<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>scientist Archives - Udit Vani</title>
	<atom:link href="https://uditvani.in/tag/scientist/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://uditvani.in/tag/scientist/</link>
	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
	<lastBuildDate>Sun, 21 Sep 2025 17:55:07 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2022/04/fev.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>scientist Archives - Udit Vani</title>
	<link>https://uditvani.in/tag/scientist/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">207316808</site>	<item>
		<title>Jharkhand News : CUJ के तीन प्रोफेसर को स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने शीर्ष वैज्ञानिकों में किया शामिल</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/cuj-professors-top-percent-scientists/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Sep 2025 17:52:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[professor]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=86003</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड [सीयूजे] के तीन प्रोफेसरों डा भास्कर सिंह, डा सचिन कुमार और डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने बड़ी उपलब्धि अर्जित की है. तीनों प्राध्यापकों को विभिन्न बिषयों में विश्व के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा यह रिपोर्ट तैयार कर सूची [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/cuj-professors-top-percent-scientists/">Jharkhand News : CUJ के तीन प्रोफेसर को स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने शीर्ष वैज्ञानिकों में किया शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड [सीयूजे] के तीन प्रोफेसरों डा भास्कर सिंह, डा सचिन कुमार और डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने बड़ी उपलब्धि अर्जित की है. तीनों प्राध्यापकों को विभिन्न बिषयों में विश्व के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा यह रिपोर्ट तैयार कर सूची जारी किया गया है. 19 सितंबर को एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित सूची के अनुसार डा भास्कर सिंह लगातार पांचवें बर्ष ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, डा सचिन कुमार लगातार तीसरे बर्ष ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में और डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य ने पहली बार एप्लाइड फिजिक्स और मटेरियल साइंस क्षेत्र में इस सूची में स्थान बनाया है. डा भास्कर सिंह बायोडीजल विकास के विभिन्न पहलुओं के क्षेत्र में काम करते हैं और अन्य समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करते हैं. स्कोपस डेटा के अनुसार डा भास्कर सिंह के 110 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है. जिनमें 6535 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-39 है. वहीं डा सचिन कुमार अपशिष्ट मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में काम करते हैं और ऊर्जा से संबंधित अन्य मुद्दों की खोज करते हैं. स्कोपस डेटा के अनुसार डा सचिन कुमार के 61 अनुसंधान प्रकाशित किया गया है. जिनमें 2320 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-22 है. जबकि डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य नैनोस्ट्रक्चर्ड थिन फिल्म्स, कोटिंग्स, नैनोइंडेंटेशन अध्ययन, सरफेस इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और ऊर्जा बायोमेडिकल सामग्रियों के क्षेत्र में कार्यरत हैं. स्कोपस के आंकड़ों के अनुसार डा अर्णब शंकर भट्टाचार्य के 67 अनुसंधान प्रकाशित हुए हैं. जिनमें 700 उद्धरण [साइटेशन] हैं और उनके लेखों का वर्तमान एच-इंडेक्स-16 है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/cuj-professors-top-percent-scientists/">Jharkhand News : CUJ के तीन प्रोफेसर को स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने शीर्ष वैज्ञानिकों में किया शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">86003</post-id>	</item>
		<item>
		<title>क्या है उम्र बढ़ने के साथ पेट की चर्बी बढ़ने का वास्तविक कारण? जानिए कोशिकीय प्रक्रिया</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/increasing-belly-fat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Apr 2025 15:36:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Belly fat]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=69078</guid>

