
उदित वाणी, रांची: जुगसलाई के विधायक सह सत्तारूढ़ झामुमो के सचेतक मंगल कालिन्दी ने झारखंड एकेडमिक कौंसिल [जैक] में 9वीं एवं 11वीं कक्षा में पंजीयन से वंचित रह गए हजारों विद्यार्थियों के मामले को सदन में शून्यकाल के दौरान उठाया.
उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य का हवाला देकर राज्य सरकार से पंजीयन से वंचित विद्यार्थियों को एक अंतिम अवसर देने की मांग की। विधायक कालिन्दी ने कहा कि ताकि विद्यार्थी 11 अप्रैल 2023 से आयोजित होने वाली नौंवीं कक्षा की परीक्षा एवं 17 अप्रैल 2023 से आयोजित होने वाली 11वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल हो सके और विद्यार्थियों का दो बर्षों का भविष्य बर्बाद न हो.
झारखंड गैर सरकारी विद्यालय संघ के अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर हुसैन एवं डॉ अफरोज शकील ने इस संबंध में विधायक कालिन्दी से अनुरोध किया था.
वहीं उन्होंने संघ की ओर से विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पूर्व भी सरकारी मॉडल उच्च विद्यालय धालभूमगढ़ के 17 विद्यार्थियों का पंजीयन नौंवीं कक्षा के लिए नहीं होने पर घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन ने भी जैक से अनुरोध किया है. परंतु जैक इस संदर्भ में भी अब तक मौन धारण किए हुए है.
उन्होंने कहा कि जबकि नौंवीं एवं 11वीं कक्षा की परीक्षाएं पहले विद्यालय स्तर पर ही ली जाती थी तथा परीक्षाफल भी विद्यालय स्तर पर दिया जाता था. लेकिन कुछ वर्षों से उक्त परीक्षाएं बहु वैकल्पिक प्रश्नों के माध्यम से केवल धन उगाही के उद्देश्य से जैक द्वारा लिया जाने लगा है. वास्तव में इस तरह की परीक्षा जैक द्वारा लिए जाने का कोई आवश्यकता नहीं है.

