की पहली फैसिलिटी होगी और इससे टाटा स्टील अपने ऑटोमोटिव ग्राहकों की जरूरतों को पूरा कर सकेगा, इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन को बढ़ावा मिलेगा तथा इस सेगमेंट में कंपनी की लीडरशिप पोजीशन और मजबूत होगी.
4. चूंकि महाराष्ट्र निकट भविष्य में एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रख रहा है और पश्चिमी तथा दक्षिणी भारत में ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए टाटा स्टील ने लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के साथ आयरन ओर माइनिंग, लॉजिस्टिक्स (स्लरी पाइपलाइन सहित), पेलेट्स और स्टील मेकिंग के क्षेत्रों में पार्टनरशिप के लिए एमओयू साइन किया है. दोनों कंपनियां महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में निम्नलिखित अवसरों का संयुक्त रूप से अन्वेषण करेंगी:
a) माइनिंग कंसेशंस और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन, जिसका उद्देश्य आयरन ओर उत्पादन बढ़ाना और भारत के नए आयरन ओर हब के रूप में विकसित हो रहे इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी बनना है.
b) टाटा स्टील द्वारा दो फेज में 6 मिलियन टन ग्रीनफील्ड स्टील क्षमता का विकास तथा
c) लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (एलएमईएल) द्वारा गढ़चिरोली में विकसित किए जा रहे प्रस्तावित इंटीग्रेटेड स्टील प्रोजेक्ट्स में स्ट्रैटेजिक कोऑपरेशन.
5. टाटा स्टील ने थ्रिवेनी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड (टीपीपीएल) में 50.01 प्रतिशत स्टेक हासिल करने के लिए निश्चित समझौते साइन किए हैं, जो नियामक मंजूरियों के अधीन है. टीपीपीएल ब्रह्मानी रिवर पेलेट्स लिमिटेड (बीआरपीएल) में 100 फीसदी स्टेक रखती है, जो ओडिशा के जाजपुर में 4 एमटीपीए पेलेट प्लांट तथा 212 किलोमीटर स्लरी पाइपलाइन का संचालन करती है. टीपीपीएल में शेष 49.99 फीसदी स्टेक एलएमईएल के पास है.
6. टाटा स्टील पिछले एक दशक से अपने आईजमुइडेन प्लांट में हिजार्ना टेक्नोलॉजी पर पायलट प्लांट चला रहा है. हिजार्ना टेक्नोलॉजी एक लो-कार्बन टेक्नोलॉजी है जो निम्न गुणवत्ता वाले आयरन ओर का उपयोग करती है, कोक के उपयोग को खत्म करती है तथा स्टील स्लैग का भी उपयोग करती है, जिससे यह भविष्य के लिए सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी बन जाती है. पिछले कुछ वर्षों में टाटा स्टील एक बड़ी ग्लोबल स्टील कंपनी के साथ मिलकर आईजमुइडेन पायलट प्लांट में ट्रायल्स चला रहा है. बोर्ड ने आज ट्रायल्स की प्रगति की समीक्षा की, टेक्नोलॉजी की स्केलेबिलिटी अवसरों की समीक्षा की तथा जमशेदपुर में लगभग एक एमटीपीए क्षमता वाले डेमॉन्स्ट्रेशन प्लांट स्थापित करने के लिए इंजीनियरिंग कार्य शुरू करने तथा नियामक मंजूरी प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी है. टाटा स्टील के पास हिजार्ना प्रोसेस टेक्नोलॉजी के ग्लोबल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हैं और यह कंपनी के लिए नई टेक्नोलॉजी क्षेत्र में प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक है.

