
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेन्द्रन ने शुक्रवार को एमडी ऑनलाइन में महत्वपूर्ण अपडेट दिए. उन्होंने बताया कि ओडिशा सरकार ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) को 6.2 मिलियन टन प्रति वर्ष स्टील उत्पादन के लिए पर्यावरण मंजूरी (एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस) प्रदान कर दी है. नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल), जो टाटा स्टील की सहायक कंपनी है और ओडिशा के कलिंगनगर में स्थित है, वर्तमान में 1 मिलियन टन प्रति वर्ष (1 एमटीपीए) की क्षमता से संचालित हो रहा है. टाटा स्टील के अधिग्रहण के बाद प्लांट को सफलतापूर्वक पुनः चालू किया गया और अब यह अपनी मौजूदा क्षमता पर पूर्ण रूप से काम कर रहा है.
हाल के आंकड़ों के अनुसार, एनआईएनएल ने इस वित्तीय वर्ष में मजबूत प्रदर्शन दिखाया, जिसमें राजस्व में वृद्धि और ऑपरेशनल प्रॉफिट दर्ज किया गया. यह पर्यावरण मंजूरी एनआईएनएल की विस्तार योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है.टाटा स्टील पहले ही एनआईएनएल में 4.8 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता विस्तार (फेज-1) को मंजूरी दे चुकी है और कुल मिलाकर भविष्य में क्षमता को 10 मिलियन टन तक बढ़ाने की योजना है. इससे लॉन्ग प्रोडक्ट्स (विशेषकर रिटेल सेगमेंट) में टाटा स्टील की स्थिति मजबूत होगी और भारत के निर्माण क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा टाटा स्टील ने अन्य अपडेट भी साझा किए, जिसमें टाटा आशियाना की वेबसाइट अब हिंदी संस्करण में उपलब्ध है, जिससे ग्राहकों को आसानी होगी. टाटा स्टील के प्रोडक्ट स्मार्ट फैब का उपयोग अब नेपाल के एक प्रोजेक्ट में किया जा रहा है.ये कदम टाटा स्टील की भारत में मजबूत वृद्धि और सस्टेनेबल विकास की रणनीति को दर्शाते हैं। कंपनी ओडिशा को अपने भविष्य के प्रमुख स्टील हब के रूप में विकसित कर रही है. इस बार कोई सवाल-जवाब नहीं हुआ.

