<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>rule Archives - Udit Vani</title>
	<atom:link href="https://uditvani.in/tag/rule/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://uditvani.in/tag/rule/</link>
	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
	<lastBuildDate>Sat, 21 Mar 2026 11:15:57 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2022/04/fev.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>rule Archives - Udit Vani</title>
	<link>https://uditvani.in/tag/rule/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">207316808</site>	<item>
		<title>New Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदलेगा इनकम टैक्स सिस्टम: जानिए आपकी जेब पर कितना और क्या-क्या पड़ेगा असर</title>
		<link>https://uditvani.in/new-delhi/new-income-tax-rules-cbdt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 11:15:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[new delhi]]></category>
		<category><![CDATA[CBDT]]></category>
		<category><![CDATA[IncomeTax]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=106563</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है, जो नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. यह नया कानून 64 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि इससे टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/new-delhi/new-income-tax-rules-cbdt/">New Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदलेगा इनकम टैक्स सिस्टम: जानिए आपकी जेब पर कितना और क्या-क्या पड़ेगा असर</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली :</span></strong> केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है, जो नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. यह नया कानून 64 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि इससे टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाया जाएगा. हालांकि टैक्स दरों या स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका असर नौकरीपेशा लोगों, निवेशकों और व्यवसायियों पर पड़ेगा.</p>
<p>देशव्यापी जागरूकता अभियान &#8216;प्रारंभ 2026&#8217; के लॉन्च के दौरान बीते शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नया टैक्स ढांचा छोटे करदाताओं के लिए अनुपालन को काफी आसान बनाएगा और मुकदमेबाजी को कम करने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि भारत के छोटे कारोबारी और पेशेवर &#8216;अर्थव्यवस्था की असली ताकत&#8217; हैं.</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि नया कानून इस तरह तैयार किया गया है कि इससे त्रुटियां, विवाद और अनुपालन लागत कम हो सके और लोगों का व्यवहार &#8216;कन्फ्यूजन से कंप्लायंस&#8217; की ओर बदले. उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमेबाजी को कम करना इस नए ढांचे का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए.</p>
<p>नए अधिसूचित नियमों में सैलरी पर टैक्स, अनुपालन रिपोर्टिंग, ट्रांसफर प्राइसिंग और विदेशी टैक्स क्रेडिट से जुड़े कई बदलाव शामिल किए गए हैं.</p>
<p>नए नियमों के तहत अब &#8216;फाइनेंशियल ईयर&#8217; और &#8216;असेसमेंट ईयर&#8217; की जगह सिर्फ एक ही &#8216;टैक्स ईयर&#8217; होगा. इससे टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान होगी और लोगों को अलग-अलग टर्म समझने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही रिटर्न फाइल करने की समयसीमा भी तय कर दी गई है, जिसमें साधारण आईटीआर के लिए 31 जुलाई, बिजनेस और प्रोफेशन वालों के लिए 31 अगस्त, जबकि ऑडिट वाले मामलों में 31 अक्टूबर तक रिटर्न भरना होगा. खास परिस्थितियों में यह समयसीमा 30 नवंबर तक बढ़ सकती है. इसके अलावा अब टैक्स ईयर खत्म होने के 12 महीने तक संशोधित रिटर्न फाइल किया जा सकेगा.</p>
<p>हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं. अब कर्मचारियों को छूट पाने के लिए मकान मालिक और किरायेदार के संबंध की जानकारी देना अनिवार्य होगा. अच्छी बात यह है कि अब मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई के साथ हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में रहने वाले कर्मचारियों को सैलरी के 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी. बाकी शहरों में यह सीमा 40 प्रतिशत ही रहेगी. अगर कोई व्यक्ति साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा किराया देता है, तो उसे मकान मालिक का पैन देना जरूरी होगा.</p>
<p>नए कानून के तहत, कुछ शर्तों के साथ 10 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों को विस्तृत लेखा-बही (बुक्स ऑफ अकाउंट) रखने और ऑडिट कराने से छूट दी जाएगी. यह कारोबारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.</p>
<p>नए नियमों के तहत कंपनी द्वारा दिए गए घर (परक्विजिट) की टैक्स वैल्यू घटा दी गई है. अब यह शहर की आबादी के आधार पर तय होगी—40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सैलरी का 10 प्रतिशत, मध्यम शहरों में 7.5 प्रतिशत और छोटे शहरों में 5 प्रतिशत. इससे पहले यह दर 15 प्रतिशत तक थी, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी.</p>
<p>कंपनी की कार के इस्तेमाल पर भी टैक्स नियम बदले हैं. अगर कर्मचारी कार का निजी और ऑफिस दोनों कामों में उपयोग करता है, तो 1.6 लीटर तक की कार पर 5,000 रुपए और उससे बड़ी कार पर 7,000 रुपए प्रति माह टैक्सेबल वैल्यू मानी जाएगी. अगर कंपनी ड्राइवर देती है, तो इसमें 3,000 रुपए और जुड़ेंगे.</p>
