उदित वाणी, जमशेदपुर: रामनवमी विसर्जन जुलूस के दौरान बेहतर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) अनिकेत सचान ने की, जिसमें शहर के प्रमुख पेश-ए-इमाम, मस्जिदों के अध्यक्ष एवं महासचिव उपस्थित रहे.
प्रशासन ने मांगा सहयोग, नेताओं से की सद्भावना बनाए रखने की अपील
बैठक के दौरान एडीएम ने उपस्थित धार्मिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समुदाय में शांति और सद्भाव बनाए रखने हेतु सहयोग करें. उन्होंने कहा कि मस्जिदों में नमाज़ के समय, श्रद्धालुओं को भी प्रशासन की अपीलों से अवगत कराना जरूरी है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके.
कानून व्यवस्था में समाज की भागीदारी आवश्यक: एडीएम
सचान ने कहा कि सभी धर्मावलंबियों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्व मनाना चाहिए. उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे सड़क पर अड्डेबाज़ी, बाइक स्टंट या किसी प्रकार की उद्दंडता से बचें. उन्होंने चेतावनी दी कि विधि-विरुद्ध गतिविधियों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी है, और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
अवांछित तत्वों पर होगी नजर, समुदाय से सहयोग की अपेक्षा
एडीएम ने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय में मौजूद असामाजिक तत्वों की पहचान कर प्रशासन को सूचित करना समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे युवाओं की स्थानीय स्तर पर काउंसलिंग कर उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित किया जाए.
प्रशासन को मिला प्रतिनिधियों का आश्वासन
बैठक में उपस्थित सभी मस्जिद प्रतिनिधियों ने विधि व्यवस्था में सहयोग का पूर्ण आश्वासन दिया. कुछ स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग और बैरिकेडिंग जैसे सुझाव भी दिए गए, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
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