
उदित वाणी, जमशेदपुर : व्यवहार न्यायालय में शुक्रवार को टाटा मोटर्स लिमिटेड से जुड़े चर्चित हेराफेरी मामले में एक अहम फैसला आया. जी.आर. कांड संख्या 1206/2022 में टाटा मोटर्स लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) अमितेश पांडेय द्वारा कंपनी के ही कर्मचारी गणेश बहरा पर ₹24,50,000 की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 408, 411 और 420 के तहत मामला दर्ज कराया गया था.
करीब तीन वर्षों तक चले इस मुकदमे की सुनवाई के बाद आज माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अदनान आकिब की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में गणेश बहरा को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया. अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपित ने किसी प्रकार की वित्तीय हेराफेरी की थी.
गणेश बहरा की ओर से अधिवक्ता श्री संजय प्रसाद एवं अधिवक्ता राहुल गोस्वामी ने प्रभावशाली पैरवी की. इस दौरान उनकी टीम में अधिवक्ता श्वेता सिंह, पूजा गुहा, प्रियंका जहाँ एवं निशांत जैन भी उपस्थित रहे.
इस निर्णय के बाद गणेश बहरा को बड़ी राहत मिली है. तीन वर्षों से चले आ रहे इस मामले में आज न्यायालय के फैसले के साथ न केवल उन्हें न्याय मिला बल्कि यह निर्णय टाटा मोटर्स कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.