<p>कर्मचारियों को मिलने वाले फूड और बेवरेज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 200 रुपए प्रति मील कर दी गई है, जो पहले 50 रुपए थी. वहीं कंपनी द्वारा दिए गए गिफ्ट या वाउचर अब 15,000 रुपए तक टैक्स-फ्री होंगे.</p>
<p>इसके साथ ही, बच्चों के एजुकेशन अलाउंस पर भी बड़ी राहत दी गई है. अब हर महीने 3,000 रुपए तक टैक्स छूट मिलेगी (अधिकतम दो बच्चों के लिए). हॉस्टल अलाउंस पर 9,000 रुपए प्रति माह तक छूट मिलेगी, जो पहले काफी कम थी.</p>
<p>नई व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी निवेश को कितने समय तक रखा गया, यह कैसे तय होगा. खासकर कन्वर्ट होने वाली सिक्योरिटीज (जैसे बॉन्ड से शेयर) के मामले में अब पहले की होल्डिंग अवधि को भी जोड़ा जाएगा. इससे यह तय करना आसान होगा कि लाभ शॉर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म.</p>
<p>नया आयकर कानून आम लोगों के लिए टैक्स प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. जहां एक तरफ नियमों में सख्ती लाई गई है, वहीं दूसरी तरफ कई जगह राहत भी दी गई है. इससे टैक्स फाइलिंग आसान होगी, विवाद कम होंगे और लोगों को बेहतर तरीके से अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग करने में मदद मिलेगी.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/new-delhi/new-income-tax-rules-cbdt/">New Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदलेगा इनकम टैक्स सिस्टम: जानिए आपकी जेब पर कितना और क्या-क्या पड़ेगा असर</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">106563</post-id>	</item>
		<item>
		<title>लाइसेंसी होटल, रेस्टोरेंट, बार परिसर में अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-liquor-rules-bar-restaurant-penalty/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 17:32:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Liquor]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=101012</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने होटलों एवं रेस्तरां में बार के संचालन को लेकर नई झारखंड मदिरा का भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें बार, रेस्टोरेंट आदि के लिए कड़े नियमों का प्रावधान किया गया है. प्रस्तावित नियमावली में नियम तोड़ने वालों [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-liquor-rules-bar-restaurant-penalty/">लाइसेंसी होटल, रेस्टोरेंट, बार परिसर में अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने होटलों एवं रेस्तरां में बार के संचालन को लेकर नई झारखंड मदिरा का भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें बार, रेस्टोरेंट आदि के लिए कड़े नियमों का प्रावधान किया गया है. प्रस्तावित नियमावली में नियम तोड़ने वालों के लिए भरी जुर्माने का प्रावधान किया गया है. जिसके तहत लाइसेंसी होटल, रेस्टोरेंट, बार परिसर में अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर हथियार धारण करने वाले व्यक्ति के ऊपर एक लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा. विभाग ने इसका प्रारुप जारी कर आम नागरिकों एवं स्टेक होल्डरों से उसपर सुझाव मांगा है. नई नियमावली के तहत त्रैमासिक लाइसेंस शुल्क के स्थान पर अब बार्षिक लाइसेंस शुल्क एकमुश्त जमा किए जाने का प्रावधान किया गया है. व्यवसायियों के सुविधा के लिए लाइसेंसधारी जमानत की राशि लाइसेंस अवधि में कभी भी ई-बैंक गारंटी से विकल्प के तौर पर कर सकते हैं.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पेग में माप से कम शराब परोसने समेत कई तरह के जुर्माने का प्रावधान</span></strong><br />
स्टॉक रजिष्टर मांगने और प्रस्तुत नहीं करने, स्टॉक रजिष्टर अद्यतन नहीं रखने, ड्यूअी पेड स्टॉक को अनधिकृत परिसर या गोदाम में रखने, होटल, रेस्टोरेंट, बार एवं क्लब के लाइसेंसी को पेग के अनुसार विक्रय मूल्य को प्रदर्शित नहीं करने, होटल, रेस्टोरेंट, बार एवं क्लब परिसर में सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने, कीट नियंत्रण नहीं कराये जाने, लाइसेंसी होटल, बार, रेस्टोरेंट व क्लब में दृष्टिसुलभ स्थल पर एंटी ड्रग अवेयरनेस वारनिंग साइनेज बोर्ड- स्टील बोर्ड नहीं लगाने, परिसर में डेसिबल मीटर को नहीं रखने और परिसर के नो स्मोकिंग जोन में स्मोकिंग करते हुए पाए पर प्रत्येक कमियों में 10-10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा. वहीं पेग में माप से कम शराब परोसने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">10 बजे के बाद तेज आवाज में गाना बजाने पर समेत अन्य कई तरह के जुर्माने</span></strong><br />
होटल, रेस्टोरेंट, बार एवं क्लब परिसर में रात के 10 बजे के बाद तेज आवाज में म्यूजिक बजाये जाने, परिसर में अलग से स्मोकिंग जोन नहीं बनाने और सक्षम प्राधिकार की अनुमति प्राप्त किए बिना महिला कर्मी की नियुक्ति करने पर भी प्रत्येक के लिए 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं मापतौल विभाग से सत्यापित पेग मापक जार नहीं पाए जाने, संचालन अवधि से अधिक समय तक बार संचालन करने, माइक्रो ब्रीवरी के लाइसेंसी परिसर में मास फ्लो मीटर नहीं लगाने, बिना अनुमति परिसर में परिवर्तन करने और परिसर में सीसीटीवी कैमरा का संचालन नहीं होने पर प्रत्येक के लिए 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा खाली बोतलों को क्षेत्रीय उत्पाद पदाधिकारी की उपस्थिति के बगैर विनष्ट करने अथवा विनष्ट नहीं किए जाने पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा तथा अन्य किसी तरह की अनियमिततायें होने पर जिला उत्पाद पदाधिकारी के माध्यम से आयुक्त उत्पाद को अवगत कराया जाएगा. इसके बाद कोई कार्रवाई की जा सकेगी.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">थ्री व फॉर स्टार में दो बजे व फाइव स्टार होटलों में चार बजे तक खुले रहेंगे बार</span></strong><br />
