
उदित वाणी रांची/जमशेदपुर: झारखंड के प्रशासनिक तंत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। झारखंड प्रशासनिक सेवा (जेएएस) के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति दी गई है। इनमें जमशेदपुर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके सुबोध कुमार का नाम भी शामिल है।
केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने वर्ष 2024 की रिक्तियों के आधार पर इन अधिकारियों की पदोन्नति से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है।
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के इन अधिकारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
सभी अधिकारियों को झारखंड कैडर में आईएएस के रूप में नियुक्त करते हुए 2015 बैच आवंटित किया गया है।
57 नामों में से 15 का चयन
जानकारी के अनुसार झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग ने रिक्त पदों के सापेक्ष 57 अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे।
नियम के तहत एक पद के लिए तीन अधिकारियों के नामों की अनुशंसा की जाती है।
संघ लोक सेवा आयोग और कार्मिक विभाग की विस्तृत समीक्षा के बाद वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर 15 अधिकारियों के नामों को अंतिम रूप दिया गया।
अधिसूचना के अनुसार इन अधिकारियों की नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियम, 1954 के तहत की गई है।
सभी अधिकारियों को अगले आदेश तक प्रोबेशन पर रखा जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस नियुक्ति पर राधेश्याम प्रसाद द्वारा दायर डब्ल्यूपी (एस) संख्या 2565/2024 के अंतिम न्यायिक निर्णय का प्रभाव पड़ सकता है।
इन अधिकारियों को मिला IAS में प्रमोशन
आईएएस में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में दिलेश्वर महतो, इश्तेयाक अहमद, विद्यानंद शर्मा पंकज, संगीता लाल, राबिन टोप्पो, नयनतारा केरकेट्टा, अरुण कुमार सिंह, आलोक शिकारी कच्छप, अनिलसन लकड़ा, नागेंद्र पासवान, सुबोध कुमार, आसिफ एकराम, नीरज कुमार सिंह, जुल्फिकार अली और अर्चना मेहता शामिल हैं।
चार अधिकारियों की पदोन्नति फिलहाल रुकी
सूची में शामिल चार अधिकारियों—पवन कुमार मंडल, राजीव रंजन, अमित कुमार और कुंदन कुमार—की पदोन्नति फिलहाल रोक दी गई है। कार्मिक विभाग के अनुसार इन अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में चार्जशीट लंबित होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इन अधिकारियों को न्यायालय से राहत मिलती है, तो उनके मामलों पर पुनः विचार किया जा सकता है।

