
उदित वाणी, जमशेदपुर: सर्वोच्च न्यायलय के 4 नवम्बर के आदेश के आलोक में सोमवार को ईपीएफओ के मुख्य कार्यालय नई दिल्ली ने एक सर्कुलर जारी किया है. सर्कुलर में बताया गया है कि इस पेंशन स्कीम में कौन लोग योग्य है और इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि ज्यादा पीएफ कटाने की स्थिति में पेंशन में कितना अंशदान देना होगा और पेंशनरों को कितना पेंश मिलेगा. इस बारे में दो सर्कुलर बाद में जारी होगा. लगभग करोड़ों सदस्यों को इस सर्कुलर का इंतजार था. 3 मार्च तक इसके लिए आवेदन करना है.
वैसे टाटा स्टील ने तीन रोज पहले ही सर्वोच्च न्यायलय के आदेश के तहत ईपीएफ-95 को लेकर सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि कोर्ट के आदेश के आलोक में कौन ईपीएफ के सदस्य हो सकता हैं और कौन नहीं? सर्कुलर के अनुसार वैसे कर्मचारी इस योजना के सदस्य हो सकते हैं, जो एक सितंबर 2014 के पहले और आज भी इसके सदस्य हैं.
कंपनी के नये कर्मचारी इसके सदस्य नहीं हो सकते. इस योजना के सदस्य कर्मचारियों को कंपनी के सेल्फ हेल्प पोर्टल में जाकर दिए गये फॉर्म को भरकर उसे अपलोड करना है, जो रिटायर हैं, उन्हें यह फॉर्म भरकर मेल करना है. यह फार्म 25 फरवरी के पहले भेजना है.
क्या है ईपीएस 95
कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस 95) केंद्र सरकार द्वारा नवंबर 1995 में शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है. यह एक अनिवार्य योजना है जो संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने या समय से पहले मृत्यु होने पर पेंशन का लाभ प्राप्त करने का अधिकार देती है. ईपीएस 95 के तहत कर्मचारी के वेतन का 8.33 फीसदी भविष्य निधि से पेंशन फंड में बदल दिया जाता है. योगदान ईपीएस 95 के तहत निर्धारित वैधानिक वेतन सीमा के अधीन है, जिसमें नियत समय में निम्नलिखित परिवर्तन हुए हैं.
1.5000 रूपए: मार्च 96 से सितंबर 2001 तक
2.6500 रूपए: अक्टूबर 2001 से अगस्त 2014 तक
3.15, 000 रूपए: सितंबर 2014 से अब तक.
सरकार 1.16 फीसदी योगदान देती है
केंद्र सरकार भी अतिरिक्त योगदान के रूप में प्रचलित पेंशन योग्य वेतन पर 1.16 फीसदी का योगदान करती है, हालांकि, ईपीएस योजना को मार्च 1996 में संशोधित किया गया था, जिसमें कर्मचारियों को ईपीएस 95 के पैरा 11(3) के क्लॉज को शामिल करके पूर्ण वेतन पर योगदान करने का विकल्प दिया गया था.
सितंबर 2014 के ईपीएस संशोधन (2014 संशोधन) द्वारा इस सम्मिलित प्रावधान को प्रभाव से निरस्त कर दिया गया था हालांकि, जिन कर्मचारियों ने वास्तविक वेतन पर योगदान करने का विकल्प पहले ही ले लिया था, वे 6 महीने की अवधि के भीतर फिर से विकल्प का प्रयोग कर सकते हैं, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है.
बढ़ी हुई पेंशन के लिए ईपीएस 1995 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिनांक 4 नवंबर 2022 को आया था.
ईपीएस से जुड़ी खास बातें
- 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट पर मेंबर पेंशन
- बेरोजगार होने की स्थिति में 50 साल की आयु से समय पूर्व सदस्य पेंशन
- सर्विस के दौरान सदस्य के स्थायी और पूरी तरह से नि:शक्त होने पर नि:शक्तता पेंशन
- मेंबर के निधन पर विधवा / विधुर पेंशन (पैरा 12 (8) के पहले परंतुक सहित) या पेंशनभोक्ता
- सदस्य/ पेंशनभोक्ता के निधन पर 25 साल की आयु तक एक बार में 2 बच्चों के लिए बाल पेंशन
- किसी सदस्य या पेंशनभोक्ता की मृत्यु या पति या पत्नी की मृत्यु होने पर 25 साल की आयु तक एक बार में 2 अनाथों को अनाथ पेंशन
- विकलांग बच्चे/ अनाथ बच्चे के पूरे जीनवकाल के लिए विकलांग बच्चे/अनाथ पेंशन
- सदस्य की मृत्यु पर नामित पेंशन और कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत पारिभाषित कोई परिवार नहीं होने की स्थिति में सदस्य द्वारा विधिवत नामिक व्यक्ति को जीवन भर के लिए भुगतान किया जाता है
- किसी सदस्य की मृत्यु पर आश्रित पिता या माता को पेंशन बशर्ते सदस्य का कोई परिवार या नामित व्यक्ति न हो

