
उदित वाणी आदित्यपुर (का.प्र.)ः लैंड ऑफ छऊ के नाम से देश और दुनिया में प्रसिद्ध सरायकेला-खरसावाँ जिला स्थित आदित्यपुर ऑटो कलस्टर के सभागार में दो दिवसीय लिटरेचर फेस्टिवल (साहित्यिक महोत्सव) छाप आज से शुरु हुआ, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख साहित्यकार भाग ले रहे हैं. सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए जा रहे इस लिटरेचर फेस्टिवल का उद्देश्य जिले की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने के साथ युवाओं और बच्चों को कला संस्कृति और किताबों से जोड़ना है. आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में साहित्य कला फाउंडेशन की अहम भूमिका रही है. इस कार्यक्रम में 10 अलग-अलग भाषाओं के कुल 42 विषय विशेषज्ञ, साहित्यकार, आलोचक और वक्ता अपनी-अपनी भाषाओं में प्रस्तुति दे रहे हैं. वहीं, इस दो दिवसीय आयोजन में कुल 18 अलग-अलग विषयों पर बात होगी, जिसमें ग्रामीण इलाकों में पुस्तकालय की आवश्यकता से लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने में किताबों की भूमिका जैसे विषय भी शामिल हैं. साथ हीं दोनों दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी होगा, जिसमें भारतीय फ़िल्म जगत के मशहूर अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा स्वामी विवेकानंद का पुर्नपाठ के नाम से एकल नाटक प्रस्तुत करेंगे. वहीं, कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा. इस दौरान युवा साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल और सत्या व्यास नई पीढ़ी को किताबों का महत्व समझाएंगे. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ स्तंभकार पुष्पेश पंत और हिंदी के चर्चित साहित्यकार उदय प्रकाश भी शरीक होंगे. कार्यक्रम में संताली, हो सहित दूसरी जनजातीय भाषाओं, उड़िया, बांग्ला, अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी, मैथिली, भोजपुरी जैसी भाषाओं में मौजूदा समय में लिखी जा रही रचनाओं पर बात होगी तथा फिल्मी दुनिया में लिखी जा रही कहानियों पर भी चर्चा की जायेगी. कार्यक्रम में कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी उच्च शिक्षण संस्थान, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संगठन भी शामिल हो रहे हैं.
कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्यिक रुचि बढ़ाना-हिन्दी भाषा को समृद्ध बनाना हैः उपायुक्त
दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने बताया कि इस दो दिवसीय लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों में साहित्य के प्रति रुचि को बढ़ाना है, खासकर हिंदी भाषा को समृद्ध बनाना है. वहीं, उपायुक्त ने कहा कि दो दिवसीय महोत्सव में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाता जागरूकता के कई कार्यक्रम आहूत किए जायेंगे. उन्होंने बताया कि पिछले लोकसभा चुनाव में डेढ़ सौ से भी अधिक ऐसे मतदान केंद्र थे, जहां वोटिंग प्रतिशत कम रहा था. यह सारे मतदान केंद्र शहरी क्षेत्र में थे. लिहाजा आदित्यपुर के शहरी इलाके में यह कार्यक्रम आहूत किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र के युवाओं, कामगार, मजदूर को भी इस कार्यक्रम के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूक किया जाएगा.

