<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Tax Archives - Udit Vani</title>
	<atom:link href="https://uditvani.in/tag/tax/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://uditvani.in/tag/tax/</link>
	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
	<lastBuildDate>Tue, 31 Mar 2026 17:15:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2022/04/fev.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>Tax Archives - Udit Vani</title>
	<link>https://uditvani.in/tag/tax/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">207316808</site>	<item>
		<title>Jamshedpur : मानगो नगर निगम ने टैक्स वसूली में बनाया रिकॉर्ड, अंतिम दिन 1.02 करोड़ टैक्स जमा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/mango-municipal-corporation-tax-collection/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 17:15:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Collection]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[MangoMunicipalCorporation]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=108506</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर : वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन मानगो नगर निगम ने टैक्स वसूली में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. निर्धारित करीब 18 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध निगम ने मंगलवार देर शाम तक 90 प्रतिशत से अधिक वसूली सुनिश्चित कर ली. महावीर जयंती की छुट्टी के बावजूद उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/mango-municipal-corporation-tax-collection/">Jamshedpur : मानगो नगर निगम ने टैक्स वसूली में बनाया रिकॉर्ड, अंतिम दिन 1.02 करोड़ टैक्स जमा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर :</span> </strong>वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन मानगो नगर निगम ने टैक्स वसूली में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. निर्धारित करीब 18 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध निगम ने मंगलवार देर शाम तक 90 प्रतिशत से अधिक वसूली सुनिश्चित कर ली. महावीर जयंती की छुट्टी के बावजूद उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के निर्देश पर कार्यालय खुला रखा गया.</p>
<p>अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता के कारण अंतिम दिन होल्डिंग (प्रॉपर्टी) टैक्स में 1 करोड़, जल कर में 1 लाख 88 हजार तथा ट्रेड लाइसेंस में 10 हजार रुपये की वसूली हुई. निगम का कुल लक्ष्य 17 करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित था, जिसमें होल्डिंग टैक्स का लक्ष्य 13 करोड़ 85 लाख, वाटर यूजर चार्ज 3 करोड़ 6 लाख और ट्रेड लाइसेंस 27 लाख 50 हजार रुपये शामिल थे. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार होल्डिंग टैक्स में शत-प्रतिशत वसूली हासिल की गई, जबकि वाटर यूजर चार्ज में 91 प्रतिशत और ट्रेड लाइसेंस में 99 प्रतिशत वसूली दर्ज की गई.</p>
<p>अंतिम दिन 318 करदाताओं ने टैक्स कलेक्टर के हाथों एवं कार्यालय पहुंचकर अपना बकाया टैक्स ऑनलाइन जमा कराया. निगम प्रशासन की सतर्कता और टीमवर्क के चलते वित्तीय वर्ष के समापन पर यह उपलब्धि हासिल हो सकी. इसमें मुख्य रूप से सर्किल मैनेजर शिवम कुमार, टीम लीडर पंकज कुमार एवं टीम में शामिल टैक्स कलेक्टर अमित दत्ता, सुमित दत्ता, प्रेम कुमार गुप्ता, मंगल सिंह केराई, राहुल हालदार, संजय पासवान, सुमित सिंह एवं रियाज अहमद ने सराहनीय योगदान दिया.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/mango-municipal-corporation-tax-collection/">Jamshedpur : मानगो नगर निगम ने टैक्स वसूली में बनाया रिकॉर्ड, अंतिम दिन 1.02 करोड़ टैक्स जमा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">108506</post-id>	</item>
		<item>
		<title>NPS के तहत मिलने वाले कर लाभ UPS पर भी होंगे लागू : वित्त मंत्रालय</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/unified-pension-scheme-ups-to-get-nps-tax/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jul 2025 11:40:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[FinanceMinister]]></category>
		<category><![CDATA[PENSION]]></category>
		<category><![CDATA[scheme]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=77489</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत मिलने वाले कर लाभ आवश्यक परिवर्तनों के साथ यूनीफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) पर भी लागू होंगे, क्योंकि यूपीएस, एनपीएस के तहत एक विकल्प के रूप में लाया गया है. वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/unified-pension-scheme-ups-to-get-nps-tax/">NPS के तहत मिलने वाले कर लाभ UPS पर भी होंगे लागू : वित्त मंत्रालय</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली :</span> </strong>वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत मिलने वाले कर लाभ आवश्यक परिवर्तनों के साथ यूनीफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) पर भी लागू होंगे, क्योंकि यूपीएस, एनपीएस के तहत एक विकल्प के रूप में लाया गया है.</p>
