
उदित वाणी, जमशेदपुर : न्यूवोको विस्टास लिमिटेड ने पूर्व भारत में बड़ा विस्तार करने की घोषणा की है. कंपनी लगभग 200 करोड़ रुपये निवेश कर अपनी ग्राइंडिंग क्षमता 4 एमएमटीपीए बढ़ाकर, वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक कुल 35 एमएमटीपीए क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रख रही है.
विस्तार योजना और निवेश
कंपनी अरसमेटा सीमेंट प्लांट में नई मिल जोड़ेगी, जबकि जोजोबेरा, पानागढ़ और ओडिशा प्लांट में डिबॉटलनेकिंग परियोजनाओं से अपनी मौजूदगी को मजबूत करेगी. इन पहलों के जरिए अगले 18 महीनों में पूर्वी भारत में कंपनी की सीमेंट क्षमता 19 एमएमटीपीए से बढ़कर 23 एमएमटीपीए हो जाएगी.
प्रीमियमाइजेशन और बाजार हिस्सेदारी
इस निवेश से पूर्व भारत में ब्लेंडेड सीमेंट के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी का विस्तार होगा, जिसमें प्रीमियमीकृत उत्पादों की अहम भूमिका होगी. कंपनी ने हाल ही में अपने सोनाडीह प्लांट में नया कोल अनलोडिंग और क्लिंकर लोडिंग सिस्टम शुरू किया, जिससे रेक हैंडलिंग समय लगभग 50% कम हुआ है, वहीं ओडिशा प्लांट में रेलवे साइडिंग से माल परिवहन और लागत में कमी आई है.
रणनीतिक बयान
कंपनी के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णस्वामी के अनुसार ― “भारत में सीमेंट की मांग अगले वित्त वर्ष में 7-8% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. वडराज सीमेंट लिमिटेड के अधिग्रहण और मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन से हम पूर्वी भारत में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए पश्चिमी और उत्तरी बाजारों में भी विस्तार की योजना बना रहे हैं”.
टिकाऊ विकास की ओर
न्यूवोको ने अपनी रणनीति को सस्टेनेबिलिटी के साथ जोड़ते हुए कहा है कि क्लिंकर-टू-सीमेंट अनुपात में सुधार और ब्लेंडेड सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़ाकर कंपनी CO₂ उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी लाएगी. यह पहल स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण की दिशा में कंपनी के विजन को स्पष्ट करती है.

