
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पिछले तीन-चार दिनों से आयकर रिटर्न इंकम टैक्स पोर्टल में रिटर्न फाइल करने में हो रही परेशानी एवं रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि को इनकम टैक्स पोर्टल एवं बैंक के द्वारा ई-पेमेंट पोर्टल दोनों ही व्यस्त होने के कारण आयकरदाताओं एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को आयकर रिटर्न फाइल करने में होनेवाली दिक्कतों से केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ध्यानाकृष्ट कराया है तथा इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय को भी प्रेषित किया गया है.
अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने बताया कि इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी और इंकम टैक्स पोर्टल एवं बैंक के द्वारा ई-पेमेंट पोर्टल दोनों ही व्यस्त थे. इससे टैक्स पेयर्स और टैक्स कन्सलटेंट को अपने क्लाइंट के टैक्स पेमेंट कराने में बहुत अधिक दिक्कत महसूस हो रही थी. उन्होंनें कहा कि यह जानकारी विभिन्न संस्थाओं द्वारा पिछले तीन-चार दिनों से लगातार ही वित्त मंत्रालय एवं सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स को दी जा रही थी.
इसके बावजूद भी सीबीडीटी ने इसमें सुधार के लिए कुछ नहीं किया. अंतिम दिन 15 सितंबर को रात्रि 12 बजे से कुछ देर पहले एक प्रेस रिलीज आई कि रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ा दी गई है. इससे ऐसा लगता है सीबीडीटी और वित्त मंत्रालय टैक्स पेयर्स के प्रति असंवेदनशील है, जब सीबीडीटी को यह जानकारी थी कि पिछले दो तीन दिनों से ऐसी दिक्कत आ रही है तो इसे बढ़ाने के लिए निर्णय एक दो दिन पहले ही ले लिया जाना चाहिए था.
उन्होने कहा कि पत्र के माध्यम से वित्त मंत्रालय को आग्रह किया गया है कि इस तरह की समस्याओं पर समय से निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि टैक्स पेयर्स एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को दिक्कत का सामना न करना पड़े.
आयकर रिटर्न की तिथि बढ़ाई जाय
उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल एवं सचिव अंशुल रिंगसिया ने कहा कि आगे 30 सितंबर टैक्स ऑडिट के रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि है. हमारा सरकार से यह निवेदन है कि आने वाले समय में त्योहारों एवं अन्य असुविधाआं को देखते हुये पहले से ही तिथि बढ़ाने के संबंध में कार्रवाई करे ताकि टैक्स पेयर्स एवं टैक्स प्रोफेशनल्स को दिक्कतें न हो.
कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया ने बताया कि अंतिम दिन आयकर रिटर्न फाइल करने के समय पोर्टल पर बार-बार सर्वर बिजी आ रहा था जिससे सेशन एक्सपायर हो जा रहा था. सर्वर बिजी होने और नहीं खुलने से चालान भी लगातार जमा नहीं हो रहा था और ओटीपी भेजने पर ओटीपी नहीं जाने की समस्या आ रही थी.