<p>वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस उपाय का उद्देश्य यूपीएस को गति प्रदान करना है. ये प्रावधान मौजूदा एनपीएस फ्रेमवर्क के साथ समानता सुनिश्चित करते हैं और यूपीएस का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त कर राहत और प्रोत्साहन प्रदान करते हैं.</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीएस को टैक्स फ्रेमवर्क के तहत शामिल करना पारदर्शी, लचीले और कर-कुशल विकल्पों के माध्यम से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है.</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2025 से केंद्र सरकार की सिविल सेवा में भर्ती होने वाले लोगों के लिए एनपीएस के तहत एक विकल्प के रूप में यूपीएस की शुरूआत को अधिसूचित किया था, जिससे एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को यूपीएस के तहत शामिल होने का वन-टाइम ऑप्शन मिल गया.</p>
<p>इस फ्रेमवर्क को क्रियान्वित करने के लिए, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने 19 मार्च 2025 को पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत यूपीएस का संचालन) विनियम, 2025 को अधिसूचित किया.</p>
<p>ये विनियम केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तीन श्रेणियों के नामांकन को सक्षम करते हैं.</p>
<p>पहली श्रेणी में 1 अप्रैल 2025 तक सेवा में मौजूदा केंद्र सरकार के कर्मचारी शामिल हैं, जो एनपीएस के तहत आते हैं.</p>
<p>दूसरी श्रेणी में केंद्र सरकार की सेवाओं में नए भर्ती हुए लोग शामिल हैं, जो 1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद सेवा में शामिल होते हैं.</p>
<p>तीसरी श्रेणी में केंद्र सरकार के कर्मचारी शामिल हैं, जो एनपीएस के तहत आते थे और जो 31 मार्च 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृत्त हो चुके हैं या मौलिक नियम 56 (जे) के तहत सेवानिवृत्त हुए हैं और यूपीएस के लिए पात्र हैं या ऐसे ग्राहक के मामले में कानूनी रूप से विवाहित पति या पत्नी जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं और यूपीएस के विकल्प का प्रयोग करने से पहले उनकी मृत्यु हो गई है.</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने 30 मई को यह भी घोषणा की थी कि केंद्र सरकार के एनपीएस सब्सक्राइबर्स जो 31 मार्च, 2025 को या उससे पहले न्यूनतम 10 साल की क्वालिफाइंग सर्विस के साथ रिटायर हुए हैं, या उनके कानूनी रूप से विवाहित पति या पत्नी अब पहले से दावा किए गए एनपीएस लाभों के अलावा यूपीएस के तहत अतिरिक्त लाभों का दावा कर सकते हैं.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/unified-pension-scheme-ups-to-get-nps-tax/">NPS के तहत मिलने वाले कर लाभ UPS पर भी होंगे लागू : वित्त मंत्रालय</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">77489</post-id>	</item>
		<item>
		<title>RBI MPC Meeting: क्या रेपो रेट में फिर होगी कटौती? MPC के फैसले पर देशभर की निगाहें</title>
		<link>https://uditvani.in/corporate/rbi-mpc-meeting-begins/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Jun 2025 05:20:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Corporate]]></category>
		<category><![CDATA[RBI]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=73788</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से आरंभ हो गई है. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जताई जा रही है. अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/rbi-mpc-meeting-begins/">RBI MPC Meeting: क्या रेपो रेट में फिर होगी कटौती? MPC के फैसले पर देशभर की निगाहें</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली: </span></strong>भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज से आरंभ हो गई है. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जताई जा रही है. अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि RBI इस बार रेपो रेट में 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है. यदि ऐसा होता है, तो रेपो रेट मौजूदा 6 प्रतिशत से घटकर 5.75 प्रतिशत पर आ सकती है. बता दें कि पिछली दो बैठकों में केंद्रीय बैंक पहले ही रेपो रेट में कुल 50 आधार अंक की कटौती कर चुका है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">महंगाई नियंत्रण में, विकास दर पर चिंता</span></strong><br />
RBI का मध्यम अवधि का महंगाई लक्ष्य 4 प्रतिशत है, और हाल के महीनों में हेडलाइन महंगाई दर इससे नीचे बनी हुई है. वहीं वैश्विक आर्थिक सुस्ती और अमेरिका के नीतिगत फैसलों के असर से भारत की GDP वृद्धि दर पर दबाव महसूस किया जा रहा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">विकास दर अनुमानों में गिरावट</span></strong><br />
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और संस्थानों ने भारत की विकास दर के अनुमानों में कटौती की है. जबकि RBI ने अप्रैल में 6.5 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान कायम रखा, अन्य एजेंसियों ने इसे घटाकर 6.0 से 6.3 प्रतिशत के बीच कर दिया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">आरबीआई की नीति में लचीलापन</span></strong><br />
