उदित वाणी, झारखंड: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा सितंबर 2024 में आयोजित स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही राज्य अपराध जांच विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय रिजर्व बटालियन (IRB) के पांच जवानों सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, CID ने अब तक यह स्पष्ट किया है कि परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र के लीक होने का कोई प्रत्यक्ष या भौतिक साक्ष्य नहीं मिला है। लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि कुछ गिरोहों ने अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे वसूले थे, जिससे पेपर लीक की अफवाहें तेजी से फैल गईं। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी इसी गिरोह से जुड़े हुए हैं।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
CID के मुताबिक, 21 और 22 सितंबर 2024 को झारखंड में आयोजित JSSC CGL परीक्षा के दौरान एक संगठित गिरोह ने परीक्षार्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र देने का झांसा दिया। इसके बदले में उनसे मोटी रकम वसूली गई। इस मामले में IRB के छह जवानों, असम राइफल्स के एक जवान और रामगढ़ में तैनात एक होमगार्ड को गिरफ्तार किया गया है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
CID की विशेष जांच टीम (SIT) मामले के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि इस गिरोह का सरगना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है। अब तक की जांच में यह साफ हो चुका है कि परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र के लीक होने का कोई तकनीकी या भौतिक प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन गिरोह के सदस्यों ने फर्जीवाड़ा कर अभ्यर्थियों से पैसे वसूले।
CID की अपील: सतर्क रहें, अफवाहों से बचें
CID ने अभ्यर्थियों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और अनधिकृत व्यक्तियों से संपर्क करने से बचें। साथ ही, परीक्षा से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह के गिरोह कितने समय से सक्रिय हैं और कितने उम्मीदवारों को ठगा जा चुका है। मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जबकि SIT मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
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