
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील में कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता का दौर लगातार जारी है. कर्मचारी वेज रिवीजन के तहत होने वाली संभावित बढ़ोतरी को लेकर गुणा-भाग कर रहे हैं तो एनएस ग्रेड के कर्मचारी काफी सशंकित नजर आ रहे हैं कि पिछले वेज रिवीजन समझौता की तरह वे इस बार भी तो कहीं ठगे तो नहीं जाएंगे. एनएस ग्रेड के कर्मचारी वर्ष 2012 के पैटर्न पर ही वेज रिवीजन समझौता चाहते हैं. वे 2012 और 2018 के वेज रिवीजन समझौता के आधार पर लाभ हानि की तुलनात्मक अध्ययन कर रहे हैं.
क्यों 2012 के पैटर्न पर चाहते हैं वेतन समझौता
वर्ष 2012 से लागू वेज रिवीजन समझौता में एनएस फोर ग्रेड के लिए बेसिक 8000 रूपये में 2233 रूपये डीए और 30.13 प्रतिशत एमजीबी 3084 रुपए को जोड़कर 13330 रूपये से 21330 तक बेसिक तय किया गया था, जबकि वार्षिक इंक्रीमेंट 250 रूपये से बढ़ाकर 400 रूपये किया गया था. अगर इस पैटर्न पर 2018 में भी समझौता होता तो इस ग्रेड का बेसिक 23887 से 38207 रूपये तक तथा वार्षिक इंक्रीमेंट 716 रुपए होता, लेकिन अलग पैटर्न पर समझौता करने के कारण बेसिक 19405 से 30905 रूपए तक और इंक्रीमेंट 573 रूपये किया है. इसका कारण एमजीबी का पुनरीक्षित स्केल में शामिल नहीं किया जाना माना जा रहा है.
हालांकि कर्मचारियों के साथ कमेटी मेंबरों का कहना है कि 31 दिसंबर 2017 को कंपनी के पेरोल में शामिल एनएस ग्रेड को व्यक्तिगत रूप से 23 प्रतिशत एमजीबी तो दे दिया गया, लेकिन इनको प्रतिमाह 143 रूपये का इंक्रीमेंटल वैल्यू का नुकसान हो रहा है. कमेटी मेंबरों का कहना है कि इसी तरह एनएस वन का पुराने पैटर्न पर समझौता करने पर अधिकतम बेसिक 33412 रूपये तय होता जबकि 27395 रुपए तय किया गया है. डीए शून्य करने का भी बड़ा नुकसान हो रहा है. जबकि एफडीए 800 रूपये से घटाकर 500 रूपये कर दिया गया. अगस्त 2024 में एनएस वन ग्रेड में योगदान करनेवाले कर्मचारियों का बेसिक अभी 17295 रूपए है जबकि पुराने पैटर्न पर बिना शून्य डीए पर बेसिक 29552 रुपए होता. अगस्त 2024 से योगदान करने वाले एनएस सेवन का बेसिक 23942 रूपये है जो करीब 5500 रूपये कम है.