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, MPC ने ‘न्यूट्रल’ नीति रुख से हटकर अब ‘अकोमोडेटिव’ यानी सहायक रुख अपनाया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि RBI अब तरलता बढ़ाकर आर्थिक विकास को समर्थन देना चाहता है. अप्रैल में खुदरा महंगाई दर गिरकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई थी, जो जुलाई 2019 के बाद सबसे निचला स्तर है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा की भविष्यवाणी</span></strong><br />
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की हालिया रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि RBI इस बार रेपो रेट में 50 आधार अंक तक की कटौती कर सकता है, ताकि अनिश्चित वैश्विक माहौल से निपटा जा सके और विकास दर को बल मिल सके. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि MPC की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती संभव है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">फैसला 6 जून को होगा घोषित</span></strong><br />
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा 6 जून को एमपीसी के फैसलों की औपचारिक घोषणा करेंगे. यह फैसला न केवल बैंकों और उद्योग जगत के लिए अहम होगा, बल्कि आम नागरिकों की ईएमआई, ऋण और निवेश योजनाओं को भी प्रभावित करेगा.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/rbi-mpc-meeting-begins/">RBI MPC Meeting: क्या रेपो रेट में फिर होगी कटौती? MPC के फैसले पर देशभर की निगाहें</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">73788</post-id>	</item>
		<item>
		<title>ITR filing deadline extended till September 15</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/adityapur/itr-filing-deadline/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 May 2025 13:17:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आदित्यपुर]]></category>
		<category><![CDATA[IncomeTax]]></category>
		<category><![CDATA[ITR]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Taxpayers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=73127</guid>

					<description><![CDATA[<p>Jamshedpur : In a major relief for taxpayers, the Income Tax Department has extended the deadline for filing Income Tax Returns (ITR) for the financial year 2024-25 (Assessment Year 2025-26) from July 31 to September 15, 2025. The Central Board of Direct Taxes (CBDT) announced the extension citing the need for additional time due to [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/adityapur/itr-filing-deadline/">ITR filing deadline extended till September 15</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">Jamshedpur :</span></strong> In a major relief for taxpayers, the Income Tax Department has extended the deadline for filing Income Tax Returns (ITR) for the financial year 2024-25 (Assessment Year 2025-26) from July 31 to September 15, 2025.</p>
<p>The Central Board of Direct Taxes (CBDT) announced the extension citing the need for additional time due to structural changes in ITR forms and the rollout of new utilities.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">System Needs More Time Due to Significant Changes</span></strong></p>
<p>According to CBDT, the ITR forms for AY 2025-26 have undergone major content and technical modifications to make the return filing process more transparent, accurate, and user-friendly. Implementing these changes requires additional time for system development, testing, and integration of the new utilities.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">Simplified and Convenient Experience for Taxpayers</span></strong></p>
<p>The Board believes that the extension will ease concerns among taxpayers and provide them with adequate time to file their returns accurately. This move is expected to enhance the overall quality of compliance.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">Key Update in ITR-1: Reporting of Limited Capital Gains</span></strong></p>
<p>One of the notable changes in ITR-1 (Sahaj) is the introduction of a provision allowing taxpayers to report long-term capital gains (LTCG) up to Rs 1.25 lakh under Section 112A.</p>
<p>This applies only to gains from the sale of listed equity shares or equity-oriented mutual funds. However, this facility is limited to taxpayers who do not have any losses under the Capital Gains head to carry forward or set off. Previously, such taxpayers had to opt for more complex ITR forms.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">Who Cannot Use ITR-1</span></strong></p>
<p>ITR-1 is still not applicable for taxpayers who:</p>
<p>Have capital gains from the sale of house property</p>