					<description><![CDATA[<p>न्यू यॉर्क: अमेरिका के वैज्ञानिकों ने अब उम्र के साथ पेट की चर्बी बढ़ने के पीछे के कोशिकीय कारणों का खुलासा किया है. इस शोध से यह समझने में मदद मिलती है कि क्यों उम्र के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते हमारी कमर चौड़ी हो जाती है. यह शोध साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है, और इसके [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/increasing-belly-fat/">क्या है उम्र बढ़ने के साथ पेट की चर्बी बढ़ने का वास्तविक कारण? जानिए कोशिकीय प्रक्रिया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800000;">न्यू यॉर्क:</span> </strong>अमेरिका के वैज्ञानिकों ने अब उम्र के साथ पेट की चर्बी बढ़ने के पीछे के कोशिकीय कारणों का खुलासा किया है. इस शोध से यह समझने में मदद मिलती है कि क्यों उम्र के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते हमारी कमर चौड़ी हो जाती है. यह शोध साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है, और इसके निष्कर्षों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में पेट की चर्बी को नियंत्रित करने और स्वस्थ जीवनकाल बढ़ाने के लिए नई उपचार विधियां विकसित की जा सकती हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">शोध का उद्देश्य और खोज</span></strong><br />
यह शोध &#8216;सिटी ऑफ होप&#8217; द्वारा किया गया है. सिटी ऑफ होप के आर्थर रिग्स डायबिटीज एंड मेटाबॉलिज्म रिसर्च इंस्टीट्यूट में आणविक और सेलुलर एंडोक्राइनोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर किओंग (एनाबेल) वांग ने कहा, &#8220;लोग उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियाँ खो देते हैं और शरीर में चर्बी बढ़ जाती है, चाहे उनका वजन वही रहता है.&#8221;वांग ने आगे बताया, &#8220;हमने यह पाया कि उम्र बढ़ने के साथ एक नई प्रकार की वयस्क स्टेम कोशिकाएं शरीर में आती हैं और पेट के आसपास नई चर्बी कोशिकाओं का उत्पादन तेज कर देती हैं.&#8221;</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">शोध विधि और प्रयोग</span></strong><br />
वांग और उनकी टीम ने यूसीएलए लैब सह-लेखक शिया यांग के साथ मिलकर चूहों पर प्रयोग किए, जिनकी पुष्टि बाद में मानव कोशिकाओं पर की गई. शोधकर्ताओं ने व्हाइट एडिपोज टिशू (डब्ल्यूएटी) पर ध्यान केंद्रित किया, जो उम्र से संबंधित वजन बढ़ने के लिए जिम्मेदार वसा ऊतक है.<br />
वर्षों से यह माना जा रहा था कि उम्र के साथ वसा कोशिकाएं बड़ी हो जाती हैं, लेकिन शोधकर्ताओं को शक था कि डब्ल्यूएटी नए वसा कोशिकाओं का उत्पादन भी कर सकता है. यह शोध इस बात की पुष्टि करता है कि डब्ल्यूएटी के बढ़ने की कोई सीमा नहीं हो सकती.</p>
<p><strong><span style="color: #800000;">स्टेम कोशिकाओं का योगदान</span></strong><br />
अपने अनुमान को परखने के लिए, शोधकर्ताओं ने एडिपोसाइट प्रोजेनिटर कोशिकाएं (एपीसीएस) पर ध्यान केंद्रित किया, जो डब्ल्यूएटी में पाई जाने वाली स्टेम कोशिकाएं हैं. ये कोशिकाएं वसा कोशिकाओं में बदलती हैं. टीम ने सबसे पहले युवा और अधिक उम्र वाले चूहों से एपीसीएस लेकर इन्हें दूसरे समूह के युवा चूहों में ट्रांसप्लांट किया.पुराने चूहों से निकाली गई एपीसीएस ने तेजी से नई वसा कोशिकाएं बनाई. वहीं, जब टीम ने युवा चूहों से एपीसीएस को पुराने चूहों में ट्रांसप्लांट किया, तो इन स्टेम कोशिकाओं ने ज्यादा नई वसा कोशिकाएं नहीं बनाई. यह परिणाम यह साबित करते हैं कि पुराने एपीसीएस में खुद ही नए वसा कोशिकाएं बनाने की क्षमता होती है. इस शोध के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि उम्र से संबंधित मोटापे से निपटने के लिए नई वसा कोशिकाओं का निर्माण नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण है.</p>
<p>(IANS)</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/increasing-belly-fat/">क्या है उम्र बढ़ने के साथ पेट की चर्बी बढ़ने का वास्तविक कारण? जानिए कोशिकीय प्रक्रिया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">69078</post-id>	</item>
		<item>
		<title>बेहद आध्यात्मिक हैं तीन बार की अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams, जानिए क्यों हर यात्रा पर अपने साथ ले जाती हैं हिंदू देवी देवताओं के प्रतीक?</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/sunita-why-takes-symbols-of-hindu-gods/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 07:05:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[रांची]]></category>
		<category><![CDATA[Astronaut]]></category>
		<category><![CDATA[isro]]></category>
		<category><![CDATA[nasa]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<category><![CDATA[space]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=62951</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी का रास्ता अब स्पष्ट हो चुका है. नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त मिशन क्रू-10 के तहत, ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापस लौटेंगे. क्रू-10 मिशन और टीम [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/sunita-why-takes-symbols-of-hindu-gods/">बेहद आध्यात्मिक हैं तीन बार की अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams, जानिए क्यों हर यात्रा पर अपने साथ ले जाती हैं हिंदू देवी देवताओं के प्रतीक?</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली:</span></strong> भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर की नौ महीने बाद धरती पर वापसी का रास्ता अब स्पष्ट हो चुका है. नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त मिशन क्रू-10 के तहत, ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से वापस लौटेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">क्रू-10 मिशन और टीम की उपलब्धियां</span></strong><br />
