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	<title>space Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>space Archives - Udit Vani</title>
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		<title>अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर आज पहुंचेंगे शुभांशु शुक्ला, पृथ्वी की कर रहे परिक्रमा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/subhanshu-shukla-first-indian-on-iss-axiom-mission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 08:12:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[nasa]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने की दहलीज पर हैं. शुभांशु शुक्ला अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के तीन अन्य लोगों के साथ गुरुवार सुबह 7 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचेंगे. लखनऊ में जन्मे शुक्ला की [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली :</span> </strong>भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने की दहलीज पर हैं. शुभांशु शुक्ला अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के तीन अन्य लोगों के साथ गुरुवार सुबह 7 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचेंगे.</p>
<p>लखनऊ में जन्मे शुक्ला की उड़ान फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से सुबह 2:31 बजे ईडीटी (भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे) पर फाल्कन 9 रॉकेट पर एक नए स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में लॉन्च हुई थी.</p>
<p>नासा ने एक अपडेट में बताया, &#8220;बुधवार को 2:31 बजे ईडीटी पर कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर बढ़ रहा है, जिसमें एक्सिओम मिशन 4 के चालक दल के चार सदस्य हैं.&#8221;</p>
<p>ड्रैगन में एक्स-4 कमांडर पैगी व्हिटसन, पायलट शुभांशु शुक्ला और मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज्नान्स्की-विज्निएव्स्की और टिबोर कपू सवार हैं.</p>
<p>नासा ने कहा कि यह गुरुवार सुबह 7 बजे हार्मनी मॉड्यूल के अंतरिक्ष-सामने वाले पोर्ट पर डॉक करेगा.</p>
<p>41 साल बाद भारत का एक अंतरिक्ष यात्री फिर से अंतरिक्ष में है. शुक्ला 1984 में राकेश शर्मा की उड़ान के बाद अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय होंगे.</p>
<p>आईएसएस जाते समय अपने संदेश में शुक्ला ने कहा, &#8220;नमस्ते, मेरे प्यारे देशवासियों. क्या सफर है. 41 साल बाद हम फिर से अंतरिक्ष में हैं. यह एक शानदार अनुभव है. हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं.&#8221;</p>
<p>शुक्ला ने कहा, &#8220;यह केवल मेरी यात्रा नहीं है. मैं अपने साथ भारतीय तिरंगा ले जा रहा हूं. यह भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की यात्रा है.&#8221;</p>
<p>शुभांशु शुक्ला अपने साथ गाजर का हलवा, मूंग दाल हलवा और आम का रस ले गए हैं, ताकि अंतरिक्ष में घर के खाने की क्रेविंग को शांत कर सकें और अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इसे बांट सकें.</p>
<p>एक्सिओम-4 मिशन न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि भारत की वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में उभरती स्थिति का प्रमाण है. यह देश की अंतरिक्ष नवाचार में नेतृत्व करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और वैश्विक मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता को दर्शाता है.</p>
<p>आईएसएस पर सवार होने के बाद शुभांशु शुक्ला भोजन और अंतरिक्ष पोषण से संबंधित प्रयोग करेंगे.</p>
<p>ये प्रयोग इसरो और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सहयोग से नासा के समर्थन के साथ विकसित किए गए हैं. इनका उद्देश्य लंबी अवधि अंतरिक्ष यात्रा के लिए महत्वपूर्ण टिकाऊ जीवन-रक्षा प्रणालियों की समझ को बढ़ाना है.</p>
<p>शोध में सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण और अंतरिक्ष विकिरण के खाद्य सूक्ष्म शैवालों पर प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा, जो भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर, उच्च क्षमता वाला खाद्य स्रोत है. प्रयोग में प्रमुख विकास मापदंडों का मूल्यांकन किया जाएगा और विभिन्न शैवाल प्रजातियों में अंतरिक्ष में होने वाले ट्रांसक्रिप्टोमिक, प्रोटीओमिक और मेटाबोलोमिक परिवर्तनों की तुलना पृथ्वी पर उनके व्यवहार से की जाएगी.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>ISS: तकनीकी संकट और लंबे संघर्ष के बाद स्पेसएक्स कैप्सूल अंतरिक्ष से रवाना, इस दिन धरती पर वापस आएँगी Sunita Williams</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/spacex-capsule-released/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 06:59:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Astronaut]]></category>
		<category><![CDATA[earth]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के लिए धरती पर वापसी का समय आ गया है. स्पेसएक्स का कैप्सूल, जिसमें ये दोनों अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, अब अपनी यात्रा शुरू कर चुका है. भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे ये अंतरिक्ष यात्री [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली:</span> </strong>अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फंसे नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के लिए धरती पर वापसी का समय आ गया है. स्पेसएक्स का कैप्सूल, जिसमें ये दोनों अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, अब अपनी यात्रा शुरू कर चुका है. भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे ये अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस लौटेंगे. इस दौरान उनका स्पेसएक्स कैप्सूल 17 घंटे का सफर तय करेगा और वे फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित उतरेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अनपेक्षित लंबा सफर</span></strong><br />