इधर अब राज्य के थ्री व फॉर स्टार के होटलों में रात दो बजे तक बार संचालित किया जा सकेगा. वहीं फाइव स्टार होटलों में सुबह के चार बजे तक बार का संचालन हो सकेगा. हालांकि रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद व सरायकेला खरसावां जिले को छोड़कर अन्य जिलों में उक्त श्रेणी के होटलों को छोड़कर अन्य स्टार होटलों-रेस्तरां में रात 12 बजे या एक बजे तक ही बार का संचालन होगा. पूरे झारखंड में लाइसेंसधारियों के लिए सामान्य संचालन अवधि रात के 12 बजे तक निर्धारित की गई है. अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क का भुगतान कर एवं जिला के एसएसपी, एसपी से अनापत्ति पत्र लेकर बार संचालन अवधि को बढ़ाया जा सकता है. नई नियमावली में लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण तथा अपील से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है. विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं व दंड को वर्गीकृत किया गया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">शुल्क का निर्धारण</span></strong><br />
पूरे राज्य में पांच सितारा होटल के लिए आवेदन शुल्क दो लाख रुपये व जमानत की राशि छह लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. बंद जगह पर बार संचालन के लिए बार्षिक शुल्क रात के 12 बजे तक 20 लाख रुपये, रात के दो बजे तक 22 लाख रुपये व रात के चार बजे तक 24 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है. वहीं खुले जगह पर बार संचालन के लिए बार्षिक शुल्क रात के 12 बजे तक के लिए 22 लाख रुपये, रात के दो बजे तक 24 लाख व रात के चार बजे तक के लिए 26 लाख रुपये देने होंगे. पूरे राज्य में तीन व चार सितारा होटल के लिए आवेदन शुल्क एक लाख रुपये, जमानत की राशि छह लाख रुपये, बंद जगह पर बार संचालन के लिए बार्षिक शुल्क रात 12 बजे तक के लिए 15 लाख, रात दो बजे तक के लिए 17 लाख रुपये होंगे. वहीं खुले स्थान पर बार संचालन होने पर रात 12 बजे तक के लिए 17 लाख रुपये व रात दो बजे तक के लिए 19 लाख रुपये देने होंगे. इसके अलावा भी नई नियमावली में कई तरह के बदलाव किये गए हैं.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-liquor-rules-bar-restaurant-penalty/">लाइसेंसी होटल, रेस्टोरेंट, बार परिसर में अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">101012</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand News : झारखंड में ट्रांसजेडर्स की मदद के लिए सरकार बनाएगी स्पेशल सपोर्ट यूनिट, ग्राउंड सर्वे भी होगा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-government-transgender-support-unit-welfare/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 13:57:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<category><![CDATA[Transgender]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=84924</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड की सरकार ट्रांसजेंडर्स की समस्याओं और उनसे जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई के लिए एक विशेष सपोर्ट यूनिट गठित करेगी. यह यूनिट उन्हें पहचान दिलाने, आरक्षण का लाभ देने और सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें लाभान्वित करने में उनकी त्वरित मदद करेगी. यह निर्णय मंगलवार को मुख्य सचिव [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-government-transgender-support-unit-welfare/">Jharkhand News : झारखंड में ट्रांसजेडर्स की मदद के लिए सरकार बनाएगी स्पेशल सपोर्ट यूनिट, ग्राउंड सर्वे भी होगा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span></strong> झारखंड की सरकार ट्रांसजेंडर्स की समस्याओं और उनसे जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई के लिए एक विशेष सपोर्ट यूनिट गठित करेगी. यह यूनिट उन्हें पहचान दिलाने, आरक्षण का लाभ देने और सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें लाभान्वित करने में उनकी त्वरित मदद करेगी. यह निर्णय मंगलवार को मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की बैठक में लिया गया.</p>
<p>मुख्य सचिव ने राज्य में ट्रांसजेंडरों की स्थिति का सटीक आकलन करने के लिए राज्यव्यापी सर्वे कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सर्वे के आधार पर ही उनकी जिलावार संख्या, जीवन से जुड़ी आवश्यकताएं और अपेक्षाएं सामने आएंगी. इससे सरकार को उनके कल्याण के लिए फंड आवंटन करने, योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में आसानी होगी.</p>
<p>बैठक में चर्चा हुई कि अधिकांश ट्रांसजेंडर समाज में अपनी पहचान जाहिर करने से हिचकते हैं. यह स्थिति उनके पहचान पत्र बनाने, आरक्षण का लाभ दिलाने, पेंशन योजनाओं से जोड़ने, आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने, गरिमा गृह निर्माण करने तथा भेदभाव के खिलाफ संरक्षण देने जैसे कार्यों में बाधक बनती है.</p>
<p>मुख्य सचिव ने इसके समाधान के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति के गठन पर जोर दिया और कहा कि समिति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ट्रांसजेंडरों की पहचान और जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी. बैठक में यह भी तय किया गया कि बोर्ड के अंतर्गत गठित होने वाली ट्रांसजेंडर सपोर्ट उनसे संबंधित सभी मुद्दों पर काम करेगी, उनकी समस्याओं का समाधान तलाशेगी और बोर्ड को ठोस अनुशंसाएं पेश करेगी.</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, 2011 की जनगणना में देशभर में ट्रांसजेंडरों की संख्या 4,87,803 दर्ज की गई थी, जिनमें से झारखंड में 13,463 ट्रांसजेंडर शामिल हैं. राज्य सरकार इस वर्ग के सामाजिक-आर्थिक विकास और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है.</p>