क्रू-10 मिशन की टीम ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफलता पूर्वक कदम रखा है. इस टीम में नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव शामिल हैं. ये सभी कुछ दिन तक सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर से अंतरिक्ष मिशन के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष यात्रा की ऐतिहासिक यात्रा</span></strong><br />
सुनीता विलियम्स, जिन्होंने अब तक तीन बार अंतरिक्ष यात्रा की है, की यात्रा एक प्रेरणा है. उनकी पहली यात्रा 11 दिसंबर 2006 से लेकर 22 जून 2007 तक रही, जब वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर थीं. इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए स्पेसवॉक में नया रिकॉर्ड स्थापित किया. उन्होंने कुल 29 घंटे 17 मिनट अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर बिताए. इस मिशन में वह अपने साथ <strong>भगवद्गीता</strong> की एक प्रति लेकर गई थीं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर</span></strong><br />
सुनीता की दूसरी यात्रा 14 जुलाई 2012 को हुई थी, जब वह कजाकिस्तान के बाइकानोर कॉस्मोड्रोम से रूस और जापान के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष में गई थीं. इस दौरान उन्होंने चार महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहकर कई महत्वपूर्ण शोध किए और तीन स्पेसवॉक की. इस बार भी वह <strong>ओम का निशान, भगवान शिव की एक पेंटिंग और उपनिषद</strong> की एक प्रति अपने साथ लेकर गई थीं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">तीसरी यात्रा और भगवान गणेश की मूर्ति</span></strong><br />
सुनीता की तीसरी अंतरिक्ष यात्रा 5 जून 2024 को शुरू हुई थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह अपने निर्धारित समय पर धरती पर वापस नहीं आ पाईं. इस बार उन्होंने भगवान <strong>गणेश की मूर्ति</strong> अपने साथ अंतरिक्ष में ली थी, क्योंकि वह भगवान गणेश को अपनी लकी देवी मानती हैं. यह यात्रा अब तक की सबसे लंबी यात्रा साबित हुई है, जिसमें वह लगभग नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतरिक्ष यात्रा और आध्यात्मिकता</span></strong><br />
सुनीता विलियम्स को न केवल अपनी अंतरिक्ष यात्रा के लिए जाना जाता है, बल्कि उनकी आध्यात्मिकता भी लोगों को प्रेरित करती है. वह भगवान में विश्वास रखती हैं और अंतरिक्ष में भी अपने धार्मिक प्रतीकों को साथ ले जाती हैं. उनके लिए अंतरिक्ष यात्रा केवल वैज्ञानिक कार्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के प्रभाव</span></strong><br />
लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण सुनीता और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बैरी विल्मोर को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है. शून्य गुरुत्वाकर्षण और विकिरण के प्रभाव से हड्डियों की कमजोरी, आंखों की रोशनी पर असर और शरीर के संतुलन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">आखिरकार धरती पर लौटने का समय</span></strong><br />
अब क्रू-10 मिशन के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने के बाद, सुनीता और बैरी की धरती पर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उनके मिशन ने न केवल अंतरिक्ष यात्रा की सफलता को दर्शाया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि मानव अंतरिक्ष मिशनों के लिए समर्पण और धैर्य की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/sunita-why-takes-symbols-of-hindu-gods/">बेहद आध्यात्मिक हैं तीन बार की अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams, जानिए क्यों हर यात्रा पर अपने साथ ले जाती हैं हिंदू देवी देवताओं के प्रतीक?</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">62951</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand: पंजाब में झारखंड के साइंटिस्ट की हत्या मामले सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा &#8211; आरोपी गिरफ्तार</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-scientist-murdered-in-punjab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 12:45:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Dhanbad]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Murder]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=62912</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, धनबाद: झारखंड के साइंटिस्ट अभिषेक स्वर्णकार की पंजाब में हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मोंटी नाम के युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस हत्याकांड को लेकर अभिषेक स्वर्णकार के परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-scientist-murdered-in-punjab/">Jharkhand: पंजाब में झारखंड के साइंटिस्ट की हत्या मामले सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा &#8211; आरोपी गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, धनबाद:</span> </strong>झारखंड के साइंटिस्ट अभिषेक स्वर्णकार की पंजाब में हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मोंटी नाम के युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस हत्याकांड को लेकर अभिषेक स्वर्णकार के परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पार्किंग विवाद में हुई हत्या</span></strong><br />