<p>Have short-term capital gains from the sale of shares or mutual funds</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">New Forms Already Notified</span></strong></p>
<p>CBDT had notified the revised ITR-1 and ITR-4 forms on April 30, 2025. These forms are to be used for reporting income earned between April 1, 2024, and March 31, 2025.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/adityapur/itr-filing-deadline/">ITR filing deadline extended till September 15</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">73127</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Income Tax: ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस दिन तक भर सकेंगे आयकर रिटर्न</title>
		<link>https://uditvani.in/corporate/itr-filing-extended/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 May 2025 12:54:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Corporate]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[IncomeTax]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Taxpayers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=73117</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि ITR फॉर्म में इस वर्ष [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/itr-filing-extended/">Income Tax: ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस दिन तक भर सकेंगे आयकर रिटर्न</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली:</span> </strong>आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि ITR फॉर्म में इस वर्ष किए गए संरचनात्मक बदलावों और नई यूटिलिटीज के रोलआउट में लगने वाले समय को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">परिवर्तन की वजह से सिस्टम को चाहिए अतिरिक्त समय</span></strong><br />
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए अधिसूचित फॉर्म्स में बड़े स्तर पर सामग्री और तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जिससे रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सरल हो सके। इन बदलावों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सिस्टम डेवलपमेंट, टेस्टिंग और यूटिलिटी एकीकरण की प्रक्रिया को अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। इसी कारण रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">करदाताओं को मिलेगा सहज और सुविधाजनक अनुभव</span></strong><br />
CBDT का मानना है कि अंतिम तिथि में यह बढ़ोतरी करदाताओं की चिंताओं को कम करेगी और उन्हें नियमों के अनुसार सही समय में रिटर्न दाखिल करने का पर्याप्त अवसर देगी। इससे अनुपालन की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">ITR-1 में अब सीमित कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग की सुविधा</span></strong><br />
इस बार ITR-1 (सहज) फॉर्म में एक प्रमुख बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब करदाता धारा 112ए के तहत लिस्टेड इक्विटी शेयरों या इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड की बिक्री से 1.25 लाख रुपए तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) को रिपोर्ट कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा उन्हीं करदाताओं के लिए होगी जिनके पास कैपिटल गेन हेड के तहत सेट-ऑफ या कैरी फॉरवर्ड करने के लिए कोई नुकसान नहीं है। पहले ITR-1 में कैपिटल गेन की रिपोर्टिंग की अनुमति नहीं थी, जिससे छोटे निवेशकों को अधिक जटिल फॉर्म भरने पड़ते थे।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">किनके लिए नहीं है ITR-1?</span></strong><br />
ITR-1 अब भी उन करदाताओं के लिए मान्य नहीं है:<br />
जिन्हें हाउस प्रॉपर्टी की बिक्री से पूंजीगत लाभ हुआ है<br />
या जिनके पास शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन है, जैसे कि शेयरों या म्यूचुअल फंड की अल्पकालिक बिक्री</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नए फॉर्म पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं</span></strong><br />
CBDT ने 30 अप्रैल 2025 को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म अधिसूचित कर दिए थे। इनका उपयोग 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच अर्जित आय की रिपोर्टिंग के लिए किया जाएगा।</p>
<p>(IANS)</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/itr-filing-extended/">Income Tax: ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ी, अब इस दिन तक भर सकेंगे आयकर रिटर्न</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">73117</post-id>	</item>
		<item>
		<title>GST Collection: जीएसटी संग्रह 2.37 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर, घरेलू लेनदेन और आयात में उल्लेखनीय वृद्धि</title>
		<link>https://uditvani.in/corporate/annual-increase-in-gst-collection/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 May 2025 12:45:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Corporate]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
		<category><![CDATA[GSTPortal]]></category>
