
उदित वाणी, गुवा : सारंडा स्थित बरायबुरू वन विश्राम गृह में बुधवार को वन्य प्राणी सप्ताह का समापन समारोह सारंडा वन प्रमंडल और मेसर्स टाटा स्टील लिमिटेड की विजय-II लौह अयस्क खदान के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ. सप्ताह भर चले इस आयोजन में कंपनी ने आसपास के गांवों के बच्चों के बीच वन्य जीवों के प्रति संरक्षण और जागरूकता का संदेश देने के लिए कई प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए.
मुख्य अतिथि गुवा रेंज अफसर परमानंद रजक ने कार्यक्रम में कहा कि वन्य जीवों का संरक्षण हमारे पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है. वहीं खदान चीफ राजीव कुमार ने 2 से 8 अक्टूबर तक चले कार्यक्रमों का विवरण देते हुए बताया कि इस दौरान गांवों में पौधारोपण और पौधों का वितरण किया गया. साथ ही ग्रामीणों और बच्चों की भागीदारी से प्रभात फेरी निकाली गई तथा उन्हें वन्य प्राणियों एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. ग्रामीण बच्चों के लिए *नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर (एनआईसी), चाईबासा* का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया.
खान प्रबंधक विवेक कुमार अग्रवाल ने कहा कि वनों की कटाई, औद्योगिक विस्तार, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण अनेक दुर्लभ प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर हैं. उन्होंने कहा कि “जब तक जंगल और जानवर सुरक्षित हैं, तब तक मानव जीवन भी सुरक्षित है.” अग्रवाल ने बताया कि टाटा स्टील केवल इस्पात बनाने वाली कंपनी नहीं, बल्कि एक ऐसी संस्था है जो सतत विकास की विचारधारा पर चलती है. उन्होंने संस्थापक जमशेदजी टाटा के कथन को उद्धृत किया — “समाज जो हमें देता है, उसे लौटाना हमारा कर्तव्य है.”
कार्यक्रम में बरायबुरू मुंडा जुनू पूर्ति ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया. इस अवसर पर टाटा स्टील लिमिटेड के अंशुमान बेहरा, सुब्रत महापात्रा, संजय पाठक, अरुण कुमार सिंह, अमूल्य निसंक रे, हर्ष कुमार और रमेन्द्र कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

