
उदित वाणी, झारखंड: राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संविधान के प्रति आचरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री ने संसद की सीढ़ी पर माथा टेका था, लेकिन इसके बाद संसद को बदल दिया गया. अब संविधान के प्रति उनकी नीयत पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संविधान को भी माथा टेका है. प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस प्रकार के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि एनडीए सरकार अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के खिलाफ क्या कदम उठाना चाहती है. यह एक गंभीर चिंता का विषय है, और सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
माब लिंचिंग पर सवाल उठाए
इसी दौरान, झारखंड कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सैयद रईस रिजवी छब्बन ने राज्य में हो रही माब लिंचिंग की घटनाओं पर गहरा ऐतबार जताया. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में झारखंड में तीन माब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं, जिसमें कपाली में एक वृद्ध फेरीवाले की हत्या की गई. रईस रिजवी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय अपनी जान की कीमत पर जिंदा नहीं रह सकता. उन्होंने इंडिया गठबंधन से आग्रह किया कि माब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए.
झारखंड में अल्पसंख्यकों के मुद्दे
रईस रिजवी छब्बन ने शास्त्री नगर और जुगसलाई में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुए घटनाओं को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि 2019 में जुगसलाई में हुए बवाल के बाद बेकसूर मुसलमानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे, और यह मामला अभी भी चल रहा है. इसके अलावा, 9 अप्रैल 2023 को शास्त्री नगर में सुनियोजित दंगा हुआ, जिसमें 47 नमाजी जेल भेजे गए और छह दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. रईस रिजवी ने सवाल उठाया कि जब इंडिया गठबंधन की सरकार है और कांग्रेस भी सत्ता में है, तो अल्पसंख्यक समुदाय को ऐसे उत्पीड़न से मुक्ति क्यों नहीं मिल रही है. उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि इस मामले की जांच कराए और निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमों को हटवाए.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात
रईस रिजवी छब्बन ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से भी मुलाकात की और उनकी कार्यशैली की सराहना की. उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी ने जनता के स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय यह था कि कोई भी निजी अस्पताल बकाया बिल के कारण शवों को बंधक नहीं बना सकेगा, और तुरंत शव को रिलीज किया जाएगा. यह फैसला पहले कभी नहीं लिया गया था. रईस रिजवी ने स्वास्थ्य मंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इरफान अंसारी गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, और जनता को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं.
इस मुलाकात और संवाद के दौरान रईस रिजवी छब्बन ने राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और उनके समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के फैसलों को लेकर जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन मुद्दों पर सरकार और कांग्रेस पार्टी कितनी तत्परता से कार्य करती है.

