उदित वाणी, जमशेदपुर: अब बिना प्रशासन के अनुमति के मोबाइल टावर नहीं लगाया जाएगा. उपायुक्त विजया जाधव ने मोबाइल टावर कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना पूर्वानुमति के किसी भी मोबाइल टावर नहीं लगाए. वरना प्राथमिकी दर्ज करने के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा. उन्होंने निर्विवाद जगह पर टावर लगाने को कहा. रैयती जमीन पर रैयतदार तथा सरकारी जमीन होने पर संबंधित पोषक क्षेत्र के नगर निकाय या अंचल अधिकारी से अनुमति के बाद ही टावर लगाना है. उपायुक्त ने मोबाइल टावर कंपनियों को जिले के सभी मोबाइल टावर का लोकेशन के साथ सूची साझा करने का निर्देश दिया है. मोबाइल टॉवर लगाने के लिए 20 मई तक कुल 180 आवेदन मिले हैं, जिसमें 69 को डीटीसी द्वारा एनओसी, 16 डीम्ड अप्रूव्ड, 87 वापस किया गया. उपायुक्त ने बताया कि जिले के कई प्रखंडो में ऐसे 432 शैडो एरिया या नो व्वायस एरिया हैं, जहां मोबाइल टावर लगाने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि वैसे क्षेत्रों में मल्टीडायमेंशनल स्कोप हैं, जिसमें सरकार के कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंक खाता के माध्यम से डीबीटी किया जाता है. उपायुक्त ने बताया कि किसी मोबाइल टावर लगाने के लिए प्रदूषण, अग्निशमन, वन विभाग, भवन प्रमंडल, स्वास्थ्य विभाग (सिविल सर्जन कार्यालय), अंचल अधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक आदि प्राधिकारों का एनओसी अनिवार्य है.
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