धनबाद के कतरास निवासी अभिषेक स्वर्णकार अपने माता-पिता के साथ पंजाब में रह रहे थे. मंगलवार की शाम, पार्किंग को लेकर उनके पड़ोसी मोंटी के साथ विवाद हो गया. सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिखाई देता है कि बाइक पार्किंग की वजह से विवाद शुरू हुआ. मोंटी ने अभिषेक को धक्का दिया, जिससे वह गिर गए. फिर वह उठने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर से गिर जाते हैं. अभिषेक के माता-पिता ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन वह उठ नहीं पाए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मृतक के परिवार का आरोप</span></strong><br />
परिजनों का कहना है कि हाल ही में अभिषेक की किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी और मोंटी ने अभिषेक के पेट में घूसा मारा, जिससे उनकी मौत हो गई.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अभिषेक का व्यावसायिक जीवन</span></strong><br />
अभिषेक अमेरिका समेत कई देशों में काम कर चुके थे. कुछ समय पहले उनकी सेहत खराब हो गई थी, जिसके बाद वह भारत लौट आए थे. परिवार में उनकी दो बहनें और बुजुर्ग माता-पिता हैं. अभिषेक की किडनी ट्रांसप्लांट उनकी बहन ने दी थी.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">विज्ञान जगत के लिए अपूरणीय क्षति</span></strong><br />
IISER से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक स्वर्णकार के रिसर्च को प्रतिष्ठित जर्नल &#8216;साइंस&#8217; में प्रकाशित किया गया था. इसी वजह से उन्हें IISER में काम करने का अवसर मिला था. IISER में कार्यरत उनके सहकर्मियों का कहना है कि यह घटना विज्ञान जगत के लिए एक बड़ी क्षति है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-scientist-murdered-in-punjab/">Jharkhand: पंजाब में झारखंड के साइंटिस्ट की हत्या मामले सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा &#8211; आरोपी गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">62912</post-id>	</item>
		<item>
		<title>RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च शिक्षा को डिजिटल बनाने के लिए 6 छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का अनावरण किया</title>
		<link>https://uditvani.in/education/cm-hemant-soren-web-portal-launch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVani News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Feb 2025 12:25:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[Events]]></category>
		<category><![CDATA[digital]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=59921</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विकसित छह वेब पोर्टल्स का अनावरण किया। इन पोर्टल्स के माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने रांची विज्ञान केंद्र के नव प्रवर्तन [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/education/cm-hemant-soren-web-portal-launch/">RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च शिक्षा को डिजिटल बनाने के लिए 6 छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का अनावरण किया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदित वाणी, रांची:</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विकसित छह वेब पोर्टल्स का अनावरण किया। इन पोर्टल्स के माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने रांची विज्ञान केंद्र के नव प्रवर्तन केंद्र (इनोवेशन हब) का उद्घाटन किया और झारखंड अनुसंधान एवं नवाचार नीति-2025 हेतु आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में भी भाग लिया।</p>
<p><img data-recalc-dims="1" fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-59926" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=300%2C200&#038;ssl=1" alt="" width="300" height="200" srcset="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=300%2C200&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=1024%2C682&amp;ssl=1 1024w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=768%2C512&amp;ssl=1 768w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=150%2C100&amp;ssl=1 150w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=450%2C300&amp;ssl=1 450w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?resize=1200%2C800&amp;ssl=1 1200w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.49-PM.jpg?w=1280&amp;ssl=1 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छह वेब पोर्टल्स जो उच्च शिक्षा को बनाएंगे आसान</p>
<ol>
<li>वेतन निर्धारण पोर्टल – शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाएगा।</li>
