
उदित वाणी, पूर्वी सिंहभूम : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जिले के जनजातीय बहुल गांवों में ग्राम स्तरीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है. इन शिविरों का उद्देश्य यह है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके.
20 गांवों में एक साथ लगे शिविर, ग्रामीणों की उमड़ी भीड़
आज आयोजित 20 ग्राम स्तरीय शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया. प्रशासन के अनुसार, अब तक 250 से अधिक आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री की जा चुकी है. ग्रामीण आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपने दस्तावेजों के साथ योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहुंचे.
कौन-कौन सी योजनाओं से मिल रहा है लाभ?
शिविरों के माध्यम से निम्नलिखित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मौके पर ही दिया जा रहा है:
प्रधानमंत्री आवास योजना
आयुष्मान भारत योजना
राशन कार्ड वितरण
श्रमिक पंजीयन
किसान क्रेडिट कार्ड
वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन
नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन
उज्ज्वला योजना
मतदाता पहचान पत्र सुधार
टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच
पीएम किसान सम्मान निधि योजना
इसके अतिरिक्त आधार लिंकिंग, बैंक खाता खोलना, पेंशन सत्यापन और आवास की现场 जांच जैसे कार्य भी मौके पर किए जा रहे हैं.
शिविरों की सफलता में कौन-कौन हैं सहभागी?
इन शिविरों को सफल बनाने में प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव, सीएससी ऑपरेटर, सहायक अभियंता, बीसी, तथा अन्य विभागीय कर्मचारी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं. साथ ही समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य, कृषि, कल्याण और मत्स्य पालन विभाग की योजनाएं भी शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही हैं.
क्या धरातल पर बदल रहा है सिस्टम?
जिला प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी. धरती आबा जनभागीदारी अभियान केवल योजना का नाम नहीं, बल्कि सरकार की जनकेंद्रित सोच को धरातल पर उतारने की एक मजबूत पहल है.

