
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों को ड्यूटी के दौरान दो घंटे का रिलीज मिल सकता है. इसके लिए प्रबंधन के साथ यूनियन ने कवायद शुरु कर दी है. 1956 में प्रबंधन और यूनियन के बीच ज्वाइंट कंसल्टेशन अवधारणा के तहत एक समझौता हुआ था. इस समझौते में कमेटी मेंबरों को कर्मचारियों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए प्रतिदिन ड्यूटी के दौरान दो घंटे रिलीज करने का प्रावधान किया था.
लेकिन हाल के वर्षों में कर्मचारियों के काम से ड्यूटी छोड़कर कंपनी से बाहर जाने पर दर्जन भर से अधिक कमेटी मेंबरों के खिलाफ प्रबंधन ने कार्रवाई करना शुरू कर दी. इससे कमेटी मेंबरों में हड़कंप मच गया. कमेटी मेंबरों ने यूनियन नेतृत्व पर दवाब बनाना शुरू कर दिया कि वे कैसे कर्मचारियों का काम करेंगे? यूनियन ने अपने कार्य योजना में एलटीसी और टीए व डीए के बाद बोनस पर समझौता करने के बाद प्राथमिकता कमेटी मेंबरों के रिलीज के मुद्दे को शामिल किया है.
