
अनियंत्रित 407 ट्रक ने कई गाडिय़ों को मारी टक्कर, चालक गिरफ्तार
उदित वाणी, जमशेदपुर: साकची थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा स्टील मुख्य गेट के समीप बने गोलचक्कर के पास एक अनियंत्रित 407 वाहन ने कई छोटे वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे थोड़ी देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी मच गयी. दुर्घटना के बाद राहगीरों ने वाहन चालक को खदेड़कर धर-दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया. इस दुर्घटना में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं.
मामले की जानकारी मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 407 वाहन एवं उसके चालक को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गयी. वहीं इस दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए छोटे वाहन मालिकों को भी थाने में बुलाया गया. इस संंबंध में राहगीरों ने बताया कि 407 वाहन का चालक बेहद ही तेज गति से आ रहा था. इस कारण गोलचक्कर के समीप गाड़ी की रफ्तार धीमी नहीं हुई. इसी क्रम में उसने दो-तीन गाडिय़ों को पीछे से टक्कर मार दी.
साकची में दो पेटी अवैध विदेशी शराब के साथ एक स्कूटी जब्त
सहायक आयुक्त उत्पाद के निर्देश पर संध्या की गश्ती के क्रम में साकची थाना अंतर्गत शीतला मंदिर चौक के पास से एक होंडा स्कूटी पर लदी दो पेटी अवैध विदेशी शराब को जब्त किया गया है. इस दौरान छापेमारी दल को देखकर स्कूटी चालक भीड़ का फायदा उठा भागने में सफल रहा. वहीं स्कूटी चालक के विरुद्ध फरार अभियोग का मामला दर्ज किया गया है.
फरार आरोपी की खोज की जा रही है. जब्त शराब की सूची में 11 पीस व्हिस्की 750 एमएल, एक पीस ब्लू व्हिस्की 750 एमएल, दो पीस ब्लेंडर्स प्राइड 750एमएल, 4 पीस रॉयल चैलेंज 750एमएल, 6 पीस 8 पीएम व्हिस्की 750एमएल, 18 लीटर कुल विदेशी शराब के अलावा एक होंडा स्कूटी संख्या- जेएच05सीएम-7559 शामिल है.
अमित हत्याकांड में सरेंडर करनेवाले दो आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस
बर्मामाइंस थाना क्षेत्र की सिदो-कान्हो बस्ती में अमित सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट में सरेंडर करनेवाले सोनू कर्मकार और विक्रम को बर्मामाइंस पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.
पुलिस को लग रहा है कि दोनों को रिमांड पर लेने का बाद घटना में प्रयुक्त पिस्टल की बरामदगी हो सकती है. इसके पहले इस हत्याकांड में पुलिस ने अनुप बंगाली को पुरूलिया से गिरफ्तार करके जेल भेजा था. बर्मामाइंस की ईस्टप्लांट बस्ती में 6 जुलाई की रात को अमित सिंह, छोटू सिंह व उसके चार-पांच अन्य साथी बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे.
इस बीच आपस में अमित का विवाद हुआ था. अमित के समर्थन में जब छोटू आया तब उसकी बेरहमी से पिटाई की गई थी. इस बीच साथियों ने ही अमित पर फायरिंग की थी. फायरिंग में अमित के गले में गोली लगी थी. घटना के बाद उसे इलाज के लिए के टीएमएच में भर्ती कराया गया. वहां इलाज के क्रम में अमित की मौत हो गई थी.
महिला से जेवर की ठगी के मामले में पुलिस अपराधियों के करीब, गिरफ्तारी अभी शेष
मानगो थाना अंतर्गत पोस्ट ऑफिस रोड में आदर्शनगर निवासी 60 वर्षीय सुनीता देवी से जेवर ठगी के मामले में पुलिस को स्कूटी सवार अपराधियों का सीसीटीवी फुटेज के जरिए सुराग मिला है. हालांकि, फुटेज में उनका चेहरा साफ नहीं दिख रहा है. फिर भी पुलिस डील-डौल और कद-काठी सहित अन्य माध्यमों से घटना को अंजाम देनेवालों की पहचान में जुटी है.
इसके साथ ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है.
मालूम हो कि मंगलवार को स्कूटी सवार अपराधियों ने भगवान का दर्शन कराने के नाम पर सुनीता देवी के गहने उतरवाकर बैग में रखवा लिये थे. उसके बाद गहनों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए थे.
घटना के बाद भुक्तभोगी महिला ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को इसकी सूचना दी. उसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी. आगे मामले की पुलिस जांच जारी है.
किन्नर लक्खी हत्याकांड में प्रेमी को उम्रकैद की सजा
बोड़ाम थाना क्षेत्र में सात साल पहले हुई लक्खी किन्नर की हत्या के मामले में एडीजे वन कुमार दिनेश की अदालत ने बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई की. इस दौरान हत्याकांड के दोषी लक्खी किन्नर के प्रेमी उत्तम को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गई. उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
बता दें कि भालूबासा निवासी लक्खी किन्नर उर्फ कृष्णाकार मुखी की 26 अप्रैल 2015 को हत्या कर दी गई थी. उसके तीन दिन बाद 29 अप्रैल को डिमना पटमदा मोड़ के पास 35 फीट खाई से उसका शव बरामद किया गया था. उसे बाहर निकालने पर कई जगहों पर चोट के निशान पाए गये थे.
प्रेमी का फोन आने पर निकला था घर से इस मामले में लक्खी के पिता सुचित्रो मुखी का कहना है कि उत्तम का फोन आने के बाद वह 26 अप्रैल की रात करीब ग्यारह बजे घर से निकला था.
उससे पहले उसने अपने पिता को भी प्रेमी का फोन आने की बात बताते हुए कहा था कि उसे अभी जाना पड़ेगा. उसके दूसरे दिन 27 जून को भी जब लक्खी घर पर नहीं लौटा तो घर के लोग परेशान हो गये और उसकी खोजबीन में जुट गये थे. उसके बाद घटना की लिखित शिकायत उसी दिन सीतारामडेरा थाना में दर्ज करायी गई थी.
उसके तीन दिनों के बाद परिजनों को बोड़ाम में शव बरामदगी की जानकारी मिली. यह सुनकर 30 अप्रैल को लक्खी के परिवारवाले शव की पहचान करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तब पता चला कि शव लक्खी का ही है. पुलिस की जांच में भी पाया गया था कि लक्खी की हत्याकर साक्ष्य को छिपाने के लिये शव को खाई में फेंक दिया गया था. इस मामले में कोर्ट में 13 लोगों की गवाही हुई और अंतत: अदालत ने उत्तम को दोषी पाते हुए उसे खिलाफ सजा सुनाई.
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