<li>लर्निंग मैनेजमेंट पोर्टल – ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने और छात्रों को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए।</li>
<li>निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन पोर्टल – निजी विश्वविद्यालयों के प्रशासन और मान्यता प्रक्रिया को सुचारू करेगा।</li>
<li>मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना पोर्टल – योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप से जोड़ने की सुविधा प्रदान करेगा।</li>
<li>अप्रेंटिस प्रबंधन पोर्टल – छात्रों को उद्योगों में इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराएगा।</li>
<li>वित्त रहित कॉलेज अनुदान पोर्टल – वित्त रहित कॉलेजों को अनुदान से संबंधित प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाएगा।</li>
</ol>
<p><img data-recalc-dims="1" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-59923" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=300%2C200&#038;ssl=1" alt="" width="300" height="200" srcset="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=300%2C200&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=1024%2C682&amp;ssl=1 1024w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=768%2C512&amp;ssl=1 768w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=150%2C100&amp;ssl=1 150w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=450%2C300&amp;ssl=1 450w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?resize=1200%2C800&amp;ssl=1 1200w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.47-PM.jpg?w=1280&amp;ssl=1 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, <em>&#8220;इन पोर्टल्स के माध्यम से उच्च शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में झारखंड ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब छात्रों और शिक्षकों को शिक्षा संबंधी कार्यों के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि वे एक क्लिक में सारी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।&#8221;</em></p>
<p><img data-recalc-dims="1" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-59924" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=300%2C200&#038;ssl=1" alt="" width="300" height="200" srcset="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=300%2C200&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=1024%2C682&amp;ssl=1 1024w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=768%2C512&amp;ssl=1 768w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=150%2C100&amp;ssl=1 150w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=450%2C300&amp;ssl=1 450w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?resize=1200%2C800&amp;ssl=1 1200w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.51-PM.jpg?w=1280&amp;ssl=1 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>रांची में विज्ञान पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रांची विज्ञान केंद्र को साइंस सिटी के रूप में अपग्रेड करने की 270 करोड़ रुपये की परियोजना की भी घोषणा की गई। यह परियोजना 25 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी और इसमें वैज्ञानिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यहाँ विज्ञान प्रदर्शनियों के साथ-साथ मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध होंगे, जिससे विद्यार्थियों और पर्यटकों को विज्ञान से जुड़ने का अनूठा अनुभव मिलेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img data-recalc-dims="1" loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-59925" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=300%2C200&#038;ssl=1" alt="" width="300" height="200" srcset="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=300%2C200&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=1024%2C682&amp;ssl=1 1024w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=768%2C512&amp;ssl=1 768w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=150%2C100&amp;ssl=1 150w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=450%2C300&amp;ssl=1 450w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?resize=1200%2C800&amp;ssl=1 1200w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-18-at-3.38.50-PM-1.jpeg?w=1280&amp;ssl=1 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रांची विश्वविद्यालय का नया परिसर – 1100 करोड़ की परियोजना</p>
<p>कार्यक्रम में रांची विश्वविद्यालय के नए भवन का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। 87 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस अत्याधुनिक परिसर पर 1100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसमें 30,000 से अधिक छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p>झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी 2025</p>
