
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर के साकची स्थित शारदामणि पब्लिक स्कूल में नकल करने के दौरान कथित तौर पर पकड़ाने पर शिक्षिका द्वारा कपड़े उतरवाने के आहत नौवीं कक्षा की छात्रा ने घर आकर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था.
इस मामले को लेकर शनिवार को छात्रा के परिजन मुखी समाज के साथ शिक्षा विभाग कार्यालय का घेराव करने पहुंचे. परिजन स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई और छात्रा के इलाज के खर्च की मांग कर रहे है. इधर, टीएमएच में इलाजरत छात्रा की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
वहीं पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका चंद्रा को हिरासत में लिया गया है. बता दे कि शुक्रवार को स्कूल में परीक्षा के दौरान ऋतु को नकल करते पकड़ लिया गया था.
पकड़ाने के बाद शिक्षिका ने उसका पूरे कपडे उतरवा दिए थे. इस घटना से आहत ऋतु घर पहुंचे और खुद को कमरे में बंद कर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली. जानकारी मिलने पर परिजन तत्काल उसे एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से उसे टीएमएच रेफर कर दिया गया.
इससे पहले
तीन घंटे तक शिक्षा विभाग के कार्यालय में तालाबंदी की गई. शनिवार को पहले बस्ती के लोगों की भीड़ सुबह करीब आठ बजे स्कूल पहुंची. यहां भीड़ ने स्कूल के अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन स्कूल शनिवार को खोला ही नहीं गया और स्कूल के बाहर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था. भीड़ गेट के बाहर ही रही.
यहां स्कूल न खुलने पर बस्तीवासी डीएसई-डीईओ कार्यालय बिष्टूपुर पहुंच गए. यहां करीब 10.30 बजे आक्रोशित लोगों ने कार्यालय में तालाबंदी कर दी. मुख्य गेट को बंद कर खड़े हो गए. इस कारण लेट से आए शिक्षा विभाग के कर्मचारी बाहर ही रह गए. घंटों विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी हुई. आक्रोशित लोग छात्रा के इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन अथवा प्रशासन द्वारा दिए जाने की मांग कर रहे थे.
आरोप लगा रहे थे कि टीएमएच ने पैसे जमा नहीं करने के कारण इलाज रोक दिया है. वहीं, लोग आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर कर गंभीर धाराओं में जेल भेजने की मांग कर रहे थे. बिष्टूपुर पुलिस टीम ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया.
फोन पर एडीएम से इलाज में पैसे का व्यवधान न होने का आश्वासन भी दिलाया, पर वे एडीएम के प्रदर्शन स्थल पर आने की जिद पर अड़े रहे. इस बीच दुलाल भुइयां, हरि मुखी, शंभू मुखी, हेमंत पाठक जैसे नेता इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए. अंतत: डीईओ निर्मला बरेलिया से प्रदर्शनकारियों की बातचीत हुई.
उन्होंने कड़ी कार्रवाई करने और इलाज का खर्च प्रशासन की ओर से उठाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी टीएमएच चले गए. इस दौरान करीब तीन घंटे शिक्षा विभाग के कार्यालय को ताला बंद रखा गया.