<p>ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड विभिन्न विभागों को योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करता है. बैठक में गृह सचिव वंदना दादेल, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास सचिव मनोज कुमार, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, ग्रामीण विकास सचिव के श्रीनिवासन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-government-transgender-support-unit-welfare/">Jharkhand News : झारखंड में ट्रांसजेडर्स की मदद के लिए सरकार बनाएगी स्पेशल सपोर्ट यूनिट, ग्राउंड सर्वे भी होगा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">84924</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand: मनरेगा मेट्स की डिजिटल ट्रेनिंग, हाजिरी सिस्टम में आएगा बदलाव</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/nmms-training-for-mgnrega-workers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 May 2025 07:03:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[app]]></category>
		<category><![CDATA[labour]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=69707</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, झारखंड: मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी को सुदृढ़ करने हेतु कार्यस्थल पर मजदूरों की उपस्थिति अब नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के माध्यम से दर्ज की जाती है. इसी क्रम में आज राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), हेहल, रांची में NMMS ऐप के बेहतर संचालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/nmms-training-for-mgnrega-workers/">Jharkhand: मनरेगा मेट्स की डिजिटल ट्रेनिंग, हाजिरी सिस्टम में आएगा बदलाव</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, झारखंड:</strong> </span>मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी को सुदृढ़ करने हेतु कार्यस्थल पर मजदूरों की उपस्थिति अब नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के माध्यम से दर्ज की जाती है.</p>
<p>इसी क्रम में आज राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), हेहल, रांची में NMMS ऐप के बेहतर संचालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण में मनरेगा मेट, तकनीकी पदाधिकारी तथा पलाश (JSLPS) के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की.</p>
<p>प्रशिक्षण का उद्देश्य फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को डिजिटल हाजिरी प्रणाली की बारीकियों से अवगत कराना तथा ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना था. प्रशिक्षकों को अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे राज्य भर में इस प्रणाली का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/nmms-training-for-mgnrega-workers/">Jharkhand: मनरेगा मेट्स की डिजिटल ट्रेनिंग, हाजिरी सिस्टम में आएगा बदलाव</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">69707</post-id>	</item>
		<item>
		<title>New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Apr 2025 09:01:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[Expenditure]]></category>
		<category><![CDATA[IncomeTax]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=68535</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी वस्तुओं जैसे कलाई घड़ी, हैंडबैग, धूप का चश्मा, जूते और स्पोर्ट्सवियर पर 1 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है। आर्ट से जुड़ी वस्तुएं जैसे [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/">New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, नई दिल्ली:</strong></span> केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 10 लाख रुपए से अधिक कीमत वाली लग्जरी वस्तुओं जैसे कलाई घड़ी, हैंडबैग, धूप का चश्मा, जूते और स्पोर्ट्सवियर पर 1 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है।</p>
<p>आर्ट से जुड़ी वस्तुएं जैसे पेंटिंग और मूर्तियां, नौकाएं, होम थिएटर सिस्टम और रेसिंग या पोलो के लिए घोड़े भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं।</p>
<p>सीबीडीटी अधिसूचना में कहा गया है कि लग्जरी वस्तुओं की इस सूची पर टैक्स 22 अप्रैल, 2025 से लागू कर दिया गया है।</p>
<p>जुलाई 2024 के बजट में लग्जरी वस्तुओं पर टीसीएस की घोषणा की गई थी।</p>
<p>बजट 2024 मेमोरेंडम में कहा गया है कि लग्जरी वस्तुओं पर टीसीएस 1 जनवरी, 2025 से लागू होगा।</p>
<p>केंद्रीय बजट 2024-25 में एक संशोधन लाया गया था, जिसके तहत 10 लाख रुपए या उससे अधिक कीमत वाले मोटर वाहनों या केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए किसी अन्य सामान के विक्रेताओं द्वारा खरीदार से 1 प्रतिशत टीसीएस वसूलने की अपेक्षा की गई। हालांकि, इस फैसले को लागू करने की अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।</p>
<p>नांगिया एंडरसन एलएलपी में टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह नोटिफिकेशन हाई-वैल्यू से जुड़े खर्चों की निगरानी बढ़ाने और लग्जरी सामान सेगमेंट में ऑडिट ट्रेल को मजबूत करने के सरकार के इरादे को प्रक्रिया में लाता है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, &#8220;यह टैक्स बेस का विस्तार करने और अधिक वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने के नीतिगत उद्देश्य को दर्शाता है। विक्रेताओं को अब टीसीएस प्रोविजन का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करना होगा, जबकि अधिसूचित लग्जरी सामान के खरीदारों को खरीद के समय बढ़ी हुई केवाईसी आवश्यकताओं और डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है।&#8221;</p>