<p>राज्य सरकार झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी 2025 को लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों के बीच अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस नीति के तहत:</p>
<ul>
<li>स्टार्टअप के लिए सीड फंडिंग दी जाएगी।</li>
<li>अनुसंधान परियोजनाओं, संगोष्ठियों और सम्मेलनों के लिए अनुदान प्रदान किया जाएगा।</li>
<li>1,280 करोड़ रुपये के बजट से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इनोवेशन सेल स्थापित किए जाएंगे।</li>
</ul>
<p>राज्य में उच्च शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता</p>
<p>कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, <em>&#8220;हम झारखंड के विद्यार्थियों को दक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।&#8221;</em> उन्होंने यह भी कहा कि <em>&#8220;अब आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति का रीयल-टाइम अपडेट मिलेगा।&#8221;</em></p>
<p>विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति</p>
<p>इस अवसर पर मुख्य सचिव अलका तिवारी, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) राहुल कुमार पुरवार, सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के सीईओ संजय कुमार राकेश, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p>डिजिटल और समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम</p>
<p>झारखंड सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल्स की मदद से छात्रों को बिना किसी बाधा के शिक्षा संबंधी सुविधाएँ मिलेंगी और अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल झारखंड को शैक्षणिक नवाचार और डिजिटल शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/education/cm-hemant-soren-web-portal-launch/">RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च शिक्षा को डिजिटल बनाने के लिए 6 छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का अनावरण किया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">59921</post-id>	</item>
		<item>
		<title>CSIR-NML का कोयला और खनिज संसाधनों के सतत उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference-ends/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jan 2025 12:41:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Conference]]></category>
		<category><![CDATA[CSIR-NML]]></category>
		<category><![CDATA[CSIRNML]]></category>
		<category><![CDATA[science]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=57529</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा आयोजित &#8220;कोयला एवं खनिज लक्षण वर्णन में नवाचार&#8221; (ICMCS-2025) विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन 31 जनवरी 2025 को फेयरफील्ड बाय मैरियट, न्यू टाउन, कोलकाता में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ. इस सम्मेलन में आईआईटी, जीएसआई, विश्वविद्यालयों, सीएसआईआर, बीएआरसी, टाटा स्टील समेत 30 प्रतिष्ठित संस्थानों के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference-ends/">CSIR-NML का कोयला और खनिज संसाधनों के सतत उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर:</span></strong> सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा आयोजित &#8220;कोयला एवं खनिज लक्षण वर्णन में नवाचार&#8221; (ICMCS-2025) विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन 31 जनवरी 2025 को फेयरफील्ड बाय मैरियट, न्यू टाउन, कोलकाता में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ. इस सम्मेलन में आईआईटी, जीएसआई, विश्वविद्यालयों, सीएसआईआर, बीएआरसी, टाटा स्टील समेत 30 प्रतिष्ठित संस्थानों के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सतत विकास और नवाचारों पर केंद्रित चर्चा</span></strong><br />
प्रतिभागियों ने कोयला, अयस्कों और खनिजों के सतत उपयोग पर अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए. &#8216;मेक इन इंडिया&#8217; कार्यक्रम के तहत आयात प्रतिस्थापन के रूप में प्रमाणित संदर्भ सामग्री (सीआरएम) तैयार करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई.<br />
इस सम्मेलन ने शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, पीएच.डी. शोधार्थियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों को विकासशील भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">समापन सत्र एवं पुरस्कार वितरण</span></strong><br />
समापन सत्र का संचालन मोनिका साहू ने किया. प्रतिभागियों ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और आईसीएमसीएस 2025 की अध्यक्ष संचिता चक्रवर्ती को धन्यवाद दिया. इस दौरान, ऐसे सम्मेलनों के महत्व और इनके लाभों पर विशेष जोर दिया गया.</p>
<p>सम्मेलन के दौरान मौखिक प्रस्तुति और पोस्टर प्रस्तुति के विजेताओं को सम्मानित किया गया.<br />
<strong><span style="color: #800080;">मौखिक प्रस्तुति विजेता</span></strong><br />
1. पी. कुमार &#8211; आईआईटी खड़गपुर<br />
2. सुस्मित एम. निमजे &#8211; टाटा स्टील<br />