		<category><![CDATA[GSTR]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Taxpayers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=69655</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस माह जीएसटी राजस्व 2.37 लाख करोड़ रुपए दर्ज हुआ, जो पिछले वर्ष अप्रैल के 2.10 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है. घरेलू लेनदेन और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि आधिकारिक आंकड़ों [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/annual-increase-in-gst-collection/">GST Collection: जीएसटी संग्रह 2.37 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर, घरेलू लेनदेन और आयात में उल्लेखनीय वृद्धि</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली:</span> </strong>भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस माह जीएसटी राजस्व 2.37 लाख करोड़ रुपए दर्ज हुआ, जो पिछले वर्ष अप्रैल के 2.10 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">घरेलू लेनदेन और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि</span></strong><br />
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में घरेलू लेनदेन से 10.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.9 लाख करोड़ रुपए का संग्रह हुआ, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यह अब तक का सबसे ऊंचा मासिक संग्रह है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">रिफंड प्रक्रिया में भी तीव्रता</span></strong><br />
अप्रैल माह के दौरान रिफंड राशि में 48.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 27,341 करोड़ रुपए हो गई. इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार जीएसटी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तीव्रता लाने के लिए प्रतिबद्ध है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पिछले महीनों से लगातार बढ़ोतरी</span></strong><br />
मार्च 2025 में जीएसटी संग्रह 1.96 लाख करोड़ रुपए रहा, जो फरवरी 2025 के 1.84 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 6.8 प्रतिशत अधिक था. यह वृद्धि लगातार हो रहे आर्थिक विस्तार और अनुपालन सुधार का परिणाम है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मार्च संग्रह का विस्तृत विवरण</span></strong><br />
मार्च माह के सकल जीएसटी संग्रह में:<br />
• केंद्रीय जीएसटी (CGST): ₹38,100 करोड़<br />
• राज्य जीएसटी (SGST): ₹49,900 करोड़<br />
• इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST): ₹95,900 करोड़<br />
• कंपनसेशन सेस: ₹12,300 करोड़ शामिल रहा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">शीर्ष योगदानकर्ता राज्य</span></strong><br />
मार्च 2025 में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शीर्ष पांच राज्य रहे जिन्होंने सबसे अधिक योगदान दिया.<br />
• महाराष्ट्र: ₹31,534 करोड़ (14% वृद्धि)<br />
• कर्नाटक: ₹13,497 करोड़ (4% वृद्धि)<br />
• गुजरात: ₹12,095 करोड़ (6% वृद्धि)<br />
• तमिलनाडु: ₹11,017 करोड़ (7% वृद्धि)<br />
• उत्तर प्रदेश: ₹9,956 करोड़ (10% वृद्धि)</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सरकारी प्रतिक्रिया</span></strong><br />
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जीएसटी संग्रह में यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और करदाताओं के बेहतर अनुपालन का प्रमाण है. यह सरकार की राजस्व रणनीति को भी मजबूती प्रदान करता है.</p>
<p>(IANS)</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/corporate/annual-increase-in-gst-collection/">GST Collection: जीएसटी संग्रह 2.37 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर, घरेलू लेनदेन और आयात में उल्लेखनीय वृद्धि</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">69655</post-id>	</item>
		<item>
		<title>New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Apr 2025 09:01:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[Expenditure]]></category>
		<category><![CDATA[IncomeTax]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=68535</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी वस्तुओं जैसे कलाई घड़ी, हैंडबैग, धूप का चश्मा, जूते और स्पोर्ट्सवियर पर 1 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है। आर्ट से जुड़ी वस्तुएं जैसे [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/">New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, नई दिल्ली:</strong></span> केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी वस्तुओं जैसे कलाई घड़ी, हैंडबैग, धूप का चश्मा, जूते और स्पोर्ट्सवियर पर 1 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है।</p>
<p>आर्ट से जुड़ी वस्तुएं जैसे पेंटिंग और मूर्तियां, नौकाएं, होम थिएटर सिस्टम और रेसिंग या पोलो के लिए घोड़े भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं।</p>
<p>सीबीडीटी अधिसूचना में कहा गया है कि लग्जरी वस्तुओं की इस सूची पर टैक्स 22 अप्रैल, 2025 से लागू कर दिया गया है।</p>
