
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जो निवेशकों के बीच उत्साह का विषय बन गए हैं. कंपनी का समेकित नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 272 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाते हुए 3,102 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. यह पिछले साल की समान तिमाही में 835 करोड़ रुपये के लाभ से काफी बेहतर प्रदर्शन है. कंपनी की राजस्व से आय (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस) भी 9 प्रतिशत बढ़कर 58,500 करोड़ रुपये के आसपास रही, जो पहली तिमाही के 53,178 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत अधिक है. यह सुधार मुख्य रूप से कच्चे माल की कम लागत, घरेलू बिक्री में वृद्धि और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार के कारण हुआ है, हालांकि स्टील कीमतों में नरमी ने कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई है.
इस वित्तीय वर्ष में 40 हजार करोड़ का प्लान
टाटा स्टील के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “यह तिमाही हमारे सतत प्रयासों का प्रमाण है. हम भारत की बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं.” कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 40,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान की भी पुष्टि की, जिसमें कलिंगनगर प्लांट में 3 मिलियन टन क्षमता वृद्धि और यूके में ईएएफ (इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस) परिवर्तन शामिल है.
शेयर बाजार में प्रतिक्रिया मिली-जुली रही
टाटा स्टील के शेयर एनएसई पर 1.29 प्रतिशत गिरकर 178.70 रुपये पर बंद हुए, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत नतीजों से लंबी अवधि में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. ब्रोकरेज फर्म्स ने लक्ष्य मूल्य बढ़ाने के संकेत दिए हैं और कंपनी को मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में देखा जा रहा है, जो पिछले दस वर्षों में 724 प्रतिशत रिटर्न दे चुकी है.टाटा स्टील का यह प्रदर्शन स्टील सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर जब वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास की पृष्ठभूमि में. निवेशक अब डिविडेंड घोषणा और आने वाली तिमाहियों पर नजर रखे हुए हैं.