<p>डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आलोक अग्रवाल ने कहा, &#8220;बिक्री मूल्य 10 लाख रुपए से अधिक होने पर अधिसूचित वस्तुओं के पूरे मूल्य पर 1 प्रतिशत की दर से टीसीएस लागू होगा। इस कदम के पीछे का उद्देश्य विलासिता के सामानों पर बढ़ते खर्च को देखते हुए कर के दायरे को व्यापक और गहरा करना है। इससे शुरू में उन एचएनआई से अधिक पूछताछ हो सकती है, जो इन वस्तुओं को खरीद रहे हैं और टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं या अपने टैक्स रिटर्न में कर योग्य आय की उच्च मात्रा की जानकारी नहीं दे रहे हैं।&#8221;</p>
<p>एकेएम ग्लोबल के टैक्स पार्टनर अमित माहेश्वरी ने कहा, &#8220;कलाई घड़ियां, आर्ट पीस, प्राचीन वस्तुएं, नौकाएं और संग्रहणीय वस्तुएं (10 लाख रुपए से अधिक) जैसी उच्च मूल्य वाली वस्तुओं को 1 प्रतिशत की दर से टीसीएस फ्रेम में लाकर, सरकार कर के दायरे को केवल मोटर वाहनों से आगे बढ़ा रही है।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/1-tcs-on-luxury-goods-india-2025/">New Income Tax Rules: 10 लाख रुपये से अधिक के लक्जरी सामानों पर लगेगा 1 प्रतिशत TCS, लिस्ट में ये आइटम्स शामिल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">68535</post-id>	</item>
		<item>
		<title>JHARKHAND: पलामू में हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण, 36 आज़मीन-ए-हज होंगे रवाना</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/palamu-haj-travelers-preparation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVani News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 10:21:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[committe]]></category>
		<category><![CDATA[community]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<category><![CDATA[TRAVEL]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=66172</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, झारखंड: झारखंड राज्य हज कमिटी के निर्देशानुसार पलामूजिलेकेमेदिनीनगरस्थितछहमुहानजामामस्जिद में हज यात्रियों को प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पलामूऔरलातेहार जिले से हज यात्रा पर जाने वाले कुल 36 आज़मीन-ए-हज ने भाग लिया. कार्यक्रम का संचालन हज कमिटी के कार्यपालक पदाधिकारी आफ़ताब आलम ने किया. उन्होंने हज यात्रियों को हज से जुड़ी अहम [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/palamu-haj-travelers-preparation/">JHARKHAND: पलामू में हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण, 36 आज़मीन-ए-हज होंगे रवाना</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदित वाणी, झारखंड:</strong> झारखंड राज्य हज कमिटी के निर्देशानुसार पलामूजिलेकेमेदिनीनगरस्थितछहमुहानजामामस्जिद में हज यात्रियों को प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पलामूऔरलातेहार जिले से हज यात्रा पर जाने वाले कुल 36 आज़मीन-ए-हज ने भाग लिया.</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन हज कमिटी के कार्यपालक पदाधिकारी आफ़ताब आलम ने किया. उन्होंने हज यात्रियों को हज से जुड़ी अहम धार्मिक प्रक्रियाएं, यात्रा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां और विमान यात्रा व विदेश में लागू नियम-कानूनों की विस्तृत जानकारी दी.</p>
<p>आफ़ताब आलम ने बताया कि हज कमिटी ऑफ इंडिया की ओर से यह अनिवार्य किया गया है कि हर हज यात्री को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि उन्हें सफर के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े.</p>
<p>प्रशिक्षण के दौरान हज यात्रियों को सामान की तैयारी, मेडिकल प्रोटोकॉल, पासपोर्ट और वीज़ा प्रक्रिया के साथ-साथ मक्का और मदीना में की जाने वाली धार्मिक क्रियाओं की जानकारी भी दी गई. इस मौके पर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कई गणमान्य लोग और हज कमिटी से जुड़े सदस्य भी मौजूद रहे.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/palamu-haj-travelers-preparation/">JHARKHAND: पलामू में हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण, 36 आज़मीन-ए-हज होंगे रवाना</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">66172</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Online Pornography: इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट परोसने वालों की अब नहीं खैर, सरकार ऐसे कसेगी नकेल</title>
		<link>https://uditvani.in/tech/measures-against-online-pornography/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:06:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Tech]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[content]]></category>
		<category><![CDATA[law]]></category>