<p>जुलाई 2024 के बजट में लग्जरी वस्तुओं पर टीसीएस की घोषणा की गई थी।</p>
<p>बजट 2024 मेमोरेंडम में कहा गया है कि लग्जरी वस्तुओं पर टीसीएस 1 जनवरी, 2025 से लागू होगा।</p>
<p>केंद्रीय बजट 2024-25 में एक संशोधन लाया गया था, जिसके तहत 10 लाख रुपए या उससे अधिक कीमत वाले मोटर वाहनों या केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए किसी अन्य सामान के विक्रेताओं द्वारा खरीदार से 1 प्रतिशत टीसीएस वसूलने की अपेक्षा की गई। हालांकि, इस फैसले को लागू करने की अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।</p>
<p>नांगिया एंडरसन एलएलपी में टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह नोटिफिकेशन हाई-वैल्यू से जुड़े खर्चों की निगरानी बढ़ाने और लग्जरी सामान सेगमेंट में ऑडिट ट्रेल को मजबूत करने के सरकार के इरादे को प्रक्रिया में लाता है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, &#8220;यह टैक्स बेस का विस्तार करने और अधिक वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने के नीतिगत उद्देश्य को दर्शाता है। विक्रेताओं को अब टीसीएस प्रोविजन का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करना होगा, जबकि अधिसूचित लग्जरी सामान के खरीदारों को खरीद के समय बढ़ी हुई केवाईसी आवश्यकताओं और डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है।&#8221;</p>
<p>डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आलोक अग्रवाल ने कहा, &#8220;बिक्री मूल्य 10 लाख रुपए से अधिक होने पर अधिसूचित वस्तुओं के पूरे मूल्य पर 1 प्रतिशत की दर से टीसीएस लागू होगा। इस कदम के पीछे का उद्देश्य विलासिता के सामानों पर बढ़ते खर्च को देखते हुए कर के दायरे को व्यापक और गहरा करना है। इससे शुरू में उन एचएनआई से अधिक पूछताछ हो सकती है, जो इन वस्तुओं को खरीद रहे हैं और टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं या अपने टैक्स रिटर्न में कर योग्य आय की उच्च मात्रा की जानकारी नहीं दे रहे हैं।&#8221;</p>
<p>एकेएम ग्लोबल के टैक्स पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा, &#8220;कलाई घड़ियां, आर्ट पीस, प्राचीन वस्तुएं, नौकाएं और संग्रहणीय वस्तुएं (10 लाख रुपए से अधिक) जैसी उच्च मूल्य वाली वस्तुओं को 1 प्रतिशत की दर से टीसीएस फ्रेम में लाकर, सरकार कर के दायरे को केवल मोटर वाहनों से आगे बढ़ा रही है।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/">New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">68535</post-id>	</item>
		<item>
		<title>चालू वित्तीय बर्ष में व्यवसायिक विवरणी दाखिल करने व टैक्स चोरी करनेवालों पर रहेगी कड़ी निगरानी- वित्तमंत्री</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-finance-minister-tax-reforms/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Apr 2025 18:08:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[FinanceMinister]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=68497</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि चालू वित्तीय बर्ष के दौरान व्यवसायिक विवरणी दाखिल करने एवं कर अपवंचना [टैक्स चोरी] करनेवालों पर सतत् निगरानी रखी जायेगी. इसको लेकर वाणिज्यकर इंटेलीजेंस व राजस्व एनालिसिस यूनिट तथा स्पेशल टास्क यूनिट को और अधिक सशक्त बनाया जायेगा. वित्तमंत्री यहां सूचना भवन में प्रेसवार्ता को [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-finance-minister-tax-reforms/">चालू वित्तीय बर्ष में व्यवसायिक विवरणी दाखिल करने व टैक्स चोरी करनेवालों पर रहेगी कड़ी निगरानी- वित्तमंत्री</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि चालू वित्तीय बर्ष के दौरान व्यवसायिक विवरणी दाखिल करने एवं कर अपवंचना [टैक्स चोरी] करनेवालों पर सतत् निगरानी रखी जायेगी. इसको लेकर वाणिज्यकर इंटेलीजेंस व राजस्व एनालिसिस यूनिट तथा स्पेशल टास्क यूनिट को और अधिक सशक्त बनाया जायेगा. वित्तमंत्री यहां सूचना भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर प्रभारी वित्त सचिव अमिताभ कौशल व बिशेष सचिव सह वाणिज्यकर आयुक्त अमित कुमार भी मौजूद थे.</p>
<p>वित्तमंत्री ने उनका विभाग वित्तीय प्रंबंधन को मजबूत करने की दिशा में ठोस कार्य किया जा रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि एफआरबीएम अधिनियम के तहत बर्ष 2025-26 में सभी विभागों को तीन महीने में एक बार राजस्व संग्रहण की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है और वे स्वयं छह महीने में एक बार इसकी समीक्षा करेंगे. राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य के सभी प्रमंडलों का दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दिया जायेगा. वहीं जो वाण्ज्यििक अंचल पीछे होंगे. उन्हें बिशेष निर्देश और सहायता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि डीजल में वैट की दर 22 प्रतिशत होने की वजह से खनन कंपनियां बल्क में राज्य से बाहर डीजल खरीद रहे थे.</p>
