
उदित वाणी, जमशेदपुर : रघुवर सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते सरयू राय और उनके कुछ निकटस्थ लोगों पर आहार पत्रिका के प्रकाशन तथा आउट बाउंड डायलिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करने का आरोप लगा है। एसीबी द्वारा निगरानी से जांच की अनुमति मांगने संबंधी निर्णय लिया गया है। जमशेदपुर महानगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार ने एसीबी के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि जनता की गाढ़ी कमाई लूटनेवालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जरूर सुनिश्चित होनी चाहिए। भाजपा ने इस मामले पर पूर्व में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी।
भाजपा का आरोप है कि मंत्री पद पर रहते सरयू राय ने अपने विभागीय पत्रिका आहार के प्रकाशन के लिए मनोनयन के आधार पर झारखंड प्रिंटर्स का चयन करवाया। झारखंड सरकार की वित्तीय एवं कार्यपालिका नियमावली कहती हैं कि 15 लाख से अधिक की राशि से होनेवाले कार्य के लिए निविदा जरूरी है। इसके बाजवूद पूर्व मंत्री सरयू राय ने मंत्री रहते मनोनयन पर झारखंड प्रिंटर्स को काम दिलवाया। मनोनयन पर काम देने के लिए वित्तीय नियमावली के नियम 235 को शिथिल करने के लिए नियम 245 का सहारा लेना पड़ता है। साथ ही वित्त विभाग और कैबिनेट की सहमति जरुरी होती है। परंतु सरयू राय ने न तो वित्त विभाग से सहमति ली न कैबिनेट से अपने स्तर से ही झारखंड प्रिंटर्स को काम देने का निर्णय ले लिया।
भाजपा का कहना है कि जनसंपर्क विभाग राज्य सरकार के हर विभाग के प्रचार प्रसार का काम करता है लेकिन मंत्री रहते उन्होंने अपने विभाग के लिए अलग से पत्रिका का प्रकाशन कराया। इसके पीछे एकमात्र उद्देश्य सरकारी राशि का गबन करना था।
भाजपा का यह भी आरोप है कि बिना टेंडर के आहार पत्रिका का प्रकाशन कराया गया। वित्तीय अनियमितता के उद्देश्य से तत्कालीन विभागीय मंत्री सरयू राय ने अपने ही पीए आनंद कुमार को विशेषज्ञ कार्यकारी संपादक नियुक्त कर दिया। आनंद कुमार से टेलीफोनिक बातचीत के आधार पर झारखंड प्रिंटर्स को हर माह 261,793 कॉपी आहार पत्रिका छापने का ऑर्डर दे दिया गया।
भाजपा का आरोप है कि झारखंड प्रिंटर्स युगांतर प्रकृति का केवल 5000 कॉपी छापता था। वितरण के नाम पर उसका अनुभव सिर्फ युगांतर प्रकृति पत्रिका को संस्था के कार्यालय तक पहुंचाना था। राज्य में पत्रिका के वितरण का उसका कोई अनुभव नहीं था। उसके बावजूद 5000 कॉपी छापने का अनुभव रखनेवाले झारखंड प्रिंटर्स को 2,61,793 कॉपी हर माह छापने का काम दे दिया गया।
भाजपा का कहना है कि झारखंड प्रिंटर्स ने अपने काम के अनुभव के बारे में बताया कि उसने युगांतर प्रकृति नामक पत्रिका का प्रकाशन किया है। मालूम हो कि युगांतर प्रकृति के मुख्य संरक्षक सरयू राय और संपादक उनके ही पीए आनंद कुमार हैं। ऐसे में इस गड़बड़ी के बारे में समझना कोई मुश्किल भरा काम नहीं है।
भाजपा का यह कहना है कि इतना ही नहीं वितरण के नाम पर शून्य अनुभव रखनेवाले को पूरे झारखंड में पत्रिका वितरण का काम दिया गया। पत्रिका प्रकाशन और वितरण पर एक तरफ डीलर कह रहे थे कि उन्हें पत्रिका नहीं मिल रही है दूसरी तरफ प्रिंटर्स को नियमित भुगतान किया जा रहा था। – अनियमितता और शिकायत की सूचना मिलने के बावजूद झारखंड प्रिंटर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी बल्कि उसे अवधि विस्तार दे दिया गया।
भाजपा नेता दिनेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक अन्य मामले में मंत्री रहते सरयू राय ने 2016 में बाबा कंप्यूटर्स, रांची को काम दिया था। कंपनी का काम था खाद्य आपूर्ति विभाग की उपलब्धियों को टेलीफोन संदेश के माध्यम से लाभूकों तक पहुंचाना। प्रति कॉल कंपनी 81 पैसे चार्ज करती थी, जबकि यही काम सूचना एवं जनसंपर्क विभाग मात्र 10 पैसे में करवाता था। सरकार के प्रचार-प्रसार का काम सूचना एवं जनसंपर्क विभाग करता है, लेकिन एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह काम खाद्य आपूर्ति विभाग खुद से करता था। जिसके मंत्री सरयू राय खुद थे। यह एक तरह से सरकारी राशि के दूरुपयोग व गबन का मामला है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा वर्ष 2016 में टेंडर के माध्यम से बाबा कंप्यूटर्स, रांची को Out Bound dialing solution का कार्य दिया गया। इसके लिए 0.81 रुपये में प्रति कॉल की दर निर्धारित की गयी। जबकि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा काफी कम दर 0.108 रुपये में प्रति कॉल की दर से कार्य दिया गया था।
भाजपा के अनुसार बाबा कंप्यूटर्स को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला गया था। चार कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया था। चार में से दो कंपनी बाबा कंप्यूटर्स और जनसेवा डॉट ऑनलाइन का मालिक एक ही आदमी था, जिसका नाम रितेश गुप्ता था। महालेखाकार ने भी इसमें गड़बड़ी मानते हुए आपत्ति दर्ज की थी।