		<category><![CDATA[Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Online]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=63435</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार की नीतियों का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट को उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय, और जवाबदेह माध्यम बनाना है.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (“आईटी अधिनियम”) इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री या यौन उत्पीड़न से संबंधित सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए सख्त दंड प्रदान करता है. इसमें बच्चों से [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/tech/measures-against-online-pornography/">Online Pornography: इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट परोसने वालों की अब नहीं खैर, सरकार ऐसे कसेगी नकेल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली:</span> </strong>केंद्रीय सरकार की नीतियों का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट को उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय, और जवाबदेह माध्यम बनाना है.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (“आईटी अधिनियम”) इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री या यौन उत्पीड़न से संबंधित सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने के लिए सख्त दंड प्रदान करता है. इसमें बच्चों से संबंधित यौन उत्पीड़न या अश्लील सामग्री के प्रसारण पर भी कड़ी सजा का प्रावधान है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मध्यस्थों के लिए कड़ी जिम्मेदारियां</span></strong><br />
सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (“आईटी नियम, 2021”) के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सहित मध्यस्थों पर विभिन्न दायित्व डाले गए हैं. इन नियमों के तहत, यदि मध्यस्थ उचित सावधानी बरतने में विफल रहते हैं, तो वे तीसरे पक्ष की जानकारी या डेटा के लिए कानूनी सुरक्षा से वंचित हो जाते हैं.<br />
इन नियमों में यह भी शामिल है कि यदि कोई बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संदेश भेजने का कार्य करता है, तो उसे जानकारी के पहले स्रोत की पहचान करने के लिए तंत्र विकसित करना होगा, ताकि यौन उत्पीड़न, बच्चों के यौन शोषण, या अन्य अपराधों की रोकथाम की जा सके.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">निजी क्षेत्र की सुरक्षा और संवेदनशील सामग्री का हटाना</span></strong><br />
मध्यस्थों को 24 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री को हटाने की जिम्मेदारी दी गई है, जो किसी व्यक्ति के निजी अंगों को प्रदर्शित करती हो या उसे नग्नता या किसी यौन क्रिया में दिखाती हो. इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायतों के निवारण के लिए एक या अधिक शिकायत अपीली समिति स्थापित करने का भी प्रावधान है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम</span></strong><br />
सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 और सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणीकरण) नियम 1983 के तहत, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करता है, जिसमें वयस्कों के लिए फिल्में शामिल हैं. ओटीटी प्लेटफार्म्स के लिए आईटी नियम, 2021 के तहत सामग्री को उपयुक्त आयु श्रेणियों में वर्गीकृत करना और बच्चों द्वारा अनुचित सामग्री तक पहुंच को रोकने की जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">साइबर अपराधों से निपटने के लिए सरकार के कदम</span></strong><br />
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर अपराधों के खिलाफ एकीकृत तरीके से कार्रवाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:<br />
<strong><span style="color: #800080;">1. साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल:</span> </strong>गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सभी प्रकार के साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) की सुविधा प्रदान की है. इसमें विशेष रूप से बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर ध्यान केंद्रित किया गया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">2. साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर:</span></strong> भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की स्थापना की गई है, जो साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक समन्वित और व्यापक तरीका अपनाता है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">3. राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को सहायता:</span> </strong>गृह मंत्रालय ने महिला और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिसमें साइबर फॉरेंसिक और प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना भी शामिल है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">4. चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज़ मटेरियल (CSAM) पर कार्रवाई:</span></strong> सरकार ने बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री (CSAM) को प्रतिबंधित करने के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश जारी किए हैं और इंटरपोल द्वारा प्राप्त सूचियों के आधार पर वेबसाइटों को ब्लॉक किया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">5. अवधारणाओं का प्रसार और अवेयरनेस:</span></strong> गृह मंत्रालय ने साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ट्विटर हैंडल @cyberDost, रेडियो अभियानों और छात्रों के लिए एक हैंडबुक प्रकाशित की है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ठोस कदम</span></strong><br />
गृह मंत्रालय और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने बच्चों के यौन शोषण और ऑनलाइन अभद्र सामग्री से संबंधित रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए अमेरिकी नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटेड चिल्ड्रन (NCMEC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.</p>