<p>अब डीजल में वैट की दर 7 प्रतिशत घटाकर 15 फीसदी कर गई है और उम्मीद है कि इस निर्णय के बाद खनन कंपनियां राज्य में ही डीजल की खरीद करेंगे. दो साल से अधिक समय से पीएल अकाउंट में जमा की गई राशि का विवरण सभी विभागों से मगाया गया है. उन्होंने कहा राज्य में कई विभागों द्वारा बर्ष 2010 से राशि पीएल अकाउंट में रखा गया है. यह गलत के साथ-साथ वित्तीय कुप्रबंधन है. इसपर हम पूरी संवेदनशीलता के साथ समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि हमारी सरकार का वित्तीय प्रबंधन पारदर्शी हो. उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिया गया है कि नये वित्तीय बर्ष के लिए आंवंटित योजना मद की राशि अप्रैल के अंत तक या फिर 7 मई तक योजनाओं के विरुद्ध जिलों को राशि आवंटित कर दिये जांय. ताकि विकास का काम बाधित ना हो. वहीं वाणिज्य कर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि आईजीएसटी-एसजीएसटी, वैट, विद्युत शुल्क व पेशाकर राजस्व वसूली के इन चारों कंपोनेंट को सहित कई इंटिग्रेटेड करके सभी पोर्टल को एक प्लेटफार्म में समाहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इससे टैक्स की वसूली व राजस्व प्राप्ति संबंधी सभी आंकड़े एक साथ मिल सकेंगे और अनियमितायें कम होंगी.</p>
<p>जबकि वित्तमंत्री किशोर ने वित्तीय बर्ष 2024-25 में वाणिज्यकर विभाग के लिए निर्धारित लक्ष्य 26 हज़ार करोड़ रुपये के विरुद्ध 22292.25 करोड़ रुपये का राजस्व वसूली किया गया. वहीं उन्होंने बताया कि लैंड रेवन्यू डिपार्टमेंट में लक्ष्य से काफी कम 32.02 प्रतिशत ही राज्स्व की वसूली हो पायी है. इसको लेकर वे राजस्व मंत्री दीपक बिरूवा के साथ समीक्षा बैठक करेंगे. उन्होंने कहा कि केन्द्र से मिलनेवाली अनुदान राशि भी मात्र 53.43 प्रतिशत प्राप्त हुई है. इसको लेकर वे केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात करेंगे. वहीं उन्होंने बताया कि राज्य में जीएसटी व एक्साइज डिपार्टमेंट में राजस्व की वसूली लक्ष्य से ज्यादा की गई है. जीएसटी में 105.50 प्रतिशत व एक्साइज 100.32 प्रतिशत राजस्व की वसूली हुई है. वहीं वित्तमंत्री ने मंईयां सम्मान योजना को कल्याणकारी योजना बताया और इसे फ्रीबीज कहे जाने पर आपत्ति जताया.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-finance-minister-tax-reforms/">चालू वित्तीय बर्ष में व्यवसायिक विवरणी दाखिल करने व टैक्स चोरी करनेवालों पर रहेगी कड़ी निगरानी- वित्तमंत्री</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">68497</post-id>	</item>
		<item>
		<title>GST registration: अब और आसानी से होगा GST रजिस्ट्रेशन, CBIC ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/now-gst-registration-will-be-easier/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 11:57:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
		<category><![CDATA[GSTPortal]]></category>
		<category><![CDATA[GSTR]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Taxpayers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=67640</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए अधिकारियों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं. इससे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम होगा और नियम-आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा.सरकार के इस कदम को व्यापार में आसानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/now-gst-registration-will-be-easier/">GST registration: अब और आसानी से होगा GST रजिस्ट्रेशन, CBIC ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली:</span> </strong>केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए अधिकारियों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं. इससे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम होगा और नियम-आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा.सरकार के इस कदम को व्यापार में आसानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">शिकायतों के समाधान के लिए जारी किए गए नए दिशानिर्देश</span></strong><br />
सीबीआईसी को GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं. ये शिकायतें मुख्य रूप से अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग को लेकर थीं. इन समस्याओं का समाधान करते हुए, सीबीआईसी ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाएंगे.वित्त मंत्रालय ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रजिस्ट्रेशन आवेदन पत्र में दिए गए दस्तावेजों की निर्धारित सूची का सख्ती से पालन करें. साथ ही, विशेष मामलों में रजिस्ट्रेशन आवेदन पत्र के साथ अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी दी गई है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नोटिस जारी करने में अधिक सावधानी बरतने की सलाह</span></strong><br />
सरकारी एजेंसी ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे छोटी-मोटी विसंगतियों या ऐसे अतिरिक्त दस्तावेजों के आधार पर नोटिस जारी न करें, जो आवेदनों के प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक नहीं हैं. इसके अलावा, विशिष्ट मामलों में अन्य दस्तावेजों की मांग के लिए संबंधित उप/सहायक आयुक्त से अनुमोदन लिया जाए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">निगरानी और उल्लंघन पर कार्रवाई</span></strong><br />
