
उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई जिसमें राज्यहित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. जानिए बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय—
अल्पसंख्यक और सहायता प्राप्त विद्यालयों को राहत
राज्य के सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों, मदरसों और संस्कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9 और 10 के सभी छात्रों को अब पाठ्य-पुस्तकें और कॉपी नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी.
विज्ञान और प्रतियोगिता पत्रिका की स्वीकृति
सरकारी विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को ‘Science Magazine’ और कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को ‘Competitive Magazine’ उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई है.
झारखंड को मिलेगा अपना जल संसाधन आयोग
राज्य के समेकित जल विकास और प्रबंधन के लिए पहली बार झारखंड राज्य जल संसाधन आयोग गठित करने का निर्णय लिया गया. यह आयोग राज्य के नदी बेसिन क्षेत्रों में जल उपलब्धता और उसके सतत उपयोग की दिशा में काम करेगा.
सचिवालय सेवा संवर्ग में दो कर्मियों का समायोजन
रांची जिले के दो लिपिकों—राजीव रंजन चौबे और अफजल हसनैन हक्की—को क्षेत्रीय संवर्ग से हटाकर सचिवालय लिपिकीय सेवा संवर्ग में समायोजित करने की स्वीकृति दी गई है.
नया मैनपावर आउटसोर्सिंग मैनुअल
“Jharkhand Manpower Procurement (Outsourcing) Manual, 2025” के गठन को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की. इससे राज्य में आउटसोर्सिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी.
न्यायिक सेवा में सीधी नियुक्ति
झारखंड वरीय न्यायिक सेवा नियमावली 2001 और उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आधार पर श्री विकेश को जिला न्यायाधीश के पद पर सीधी भर्ती से नियुक्त किया गया.
स्वास्थ्य भवन निर्माण घोटाले की राशि पुनः आवंटित
चतरा जिले के ईटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन योजना में हुई गबन की राशि उपायुक्त द्वारा वसूलने की प्रत्याशा में, उसी राशि 22,07,722 रुपये को पुनः आवंटित करने की मंजूरी दी गई.
नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की रिपोर्टें सदन में पेश होंगी
भारत के CAG द्वारा प्रस्तुत झारखंड की दो रिपोर्टों—एकीकृत वित्तीय प्रणाली पर प्रतिवेदन (2025) और राज्य वित्त लेखा परीक्षा रिपोर्ट (31 मार्च 2024 तक)—को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई.
सेवानिवृत्त कर्मचारी को न्याय
WPS No. 3329/2022 मामले में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवानिवृत्त कर्मचारी राम विलास सिंह की सेवा नियमित की गई और उन्हें ACP/MACP का लाभ दिए जाने की स्वीकृति मिली.