<p>यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/tech/measures-against-online-pornography/">Online Pornography: इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट परोसने वालों की अब नहीं खैर, सरकार ऐसे कसेगी नकेल</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">63435</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand: नई उत्पाद नीति लागू करने की प्रक्रिया में तेजी &#8211; ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, हटाया गया डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब की बिक्री का प्रावधान</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/implementing-new-product-policy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 07:07:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Liquor]]></category>
		<category><![CDATA[policy]]></category>
		<category><![CDATA[product]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=61796</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची:  झारखंड सरकार ने राज्य में नई उत्पाद नीति लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. उत्पाद और मद्य निषेध विभाग ने इस नीति का ड्राफ्ट जारी किया था और लोगों से इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी थी. अब, विभाग ने झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/implementing-new-product-policy/">Jharkhand: नई उत्पाद नीति लागू करने की प्रक्रिया में तेजी &#8211; ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, हटाया गया डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब की बिक्री का प्रावधान</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची: </span></strong> झारखंड सरकार ने राज्य में नई उत्पाद नीति लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. उत्पाद और मद्य निषेध विभाग ने इस नीति का ड्राफ्ट जारी किया था और लोगों से इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी थी. अब, विभाग ने झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती और संचालन) नियमावली 2025 का ड्राफ्ट फाइनल कर दिया है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब की बिक्री का प्रावधान हटाया गया</span></strong><br />
मद्य निषेध विभाग द्वारा तैयार फाइनल ड्राफ्ट में पिछले माह जारी ड्राफ्ट के मुकाबले कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. पहले के ड्राफ्ट में डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब की बिक्री का प्रावधान था, लेकिन अब इस प्रावधान को हटाया गया है. इसके बाद विभागीय स्तर पर फाइनल ड्राफ्ट को मंजूरी मिल गई है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नई नीति एक मई से लागू होने की संभावना</span></strong><br />
झारखंड में वर्तमान उत्पाद नीति के तहत 31 मार्च तक ही शराब की बिक्री हो रही है. नई नीति के लागू होने तक जेएसबीसीएल के स्तर से खुदरा शराब की बिक्री जारी रहेगी. हालांकि, नई नीति को लागू करने में एक माह से अधिक का समय लग सकता है. इस लिहाज से संभावना है कि नई नीति एक मई से लागू हो सकती है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नियमावली की प्रक्रिया और कैबिनेट की मंजूरी</span></strong><br />
मद्य निषेध विभाग अब इस नियमावली की आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियमावली को अब वित्त विभाग, विधि विभाग और राजस्व परिषद को भेजा जाएगा. इन विभागों की सहमति के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही यह नियमावली लागू हो सकेगी.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">2000 वर्ग फीट वाले स्टोर में शराब बिक्री का प्रावधान हटा</span></strong><br />
पहले के नियमों के अनुसार, झारखंड में 2000 वर्ग फीट से अधिक के डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब की बिक्री के लिए 10 फीसदी हिस्से को अनुमति दी जा सकती थी. लेकिन फाइनल ड्राफ्ट में इस प्रावधान को हटा दिया गया है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/implementing-new-product-policy/">Jharkhand: नई उत्पाद नीति लागू करने की प्रक्रिया में तेजी &#8211; ड्राफ्ट को मिली मंजूरी, हटाया गया डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब की बिक्री का प्रावधान</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">61796</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Passport New Rule: पासपोर्ट नियमों में नया बदलाव, अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे आवेदकों के लिए यह डॉक्यूमेंट अब है अनिवार्य</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/new-change-in-passport-rules/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 10:42:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[रांची]]></category>
		<category><![CDATA[Guidelines]]></category>
		<category><![CDATA[indian]]></category>
		<category><![CDATA[Passports]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=61151</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, नई दिल्ली: आजकल अधिकतर लोग अब पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं, क्योंकि किसे पता कब विदेश जाने का मौका मिल जाए. विशेष रूप से नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए पासपोर्ट की जरूरत भी बढ़ चुकी है. कंपनियां जॉइनिंग के दौरान यह सवाल पूछती हैं कि क्या आपके पास पासपोर्ट है. [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/new-change-in-passport-rules/">Passport New Rule: पासपोर्ट नियमों में नया बदलाव, अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे आवेदकों के लिए यह डॉक्यूमेंट अब है अनिवार्य</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, नई दिल्ली:</span> </strong>आजकल अधिकतर लोग अब पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं, क्योंकि किसे पता कब विदेश जाने का मौका मिल जाए. विशेष रूप से नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए पासपोर्ट की जरूरत भी बढ़ चुकी है. कंपनियां जॉइनिंग के दौरान यह सवाल पूछती हैं कि क्या आपके पास पासपोर्ट है. अगर नहीं होता, तो वे आपको पासपोर्ट बनाने की सलाह देती हैं. इस तरह से आज के समय में पासपोर्ट किसी भी व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">केंद्र सरकार का नया नियम</span></strong><br />
