
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील में चालू वित्तीय वर्ष में करीब छह प्राणघातक दुर्घटना को प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है. गुरुवार को कंपनी के उपाध्यक्ष सेफ्टी राजीव मंगल की अध्यक्षता में प्रबंधन और यूनियन की बैठक हुई. बैठक सुबह 10 बजे से शुरू हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली. बैठक में इसे लेकर चिंता व्यक्त की गई. दुर्घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए मंथन किया गया, जिसमें यूनियन की ओर से कई सुझाव दिए गए.
यूनियन ने कंपनी की साफ़-सफाई के साथ लाइटिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा. यूनियन का कहना था कि साफ-सफाई के लिए वेंडर की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. अनुबंध के समय शर्तों को शामिल किया जाना चाहिए. प्लांट में समुचित प्रकाश की व्यवस्था नहीं है. सेफ्टी के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करने का भी सुझाव दिया गया. इसके लिए यूनियन पदाधिकारियों को शॉप फ्लोर तक जाकर कर्मचारियों को जागरूक करने, सेफ्टी के लिए उनकी जरूरतों और उनके सुझावों को प्रबंधन तक पहुंचाने की बात हुई. यूनियन ने ई परमिट को लेकर भी सवाल उठाया.
यूनियन का कहना था कि एक आदमी 25 परमिट देता है, जो व्यवहारिक नहीं है क्योंकि एक व्यक्ति इतनी जगह नजर नहीं रख सकता है. इसमें सुधार की जरूरत है. बैठक में प्रबंधन की ओर से राजीव मंगल के अलावा चीफ सेफ्टी नीरज कुमार सिन्हा, यूनियन की ओर सभी पदाधिकारियों में संजीव चौधरी, सतीश सिंह, शैलेश सिंह, आमोद दुबे, राजीव चौधरी, संजय सिंह, अजय चौधरी, श्याम बाबू आदि शामिल थे.

