
उदित वाणी, जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के तीन एमटेक प्रोग्राम ( डिज़ाइन, थर्मल और एनर्जी) के छात्रों का पिछले वर्षों की तरह इस साल भी शानदार प्लेसमेंट हुआ है.
प्लेसमेंट में अधिकतर छात्र-छात्राओं को कोर कंपनियों में नौकरियां मिली हैं. मसलन टाटा मोटर्स में दो, अल्स्टम में आठ, टाटा कमिंस में दो, बजाज ऑटो में एक, डाइकिन इंडिया में एक और टेकनीप एफएमसी में दो छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है. इस साल एमटेक के विद्यार्थियों का अधिकतम पैकेज 11.7 लाख रुपये प्रति वर्ष है.
इसके अलावा सारे एमटेक छात्र-छात्राओं को कोर कंपनियों से इंटर्नशिप भी प्राप्त हुई है, जिसमें उनको 25 हजार प्रतिमाह मिलेगा. इन कंपनियों ने 2 महीने से 11 महीने तक की इंटर्नशिप प्रदान की है.
इन बेहतरीन प्लेसमेंट रिजल्ट के लिए यांत्रिक विभाग के विभाग प्रमुख प्रो. संजय ने इन उपलब्धियों का श्रेय विभाग के 29 बेहतरीन शिक्षकों की दिया है. कहा कि यांत्रिकी विभाग में 12 से अधिक अत्याधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशाला की बदौलत भी इस तरह के परिणाम मिल रहे हैं.
यांत्रिकी विभाग को अपेक्षा है कि इस वर्ष भी गेट-2023 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का रुझान एमटेक में प्रवेश के लिए रहेगा, जो कि सीसीएमटी-2023 द्वारा अगले महीने से होने वाला है. इस आशय की जानकारी संस्थान के प्रवक्ता सुनील भगत ने दी.
लर्निंग बाय डूइंग प्रोग्राम के तहत एनआईटी में होंगे कई रिसर्च
एनआईटी जमशेदपुर के छात्र भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के चैंपियंस स्कीम के तहत चल रहे फ्लैगशिप प्रोग्राम लर्निंग बाय डूइंग के तहत विविध रिसर्च करेंगे.
मंत्रालय से इस प्रोग्राम के तहत एनआईटी में कुल छह ऐसे रिसर्च प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. सभी प्रोजेक्ट को एक-एक लाख रुपये का फंड उपलब्ध कराया जाएगा. इस फंड से एक साल तक इन प्रोजेक्ट्स पर रिसर्च किया जाएगा. इलेक्ट्रिक स्वचालित पनडुब्बी की तकनीक विकसित करने का रिसर्च प्रोजेक्ट एनआईटी के मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र विशाल राज के जिम्मे है.
इस रिसर्च में एक ऐसे ऑटोनोमस इलेक्ट्रिक सबमरीन की तकनीक विकसित करनी है, जो बिना किसी जीवाश्म इंधन की खपत के ही चले। विश्व भर में वर्तमान में डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां तैयार की जा रही है.
इससे एक कदम आगे अब इलेक्ट्रिक ऑटोनोमस सबमरीन तैयार करने की तैयारी है. इलेक्ट्रिक कार व स्कूटर की तरह इलेक्ट्रिक सबमरीन, यह रिसर्च मरीन सिक्यूरिटी व ओशन एक्सप्लोरेशन की तकनीक को और समृद्ध बनाएगा.
ऑनलाइन हेल्थ केयर पर एक्रोटिस रिसर्च पर भी रिसर्च
इस प्रोग्राम के तहत जिन प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली है, उनमें ऑनलाइन हेल्थ केयर पर एक्रोटिस रिसर्च शामिल है. यह रिसर्च मेकेनिकल इंजीनयिरंग के आयुष कुमार गुप्ता करेंगे. वहीं, सीएसई के शुभम कुमार वेस्ट प्रोडक्ट से शो-पीस व फाउंटेन बनाने पर रिसर्च करेंगे.
आयुष कुमार (ईसीई) मानव रोबोट (ह्यूमन कोलेब्रोटिव ह्यूमनोईड रोबोट) की तकनीक पर रिसर्च करेंगे. वहीं, एमएमई ग्रेड के नीलोत्पल गार्बी कंपोस्टिंग पर शोध करेंगे. एमएमई ट्रेड के अभिनव ग्रेफीन आधारित पैकेजिंग मेटेरियल पर शोध करेंगे. एनआईटी के अनुसंधान एवं परामर्श विभाग के डीन डॉ. सीएचएमएस राव ने इन छह रिसर्च प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की अधिसूचना की है. अब इसपर विद्यार्थी रिसर्च शुरू कर देंगे.

