
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने हाइड्रोजन परिवहन के लिए एपीआई एक्स 65 पाइप के डिजाइन और विकास के लिए मेकेनिकल/मेटेरियल श्रेणी में 63 वां आरएंडडी 100 अवॉर्ड प्राप्त किया है. यह परियोजना कंपनी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिवीजन के प्रोडक्ट डेवलपमेंट रिसर्च ग्रुप के नेतृत्व में पूरी की गई है. यह पुरस्कार भारत के स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण के अनुरूप तकनीक-आधारित उत्पादों के विकास के प्रति टाटा स्टीलकी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करता है. 1963 से शुरू हुआ है यह अवार्ड इनोवेशन के ऑस्कर या इंजीनियरिंग के नोबेल प्राइज के रूप में जाना जाता है. आरएंडडी 100 अवॉर्ड्स कार्यक्रम 1963 से विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित नवाचार सम्मानों में गिना जाता है.
टाटा स्टील की प्रतिबद्धता का प्रमाण
सुबोध पांडे,वाइस प्रेसीडेंट –टेक्नोलॉजी, आरएंडडी, एनएमबी और ग्रेफीन, टाटा स्टील ने कहा कि आरएंडडी 100 अवॉर्ड प्राप्त करना टाटा स्टील की उस प्रतिबद्धता और क्षमता का सशक्त प्रमाण है जिसके बल पर हम समय के साथ बदलती घरेलू और वैश्विक ज़रूरतों को पूरा करने वाले अभिनव उत्पाद और समाधान विकसित कर रहे हैं. टाटा स्टील का रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिवीजन मार्च 2022 में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा के बाद से ही हाइड्रोजन परिवहन के लिए अभिनव और सतत समाधान विकसित करने में व्यापक रूप से सक्रिय रहा है. इस वर्ष जनवरी में टाटा स्टील भारत की पहली इस्पात कंपनी बनी जिसने हाइड्रोजन परिवहन हेतु पाइप्स के विकास में एंड-टू-एंड क्षमताओं का प्रदर्शन किया.
यह उपलब्धि देश के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. पूरी तकनीक का विकास हॉट रोल्ड स्टील के डिजाइन और विकास से लेकर पाइप निर्माण तक टाटा स्टील ने सस्वयं इन-हाउस किया है. कंपनी के कलिंगानगर प्लांट में निर्मित उच्च गुणवत्ता वाले स्टील से खोपोली प्लांट में तैयार किए गए एपीआई X65 इलेक्ट्रिक रेज़िस्टेंस वेल्डेड पाइप्स ने हाइड्रोजन परिवहन के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया.

