
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस सितंबर के पहले सप्ताह तक घोषित कर दिया जाएगा. पिछले साल कर्मचारियों को 17.89 प्रतिशत बोनस मिला था. इस साल प्रतिशत कम होगा, लेकिन बोनस राशि में बढ़ोतरी होगी.
पिछले वित्तीय वर्ष में रिटायरमेंट और अर्ली सेपरेशन स्कीम के कारण कर्मचारियों की संख्या कम हो गई है. नतीजतन, बोनस राशि का औसत प्रति कर्मचारी बढ़ेगा. वर्ष 2024 में 303.13 करोड़ का बोनस मिला था, जो 2023 से 11.57 करोड़ कम था.
कंपनी का लाभ और बोनस गणना
वर्ष 2023-24 में टाटा स्टील का नेट प्रॉफिट 4807.4 करोड़ रहा. जबकि 2022-23 में यह 10654 करोड़ था. पिछले साल एक्सेप्शनल आइटम जोड़ने पर नेट प्रॉफिट 11275 करोड़ हुआ था. इसी आधार पर डेढ़ प्रतिशत राशि 169.13 करोड़ बनी.
2024 में प्रोफिटेबिलिटी 49 करोड़, प्रोडक्टिविटी 80 करोड़ और सेफ्टी (एलटीआईएफआर) में 5 करोड़ जोड़े गए. कुल मिलाकर 303.13 करोड़ का बोनस हुआ, जबकि 2023 में यह 298.82 करोड़ था. यूनियन की पहल पर बाद में 15.88 करोड़ और जोड़े गए, जिससे कुल राशि 314.70 करोड़ यानी 20 प्रतिशत हो गई.
बोनस में मदवार राशि (2024)
1. नेट प्रॉफिट 11275 – 169.13 करोड़
2. प्रोफिटेबिलिटी – 49 करोड़
3. प्रोडक्टिविटी – 80 करोड़
4. सेफ्टी (एलटीआईएफआर) – 5 करोड़
बोनस में मदवार राशि (2023)
1. नेट प्रॉफिट 10654 – 159.82 करोड़
2. प्रोफिटेबिलिटी – 49 करोड़
3. प्रोडक्टिविटी – 90 करोड़
4. सेफ्टी (एलटीआईएफआर) – शून्य
चार कंपनियों का बोनस भी शामिल
पिछले साल टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स, टाटा मेटालिक्स और टाटा स्टील माइनिंग का बोनस टाटा स्टील के साथ ही तय किया गया था. इस साल पहली बार तार कंपनी का बोनस भी इसमें जोड़ा जाएगा.
कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि
चार कंपनियों के विलय के बाद स्थायी कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 27454 हो गई है. 2023 में यह संख्या 23445 थी.
जमशेदपुर कर्मियों का बोनस घटा
जमशेदपुर (ट्यूब समेत) के 11654 कर्मियों को 168.64 करोड़ का बोनस मिला. यह 2023 में मिले 186.51 करोड़ से कम था.
ओल्ड और एनएस ग्रेड का बोनस
पिछले साल ओल्ड ग्रेड का अधिकतम बोनस 4,09,462 रुपये रहा, जो 2023 में 4,61,019 रुपये था. औसत राशि भी घटकर 1,44,706 रुपये रह गई. एनएस ग्रेड कर्मियों का अधिकतम बोनस 1,13,515 रुपये और न्यूनतम 38,203 रुपये रहा.
कब कितना मिला बोनस
* 2024 – 303.13 करोड़ (17.89%)
* 2023 – 314.70 करोड़ (20%)
* 2022 – 317.51 करोड़ (20% + 20 हजार रुपये अतिरिक्त)
* 2021 – 270.28 करोड़ (16%)
* 2020 – 235.54 करोड़ (12.90%)
* 2019 – 239.61 करोड़ (15.86%)
* 2018 – 203.24 करोड़ (12.54%)
* 2017 – 164.00 करोड़ (11.27%)
* 2016 – 130 करोड़ (8.60%)
* 2015 – 154.72 करोड़ (8.53%)