3. मुनमुन माजी &#8211; सीएसआईआर-सीआईएमएफआर</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पोस्टर प्रस्तुति विजेता</span></strong><br />
1. कनिष्क कुमार करण &#8211; एसीएसआईआर, सीआईएमएफआर<br />
2. कुन्दन कुमार &#8211; एसीएसआईआर एनएमएल, जमशेदपुर<br />
3. नीलू प्रिया तिर्की &#8211; रांची विश्वविद्यालय<br />
सम्मेलन के संयोजक डॉ. राजेन कुंडू ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के नवाचारपूर्ण सम्मेलनों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference-ends/">CSIR-NML का कोयला और खनिज संसाधनों के सतत उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">57529</post-id>	</item>
		<item>
		<title>CSIR-NML का &#8216;खनिज अनुसंधान और सतत विकास&#8217; पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कोलकाता में जुटेंगे विशेषज्ञ</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 08:51:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Conference]]></category>
		<category><![CDATA[CSIR-NML]]></category>
		<category><![CDATA[Expert]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=57177</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: CSIR-NML, जमशेदपुर 30-31 जनवरी को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट होटल में &#8220;संसाधनों के सतत उपयोग के लिए कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार (ICMCS-2025)&#8221; विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा. यह सम्मेलन एनएमएल के प्लेटिनम जयंती समारोह का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खनिज संसाधनों के सतत उपयोग, [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference/">CSIR-NML का &#8216;खनिज अनुसंधान और सतत विकास&#8217; पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कोलकाता में जुटेंगे विशेषज्ञ</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर:</span> </strong>CSIR-NML, जमशेदपुर 30-31 जनवरी को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित फेयरफील्ड बाय मैरियट होटल में &#8220;संसाधनों के सतत उपयोग के लिए कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार (ICMCS-2025)&#8221; विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा. यह सम्मेलन एनएमएल के प्लेटिनम जयंती समारोह का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खनिज संसाधनों के सतत उपयोग, नवाचार और ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देना है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">प्रमुख अतिथि और वक्ता</span></strong><br />
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सीएमपीडीआई, रांची के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार मुख्य अतिथि होंगे, जबकि जियोवेल सर्विसेज, कोलकाता के सीईओ एवं निदेशक बिप्लब चटर्जी विशिष्ट अतिथि रहेंगे. इसके अलावा, सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. संचिता चक्रवर्ती और संयोजक डॉ. राजेन कुंडू भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मुख्य वक्ताओं में शामिल हैं:</span></strong></p>
<p>अच्युत घटक, निदेशक (तकनीकी), कोल इंडिया लिमिटेड<br />
सुंदर रामम डीबी, उपाध्यक्ष (रॉ मैटेरियल), टाटा स्टील<br />
जॉय गोपाल घोष, एसोसिएट प्रिंसिपल (भूविज्ञान एवं अन्वेषण), जियोवेल सर्विसेज</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का समागम</span></strong><br />
देशभर के 30 से अधिक संस्थानों के करीब 100 प्रतिनिधि और विशेषज्ञ इस सम्मेलन में भाग लेंगे. इसमें कुल छह तकनीकी सत्रों के दौरान 37 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे. इस आयोजन का उद्देश्य कोयला और खनिज लक्षण-वर्णन में नवाचार, चुनौतियों और अवसरों पर मंथन करना है.</p>
<p>प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे, जिनमें<strong><span style="color: #800080;"> BHU वाराणसी, IIT खड़गपुर, AMD जमशेदपुर, मिजोरम विश्वविद्यालय, CSIR-NML जमशेदपुर, CMPDI रांची, कोल इंडिया लिमिटेड, CSIR-CIMFR धनबाद, टाटा स्टील, GSI कोलकाता, JNARDDC नागपुर, CSIR-IMMT भुवनेश्वर, महानदी कोल लिमिटेड</span></strong> सहित अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">खनिज अनुसंधान और नवाचार पर होगा फोकस</span></strong><br />
आईसीएमसीएस-2025 में उन्नत प्रौद्योगिकियों, संसाधन अन्वेषण, विश्लेषणात्मक तकनीकों, सज्जीकरण और प्रमाणित संदर्भ सामग्री पर चर्चा होगी. सम्मेलन उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, जिससे इष्टतम संसाधन उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">संवाद और सहयोग का बेहतरीन अवसर</span></strong><br />
