
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (टीपीसीडीटी) ने अनुपम खेर स्टूडियो के सहयोग से जमशेदपुर के पीजेपी सिनेपोलिस, पीएम मॉल, बिष्टुपुर में “तन्वी द ग्रेट” फिल्म दिखाई. यह आयोजन टाटा पावर की प्रमुख पे ऑटेंशन पहल के तहत ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और व्यापक न्यूरोडायवर्सिटी स्पेक्ट्रम के बारे में जागरूकता, समझ और स्वीकृति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. फिल्म की स्क्रीनिंग में टाटा पावर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और 550 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए. न्यूरोडायवर्स और दिव्यांगजन, उनके अभिभावक, देखभालकर्ता, विशेषज्ञ, पे ऑटेंशन भागीदार एनजीओ और टाटा समूह की कंपनियां शामिल रहीं. यह अनुभव और हो, इसके लिए आयोजन स्थल पर समावेशी संवेदी (सेंसरी) माहौल तैयार के लिए समर्पित स्टार्टअप, सेंसरी ऑल द्वारा बनाया गया पे ऑटेंशन सेंसरी एक्सपीरियंस ज़ोन स्थापित किया गया. इस इमर्सिव ज़ोन ने आगंतुकों को न्यूरोडाइवर्स के नज़रिए से दुनिया से जुड़ने का अनूठा अवसर प्रदान किया.
चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में भी होगी स्क्रीनिंग
टाटा पावर और अनुपम खेर स्टूडियो, इस साझेदारी के ज़रिए “तन्वी द ग्रेट” की विशेष स्क्रीनिंग और पे ऑटेंशन एक्सपीरियंस ज़ोन को चार और शहरों – चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में ले जाएंगे. इससे न्यूरोडायवर्स और न्यूरोटिपिकल लोगों, शिक्षक, एनजीओ, देखभाल करने वाले और नीति निर्माताओं के लिए संवाद की समावेशी जगह तैयार होगी. स्क्रीनिंग में पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मेंटली हैंडीकैप्ड जमशेदपुर, सबल (टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल), ज्ञानोदय नोबल अकादमी, अलीग एजुकेशनल सोसाइटी, आसा, आराध्या सहित कई सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसके साथ ही टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा स्टील फाउंडेशन, टाटा टेक्नोलॉजीज़, टाटा कमिंस और टाटा पावर जैसी टाटा समूह की कंपनियों के सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी रही.
इससे संवाद बढ़ेगा
सीएचआरओ और सस्टेनेबिलिटी एवं सीएसआर प्रमुख हिमाल तिवारी ने इस मौके पर कहा, “समावेश का मतलब ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के साथ अलग तरह व्यवहार करना नहीं, बल्कि उनकी विशिष्टता को मुख्यधारा में शामिल करना है. तन्वी द ग्रेट के साथ हम ऐसे संवाद को बढ़ावा देना चाहते हैं जो सहानुभूति पैदा करे और भिन्नताओं को स्वीकार करे. समावेशी और वहनीय विकास के प्रति टाटा पावर की प्रतिबद्धता हमें पे ऑटेंशन कार्यक्रम ज़रिये ऐसे किसी फर्क को पाटने के लिए प्रेरित करती है. यह कार्यक्रम भारत का पहला भौतिक (फिज़िकल) और डिजिटल न्यूरोडायवर्सिटी समर्थन नेटवर्क है, क्योंकि हमारी दुनिया में हर तरह का मस्तिष्क वाकई मायने रखता है.
फिल्म मेरी भतीजी तन्वी से प्रेरित है
वरिष्ठ अभिनेता और निर्देशक, अनुपम खेर ने कहा, “हम सभी कहानियों से बने हैं, वे हमें आकार देती हैं, हमें प्रेरित करती हैं और हमें जोड़ती हैं. कहानी कहने वाले के रूप में, यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन कहानियों पर रोशनी डालें जो अच्छाई और समावेश को बढ़ावा देती हो. ‘तन्वी द ग्रेट’ मेरी भतीजी तन्वी के जीवन से प्रेरित एक बेहद निजी फिल्म है, जो कई न्यूरोडायवर्स व्यक्तियों की तरह प्रतिभा और क्षमता से भरपूर है. यह कहानी असल मायने में तब सफल होगी जब यह देश भर के लोगों के दिल तक पहुंचेगी. हमें टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, जिसकी पे ऑटेंशन पहल ऑटिज़्म और न्यूरोडायवर्सिटी के बारे में जागरूकता और समर्थन पैदा कर रही है. उम्मीद है कि हम साथ मिलकर अपने न्यूरोडायवर्स समुदाय के लिए स्थायी और सार्थक ला सकेंगे.”
