
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील की परामर्श इकाई टाटा स्टील इंडस्ट्रियल कंसल्टिंग (टीएसआईसी) ने आईआईएम कलकत्ता के मैनेजमेंट सेंटर फॉर ह्यूमन वैल्यूज़ (एमसीएचवी) के साथ मिलकर 3 से 7 नवंबर, 2025 तक पांच दिवसीय ‘क्रूसिबल वर्कशॉप’ आयोजित करने जा रहा है. यह कार्यशाला खास तौर पर रणनीति निर्माताओं के लिए तैयार की गई है. इसमें विश्वस्तरीय अध्ययन और केस स्टडीज़ को एक साथ लाकर प्रतिभागियों को व्यावहारिक और अनुभवात्मक सीखने का अवसर मिलेगा. यह पहल प्रतिभागियों को ऐसा अनोखा अनुभव देगी, जो भारत के अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दुर्लभ है.
भारतीय कंपनियों का शिक्षण मंच
‘क्रूसिबल वर्कशॉप’ भारतीय कंपनियों के लिए एक गहन शिक्षण मंच है, जो उन्हें चौथी औद्योगिक क्रांति की यात्रा को समझने, उसका महत्व जानने और आगे बढ़ने के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है.यह शिक्षण मंच बताता है कि किस प्रकार कुछ चुनिंदा कंपनियां संगठनात्मक प्रणालियों और मानव व्यवहार में बदलाव लाकर इन नई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही हैं.
ग्लोबल लाइटहाउस फैक्ट्री का दर्जा
भारत में जमशेदपुर और कलिंगानगर स्थित टाटा स्टील के संयंत्रों के साथ-साथ नीदरलैंड्स के आईमुदीन स्थित संयंत्र को भी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा फोरआईआर तकनीकों के अग्रणी उपयोग के लिए ‘ग्लोबल लाइटहाउस फैक्ट्री’ का दर्जा दिया गया है. इस कार्यशाला के माध्यम से टाटा स्टील अपनी दशकों लंबी अनुभव-संपदा अन्य संगठनों और उन लीडर्स के साथ साझा करेगी, जो इसी तरह की उन्नत विनिर्माण इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं. यह पहल न केवल भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय उद्योग को भविष्य के लिए तैयार भी करेगी.