सीबीआईसी ने मुख्य आयुक्तों से यह सलाह दी है कि वे इस प्रक्रिया पर निगरानी रखें और जहां भी आवश्यक हो, ट्रेड नोटिस जारी करने के लिए सिस्टम विकसित करें. साथ ही, इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.मंत्रालय ने कहा, &#8220;इससे GST रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुविधा होगी, अनुपालन बोझ कम होगा और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा मिलेगा.&#8221;</p>
<p>(IANS)</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/now-gst-registration-will-be-easier/">GST registration: अब और आसानी से होगा GST रजिस्ट्रेशन, CBIC ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">67640</post-id>	</item>
		<item>
		<title>JHARKHAND: खनन क्षेत्र में बड़ा बदलाव,अब बाजार दर पर वसूली जाएगी कोयले की रॉयल्टी</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/coal-mining-royalty-revision-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVani News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 09:42:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Coal]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=64969</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, झारखंड: सरकार ने राज्य में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है. सरकार ने कोयले सहित विभिन्न खनिजों पर रॉयल्टी और सेस की दरों में बदलाव करते हुए अब कोयले की रॉयल्टी बाजार दर के अनुरूप वसूलने का फैसला किया है. इस फैसले का [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/coal-mining-royalty-revision-2025/">JHARKHAND: खनन क्षेत्र में बड़ा बदलाव,अब बाजार दर पर वसूली जाएगी कोयले की रॉयल्टी</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="" data-start="90" data-end="358"><strong>उदित वाणी, झारखंड: </strong>सरकार ने राज्य में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है. सरकार ने कोयले सहित विभिन्न खनिजों पर रॉयल्टी और सेस की दरों में बदलाव करते हुए अब कोयले की रॉयल्टी बाजार दर के अनुरूप वसूलने का फैसला किया है. इस फैसले का सीधा असर कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनियों—सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड), इसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) और बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड)—पर पड़ेगा, जो झारखंड में बड़े पैमाने पर कोयला खनन और आपूर्ति करती हैं.</p>
<p><strong>कैसे</strong> <strong>बदलेगी</strong> <strong>रॉयल्टी</strong> <strong>की</strong> <strong>गणना</strong><strong>?</strong></p>
<p>अब तक इन कंपनियों द्वारा उत्पादित कोयले की रॉयल्टी एक तयशुदा दर पर ली जाती थी, जो बाजार मूल्य से कम थी. लेकिन सरकार के इस नए नियम के तहत कोयले की रॉयल्टी बाजार दर के आधार पर तय की जाएगी. इससे राज्य सरकार को कोयले की बिक्री से अधिक राजस्व प्राप्त होगा और झारखंड की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी.</p>
<p><strong>पावर</strong> <strong>प्लांट्स</strong> <strong>पर</strong> <strong>पड़ेगा</strong> <strong>असर</strong></p>
<p>सीसीएल, इसीएल और बीसीसीएल द्वारा उत्पादित कोयले का बड़ा हिस्सा देशभर के पावर प्लांट्स को बेचा जाता है. रॉयल्टी की दर बढ़ने से इन पावर प्लांट्स की उत्पादन लागत में वृद्धि हो सकती है, जिससे बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, सरकार का कहना है कि यह निर्णय राज्य के हित में लिया गया है और इससे झारखंड को अधिकतम लाभ मिलेगा.</p>
<p><strong>आठ</strong> <strong>हजार</strong> <strong>करोड़</strong> <strong>रुपये</strong> <strong>की</strong> <strong>अतिरिक्त</strong> <strong>आमदनी</strong> <strong>का</strong> <strong>अनुमान</strong></p>
<p>झारखंड सरकार को इस नई नीति से सालाना करीब <strong>8,000 </strong><strong>करोड़</strong> <strong>रुपये</strong> की अतिरिक्त रॉयल्टी मिलने की उम्मीद है. इससे राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अधिक निवेश संभव हो सकेगा.</p>
<p><strong>खनन</strong> <strong>क्षेत्र</strong> <strong>में</strong> <strong>आएगा</strong> <strong>बड़ा</strong> <strong>बदलाव</strong></p>
<p>खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड में यह निर्णय कोयला उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा. सरकार का मानना है कि इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और अवैध खनन पर भी अंकुश लगेगा. इसके अलावा, राज्य सरकार अन्य खनिजों की रॉयल्टी दरों की समीक्षा भी कर रही है, जिससे भविष्य में अन्य खनिजों पर भी इसी तरह के बदलाव किए जा सकते हैं.</p>
<p>राज्य सरकार के इस फैसले पर कोयला कंपनियों और उद्योग जगत की निगाहें टिकी हैं. हालांकि, सरकार इसे झारखंड के राजस्व और विकास के लिए एक सकारात्मक कदम मान रही है, जिसका लाभ लंबे समय में राज्य की जनता को मिलेगा.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/coal-mining-royalty-revision-2025/">JHARKHAND: खनन क्षेत्र में बड़ा बदलाव,अब बाजार दर पर वसूली जाएगी कोयले की रॉयल्टी</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">64969</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