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने पिछले साल 5 जून 2025 को नासा के मिशन के तहत बोइंग के अंतरिक्ष यान से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए उड़ान भरी थी. दोनों का मिशन केवल 10 दिनों का था, लेकिन यान में तकनीकी खराबी आने के कारण वे निर्धारित समय पर पृथ्वी पर लौटने में असमर्थ रहे. इस खराबी के कारण उनका 10 दिनों का मिशन अब 9 महीने से भी अधिक समय तक खिंच गया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतरिक्ष में एक लंबा इंतजार</span></strong><br />
इस लंबे इंतजार के बावजूद, सुनीता और बुच ने अपने मिशन को पूरा करने के लिए साहस और धैर्य का परिचय दिया. अब, अंततः उनका सफर समाप्त होने जा रहा है, और दोनों अंतरिक्ष यात्री जल्द ही पृथ्वी पर लौटेंगे, जहां उनका स्वागत होगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">संभावनाओं और तकनीकी चुनौतियों का सामना</span></strong><br />
यह घटना यह भी दिखाती है कि अंतरिक्ष यात्रा के दौरान तकनीकी समस्याएं कितनी बड़ी चुनौतियां उत्पन्न कर सकती हैं. हालांकि, वैज्ञानिक और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत से इन समस्याओं को हल किया गया, जिससे सुनीता और बुच की सुरक्षा सुनिश्चित हुई.</p>
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		<title>बेहद आध्यात्मिक हैं तीन बार की अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams, जानिए क्यों हर यात्रा पर अपने साथ ले जाती हैं हिंदू देवी देवताओं के प्रतीक?</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/sunita-why-takes-symbols-of-hindu-gods/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 07:05:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी का रास्ता अब स्पष्ट हो चुका है. नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त मिशन क्रू-10 के तहत, ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापस लौटेंगे. क्रू-10 मिशन और टीम [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली:</span></strong> भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी का रास्ता अब स्पष्ट हो चुका है. नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त मिशन क्रू-10 के तहत, ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापस लौटेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">क्रू-10 मिशन और टीम की उपलब्धियां</span></strong><br />
क्रू-10 मिशन की टीम ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफलता पूर्वक कदम रखा है. इस टीम में नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव शामिल हैं. ये सभी कुछ दिन तक सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर से अंतरिक्ष मिशन के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष यात्रा की ऐतिहासिक यात्रा</span></strong><br />
सुनीता विलियम्स, जिन्होंने अब तक तीन बार अंतरिक्ष यात्रा की है, की यात्रा एक प्रेरणा है. उनकी पहली यात्रा 11 दिसंबर 2006 से लेकर 22 जून 2007 तक रही, जब वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर थीं. इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए स्पेसवॉक में नया रिकॉर्ड स्थापित किया. उन्होंने कुल 29 घंटे 17 मिनट अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर बिताए. इस मिशन में वह अपने साथ <strong>भगवद्गीता</strong> की एक प्रति लेकर गई थीं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर</span></strong><br />
सुनीता की दूसरी यात्रा 14 जुलाई 2012 को हुई थी, जब वह कजाकिस्तान के बाइकानोर कॉस्मोड्रोम से रूस और जापान के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष में गई थीं. इस दौरान उन्होंने चार महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर कई महत्वपूर्ण शोध किए और तीन स्पेसवॉक की. इस बार भी वह <strong>ओम का निशान, भगवान शिव की एक पेंटिंग और उपनिषद</strong> की एक प्रति अपने साथ लेकर गई थीं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">तीसरी यात्रा और भगवान गणेश की मूर्ति</span></strong><br />
सुनीता की तीसरी अंतरिक्ष यात्रा 5 जून 2024 को शुरू हुई थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह अपने निर्धारित समय पर धरती पर वापस नहीं आ पाईं. इस बार उन्होंने भगवान <strong>गणेश की मूर्ति</strong> अपने साथ अंतरिक्ष में ली थी, क्योंकि वह भगवान गणेश को अपनी लकी देवी मानती हैं. यह यात्रा अब तक की सबसे लंबी यात्रा साबित हुई है, जिसमें वह लगभग नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतरिक्ष यात्रा और आध्यात्मिकता</span></strong><br />
सुनीता विलियम्स को न केवल अपनी अंतरिक्ष यात्रा के लिए जाना जाता है, बल्कि उनकी आध्यात्मिकता भी लोगों को प्रेरित करती है. वह भगवान में विश्वास रखती हैं और अंतरिक्ष में भी अपने धार्मिक प्रतीकों को साथ ले जाती हैं. उनके लिए अंतरिक्ष यात्रा केवल वैज्ञानिक कार्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के प्रभाव</span></strong><br />
लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण सुनीता और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बैरी विल्मोर को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है. शून्य गुरुत्वाकर्षण और विकिरण के प्रभाव से हड्डियों की कमजोरी, आंखों की रोशनी पर असर और शरीर के संतुलन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">आखिरकार धरती पर लौटने का समय</span></strong><br />
अब क्रू-10 मिशन के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने के बाद, सुनीता और बैरी की धरती पर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उनके मिशन ने न केवल अंतरिक्ष यात्रा की सफलता को दर्शाया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि मानव अंतरिक्ष मिशनों के लिए समर्पण और धैर्य की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/sunita-why-takes-symbols-of-hindu-gods/">बेहद आध्यात्मिक हैं तीन बार की अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams, जानिए क्यों हर यात्रा पर अपने साथ ले जाती हैं हिंदू देवी देवताओं के प्रतीक?</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
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