
उदित वाणी जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में ओम टावर से कूदकर राउरकेला के कारोबारी राहुल अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में भाई अंकित अग्रवाल के बयान पर राहुल की पत्नी वर्षा अग्रवाल, ससुर प्रदीप चुड़ीवाला, सास कुसुम चुड़ीवाला, साला पीयूष चुड़ीवाला और साली मेघा चुड़ीवाला के अलावा केस के आईओ बालमुकुंद प्रसाद पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा पाई है. सभी आरोपी भूमिगत हो गए है. इधर, सोमवार को मृतक के परिजन, मारवाड़ी युवा मंच जमशेदपुर शाखा और मारवाड़ी समाज के अन्य लोगों ने राहुल अग्रवाल को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला. बिष्टुपुर गोलचक्कर के पास सभी ने कैंडल मार्च निकालते हुए राहुल को न्याय दिलाने की मांग की. इस दौरान भारी संख्या में समाज की महिला एवं पुरुष मौजूद रहे. सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. साथ ही राहुल के बच्चों को भी वापस परिजनों दिलाने की मांग कर रहे थे.
ये है मामला
राहुल अग्रवाल ने पांच मई को बिष्टुपुर के ओम टावर से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. घटना से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी मौत का कारण पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग है. उनकी पत्नी ने उनपर दहेज प्रताडऩा का झूठा आरोप लगाया है और केस के अनुसंधानकर्ता द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है जिससे आत्महत्या कर रहे है. राहुल ने मरने से पहले यह इच्छा जाहिर की थी कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती तब तक उनकी अस्थियों को बैंक के लॉकर में रखा जाए.राहुल के परिजनों को मिली जान से मारने की धमकी, घर के गेट में पर रखा मिला धमकी भरा पत्र
राहुल अग्रवाल के परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई है. सोमवार की सुबह राहुल के भाई अंकित अग्रवाल ने राउरकेला के सिविल टाउन स्थित आवास में एक धमकी भरा एक खत पाया. यह खत घर के दरवाजे के बाहर पाया गया. खत में जान से मारने की धमकी देते हुए लिखा गया है कि ‘प्रदीप चुड़ीवाला और उनके परिवार पर दर्ज किए गए सारे मुकदमें तुरंत वापस ले ले अन्यथा उनको और उनके परिवार को जमानत मिलते ही आपके पूरे परिवार को मार दिया जाएगा. खत मिलने के बाद अंकिल अग्रवाल से राउरकेला के रघुनाथपली थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस खत के मिलने के बाद से अंकित अग्रवाल का परिवार डरा-सहमा है.

