
उदित वाणी, जमशेदपुर : भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक और टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टाटा पावर) की सहायक कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने वित्त वर्ष ‘26 की पहली तिमाही के दौरान 752 मेगावाट की नवीकरणीय सौर परियोजनाएं चालू कीं. तिमाही वृद्धि के लिहाज़ से यह उच्चतम आंकड़ा है, जो वित्त वर्ष ‘25 की पहली तिमाही के 354 मेगावाट के मुकाबले 112 प्रतिशत अधिक है. कंपनी की ईपीसी परियोजना स्थापनाएं निर्बाध निष्पादन, अनुशासित परियोजना प्रबंधन और गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं. कंपनी ने उन्नत इंजीनियरिंग प्रथाओं का लाभ उठाते हुए चुनौतीपूर्ण माहौल में भी परियोजनाएं निरंतर पूरी की हैं. मज़बूत आपूर्ति श्रृंखला, चुस्त निष्पादन मॉडल और मज़बूत विक्रेता भागीदारी, कंपनी को लागतों को अनुकूलित करते हुए परियोजनाएं पूरा करने में मदद करती है.
कंपनी की परिचालन क्षमता 5.6 गीगावाट हुई
वित्त वर्ष ‘26 की पहली तिमाही की परियोजनाएं चालू होने से अब कंपनी की कुल उपयोगिता (यूटिलिटी) स्तरीय परिचालन क्षमता 5.6 गीगावाट हो गई है, जिसमें 4.6 गीगावाट सौर और 1 गीगावाट पवन ऊर्जा शामिल है. कंपनी ने वित्त वर्ष ‘26 के दौरान 1.7 गीगावाट की अपनी यूटिलिटी स्वामित्व वाली क्षमता के अलावा 1 गीगावाट की तृतीय-पक्ष (थर्ड पार्टी) परियोजनाओं को चालू करने की भी योजना बनाई है. टाटा पावर ने वित्त वर्ष ‘26 के अंत तक कुल 7.3 गीगावाट परिचालन क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसमें सौर क्षमता 5.6 गीगावाट और पवन क्षमता 1.7 गीगावाट होगी. कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा स्थापनाएं न केवल भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में योगदान करती हैं, बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और वहनीयता के लक्ष्यों का समर्थन करने में इसकी रणनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करती हैं.