इस दो दिवसीय आयोजन में तकनीकी सत्रों के साथ-साथ मौखिक प्रस्तुतियाँ और पोस्टर प्रदर्शन भी होंगे, जो कोयला एवं खनिज लक्षण-वर्णन के विभिन्न पहलुओं को कवर करेंगे. यह सम्मेलन नेटवर्किंग, नए सहयोग स्थापित करने और टिकाऊ खनन प्रथाओं के विकास के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/csir-nml-national-conference/">CSIR-NML का &#8216;खनिज अनुसंधान और सतत विकास&#8217; पर राष्ट्रीय सम्मेलन, कोलकाता में जुटेंगे विशेषज्ञ</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">57177</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Ghatshila: किसानों के सवाल, विशेषज्ञों के जवाब, फसल सुरक्षा पर आयोजित हुआ अंतर्मिलन</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/ghatshila/antarmilan-was-organised-in-ghatshila/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jan 2025 12:53:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[घाटशिला]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Ghatshila]]></category>
		<category><![CDATA[scientist]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=53811</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, घाटशिला: कृषि विज्ञान केंद्र, दारीसाई में &#8220;फसल सुरक्षा कार्यक्रम&#8221; के अंतर्गत रबी मौसम के लिए कृषक-वैज्ञानिक अंतर्मिलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को फसलों की सुरक्षा, प्रबंधन और कीट नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर जानकारी दी गई. कृषकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी वैज्ञानिकों ने रबी मौसम में उगाई जाने वाली [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/ghatshila/antarmilan-was-organised-in-ghatshila/">Ghatshila: किसानों के सवाल, विशेषज्ञों के जवाब, फसल सुरक्षा पर आयोजित हुआ अंतर्मिलन</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदित वाणी, घाटशिला:</strong> कृषि विज्ञान केंद्र, दारीसाई में &#8220;फसल सुरक्षा कार्यक्रम&#8221; के अंतर्गत रबी मौसम के लिए कृषक-वैज्ञानिक अंतर्मिलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को फसलों की सुरक्षा, प्रबंधन और कीट नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर जानकारी दी गई.</p>
<p><img data-recalc-dims="1" loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-53814 aligncenter" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=300%2C135&#038;ssl=1" alt="" width="300" height="135" srcset="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=300%2C135&amp;ssl=1 300w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=1024%2C461&amp;ssl=1 1024w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=768%2C346&amp;ssl=1 768w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=150%2C68&amp;ssl=1 150w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?resize=450%2C203&amp;ssl=1 450w, https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2025/01/press_release_429084_08-01-2025.jpg?w=1152&amp;ssl=1 1152w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>कृषकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी</strong><br />
वैज्ञानिकों ने रबी मौसम में उगाई जाने वाली फसलों और सब्जियों के बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष तकनीकों की जानकारी दी. इसमें सिंचाई का प्रबंधन, कीट और व्याधियों की पहचान, उनके उपचार और कीटनाशकों के उपयोग के सही तरीके शामिल थे. कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी वैज्ञानिकों ने विस्तार से दिए.</p>
<p><strong>उद्देश्य: उत्पादन और आय में वृद्धि</strong><br />
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनकी उत्पादकता बढ़ाना है. वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्नत प्रबंधन तकनीकों के जरिए किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं.</p>
<p><strong>किसानों और विशेषज्ञों की भागीदारी</strong><br />
कार्यक्रम में घाटशिला अनुमंडल के सात प्रखंडों से कुल 58 प्रगतिशील महिला और पुरुष किसान शामिल हुए.<br />
विशेषज्ञों और पदाधिकारियों में शामिल थे:<br />
• डॉ. भूषण प्रसाद सिंह, प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, दारीसाई.<br />
• डॉ. शंभु कुमार, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, दारीसाई.<br />
• डॉ. लीली, वैज्ञानिक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, दारीसाई.<br />
• उप परियोजना निदेशक, आत्मा.<br />
इसके अलावा, जिला कृषि पदाधिकारी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.</p>
<p><strong>क्या बदल सकता है यह कार्यक्रम?</strong><br />
फसल सुरक्षा कार्यक्रम जैसे आयोजनों से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है. यह न केवल फसल उत्पादन को बढ़ावा देता है, बल्कि किसानों के लिए बेहतर आर्थिक संभावनाओं के द्वार भी खोलता है.</p>
<p><strong>आगे की राह</strong><br />
वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को यह भी सलाह दी कि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए खेती को अधिक लाभदायक बनाएं. साथ ही, स्थानीय किसानों को जागरूक करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/ghatshila/antarmilan-was-organised-in-ghatshila/">Ghatshila: किसानों के सवाल, विशेषज्ञों के जवाब, फसल सुरक्षा पर आयोजित हुआ अंतर्मिलन</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">53811</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
