उदित वाणी रांची: खान मंत्री रहते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपने व अपने रिश्तेदारों को माइनिंग लीज आवंटित करने के मामले में सोमवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनन्द सेन की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
आरटीआई एक्टिविस्ट सह अधिवक्ता सुनील कुमार महतो द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल इस जनहित याचिका पर खंडपीठ द्वारा 3 अप्रैल को पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को जबाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था।
परन्तु सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा जबाब दाखिल नहीं किया जा सका और सरकार की ओर से जबाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इसके बाद खंडपीठ ने आग्रह पर विचार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 मई की तिथि निर्धारित कर दी।
वहीं दायर जनहित याचिका में मुख्यमंत्री पर खान विभाग के मंत्री रहते अनगड़ा में 88 डिसमिल जमीन पर माइनिंग लीज का आवंटन कराने, पत्नी कल्पना सोरेन व उनकी बहन सरला मुर्मू की कंपनी सोहराई लाइवस्टोक प्राइवेट लिमिटेड के नाम चान्हो के बरहे औद्योगिक क्षेत्र में 11 एकड़ जमीन आवंटित करने, प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू व विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्र को भी खनन लीज आवंटित करने का आरोप लगाया गया है।
जबकि पिछली सुनवाई के दौरान ही राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल व महाधिवक्ता राजीव रंजन ने इस जनहित याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाया था।
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