
उदित वाणी, जमशेदपुर : एसीसी लिमिटेड ने 30 जून 2025 को समाप्त पहली तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स (वित्तीय परिणाम) की घोषणा की है. कंपनी ने प्रीमियम सॉल्यूशंस की बिक्री, आरएमएक्स प्लांट्स की बढ़ती पहुंच, मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ (मात्रा वृद्धि), ऑपरेशनल एफिशिएंसी (परिचालन दक्षता) और लगातार मार्केट लीडरशिप के दम पर वित्तीय वर्ष की तेज शुरुआत की है.
एसीसी लिमिटेड के पूर्णकालिक डायरेक्टर और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा कि साल की एक उद्देश्य-संचालित और तेज शुरुआत के साथ हमारा प्रदर्शन हमारी इंटीग्रेटेड स्ट्रेटेजी (एकीकृत रणनीति) की ताकत को दर्शाता है, जो प्रीमियम बिक्री, ऑपरेशनल एक्सिलेंस (परिचालन उत्कृष्टता), कॉस्ट लीडरशिप और सस्टेनेबिलिटी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता पर आधारित है. वॉल्यूम में लगातार वृद्धि, दक्षता लाभ और डिजिटल परिवर्तन पहले हमें अपने ग्राहकों और हितधारकों को अधिक वैल्यू देने में सक्षम बना रही हैं. एसबीटीआई द्वारा मान्य हमारे साइंस-बेस्ड नेट-जीरो टारगेट्स के साथ हम जलवायु जिम्मेदारी में इंडस्ट्री (उद्योग) का नेतृत्व करना जारी रखे हुए हैं. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम जिम्मेदारी से स्केल करने, लगातार इनोवेट करने और एक भविष्य के लिए तैयार बिल्डिंग मटेरियल सॉल्यूशंस कंपनी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो देश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.
परिचालन संबंधी मुख्य बातें
1. मात्राओं में स्वस्थ वृद्धि, परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) प्रबंधन हमारी प्रगति की पुष्टि करते हैं और उद्योग-अग्रणी लागत प्रतिस्पर्धात्मकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं.
2. उच्च व्यापारिक मात्रा और व्यापारिक बिक्री मात्रा के प्रतिशत के रूप में उच्च प्रीमियम उत्पाद (7 प्रतिशत अंक सालाना वृद्धि) के कारण मात्रा में साल-दर-साल 12 फीसदी की वृद्धि हुई, जिससे बाजार नेतृत्व सुनिश्चित हुआ.
3. कम लागत वाले आयातित पेटकोक के उपयोग, बेहतर लिंकेज और कैप्टिव कोयले की खपत, तथा समूह कंपनियों के साथ तालमेल के साथ अनुकूलित ईंधन मिश्रण के परिणामस्वरूप प्रति हजार किलोकैलोरी भट्टी ईंधन लागत में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो 1.73 रूपए से घटकर 1.56 हो गई है.
4. दक्षता सुधार यात्रा के कारण रसद लागत 972 रूपए प्रति टन पर 5 प्रतिशत कम हो गई है. ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुसार व्हीलर अलाइनमेंट पर नई पहल की गई है, जिससे सड़क द्वारा सीधे प्रेषण में 2 प्रतिशत अंक की वृद्धि होकर 69 प्रतिशत हो गई है.

