
31 को होगा मतदान, पहली बार एक सीट महिला के लिए हुआ आरक्षित
उदित वाणी, जमशेदपुर : तमाम विरोध के बावजूद टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन ने बुधवार को यूनियन चुनाव की घोषणा कर दी. यूनियन अध्यक्ष दिप्तेन्दू चक्रवर्ती के हस्ताक्षर से यूनियन चुनाव का नोटिस जारी कर दिया गया है. यूनियन का चुनाव एक सप्ताह के अंदर 31 जुलाई को होगा. यूनियन के चुनाव पदाधिकारी जुस्को के विवादास्पद चुनाव पदाधिकारी सीएस झा को बनाया गया है. उप चुनाव पदाधिकारी अश्विनी मथान होंगे, जो जुस्को चुनाव की जोड़ी थी. विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वर्तमान यूनियन ने जान बुझकर निर्वाचन क्षेत्रों में बदलाव किया है, ताकि अध्यक्ष दिप्तेन्दू चक्रवर्ती, महामंत्री सुमित कुमार और श्रीनिवास राव को किसी तरह से जीताया जा सके. इसे लेकर विरोधी खेमा मंगलवार पो प्लांट हेड से भी मिला था, लेकिन कुछ फर्क नहीं पड़ा. कहा जा रहा है कि यूनियन को पर्दे के पीछे से प्रबंधन का सपोर्ट है और प्रबंधन चाहता है कि इसी यूनियन को फिर से लाया जाय.
क्या है चुनाव कार्यक्रम
कार्यक्रम तिथि
निर्वाचन क्षेत्र का प्रकाशन 23 जुलाई
नामांकन पत्र प्राप्त करने की तिथि 24 जुलाई (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक)
नामांकन पत्र जमा करने की तिथि-25 जुलाई (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे)
उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन 25 जुलाई
नामांकन पत्रों की जांच 26 जुलाई
जांच के बाद सूची का प्रकाशन 26 जुलाई (शाम 4 बजे)
उम्मीदवारों की नाम वापसी 28 जुलाई (अपरा्हन 3 बजे तक)
निर्विरोध उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन-28 जुलाई (शाम 4.30 बजे)
मतदान की तिथि 31 जुलाई (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
10 निर्वाचन क्षेत्र
निर्वाचन क्षेत्र संख्या सीटों की संख्या
एटीपी 1 5
सीबीबीयू 2 2
सीएचबीयू 3 1
आरसीबीयू 4 2
सीआरबीयू 5 2
मेटेरियल्स 6 2
क्वालिटी 7 2
टूलिंग 8 1
ऑफिस 9 1
महिला (रिजर्व) 10 1
ईमेल और व्हाट्स अप भी मतदान
पहले कमेटी मेंबर का चुनाव होगा. चुने हुए कमेटी मेंबर्स यूनियन पदाधिकारी का चुनाव करेंगे. यूनियन विरोधी गतिविधि में शामिल होने वालों को चुनाव नहीं लड़ने दिया जाएगा. मतदान, कंपनी परिसर में होगा. टाई होने की स्थिति में टॉस से फैसला होगा. यूनियन के नोटिस में कहा गया है कि यूनियन में मतदान ईमेल या व्हाट्सअप के जरिए भी किया जा सकता है.
कोई विरोधी नेता चुनाव नहीं लड़ पाएगा
इस चुनाव में विरोधी खेमा का कोई भी उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाएगा. यूनियन ने सबको बाहर का रास्ता दिखा दिया है. यूनियन में एकमात्र एससी केटेगरी से आने वाले रमाकांत करूआ से लेकर मजदूरों के हित में आवाज उठाने वाले मनोज कुमार सिंह और धीरज कुमार सिंह को भी यूनियन ने पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया है. चन्द्रभूषण शुक्ला को प्रबंधन ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. ऐसे में इस चुनाव को लेकर पहले से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि विरोधी खेमा इसकी शिकायत श्रमायुक्त से कर सकता है और हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. लेकिन उन्हें इस बात का भी डर है कि कहीं प्रबंधन उन्हें नौकरी से बर्खास्त नहीं कर दें, क्योंकि यह चुनाव भले ही यूनियन का हो रहा है, मगर इसके पीछे प्रबंधन का पूरा सपोर्ट है.