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब 1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्मे पासपोर्ट आवेदकों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही जन्मतिथि का प्रमाण माना जाएगा. इसका मतलब यह है कि अब किसी अन्य दस्तावेज़ को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">बदलाव से जुड़ी अहम जानकारी</span></strong><br />
केंद्र सरकार ने इस हफ्ते 1980 के पासपोर्ट नियमों में संशोधन के बारे में एक आधिकारिक नोटिस जारी किया. इसमें कहा गया है कि नए नियमों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 या बाद में जन्मे व्यक्तियों के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य दस्तावेज़ होगा. यह जन्म प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ एंड डेथ, नगर निगम, या जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत अधिकृत किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया होना चाहिए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पुराने नियमों के तहत वैकल्पिक दस्तावेज़</span></strong><br />
अगर किसी व्यक्ति का जन्म 1 अक्टूबर 2023 से पहले हुआ है, तो वे पासपोर्ट बनाने के लिए वैकल्पिक दस्तावेज़ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट को जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत कर सकते हैं. इसलिए यदि आप भी पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो इस बदलाव के बारे में पूरी जानकारी रखिए और अपने दोस्तों व परिचितों से भी इसे साझा कीजिए.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/new-change-in-passport-rules/">Passport New Rule: पासपोर्ट नियमों में नया बदलाव, अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे आवेदकों के लिए यह डॉक्यूमेंट अब है अनिवार्य</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">61151</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand Teacher Recruitment And Transfer Rules To Be Amended</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-teacher-appointment-transfer-rules/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jan 2025 07:09:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[rule]]></category>
		<category><![CDATA[teachers]]></category>
		<category><![CDATA[Transfer]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=55030</guid>

					<description><![CDATA[<p>UditVani, Jamshedpur: Jharkhand government will soon make changes in the teachers&#8217; appointment and transfer rules. Amendments will beade in those rules which cause problems during appointment and transfer process. After the revised rules, teachers will be appointed and transferred afresh. The School Education and Literacy Department has started taking initiatives in this regard. The education [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-teacher-appointment-transfer-rules/">Jharkhand Teacher Recruitment And Transfer Rules To Be Amended</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">UditVani, Jamshedpur:</span></strong> Jharkhand government will soon make changes in the teachers&#8217; appointment and transfer rules.</p>
<p>Amendments will beade in those rules which cause problems during appointment and transfer process.</p>
<p>After the revised rules, teachers will be appointed and transferred afresh. The School Education and Literacy Department has started taking initiatives in this regard.</p>
<p>The education department is also setting up separate committees for amending the rules.</p>
<p>The process of appointment of 26,001 assistant teachers of the state is going on.</p>
<p>The examinations have been completed and the result is withheld on the court&#8217;s instructions.</p>
<p>There seems to be some dispute in qualifying marks fixed for para teachers in the rules.</p>
<p>The candidates have challenged it. If there is a change in the qualifying marks, then the rules will be changed.</p>
<p>After appointments on 26,001 posts, recruitment will be done for 23,999 posts.</p>
<p>This year the state government will also appoint teachers in high schools. For this also the process of gathering vacancies has been started.</p>
<p>Besides this, in the teachers&#8217; transfer rules, marks have been determined on the basis of priority set for inter-district transfer.</p>
<p>In this, different marks have been determined according to posting in the zone and age.</p>
<p>There is a provision for inter-district transfer of teachers suffering from incurable diseases.</p>
<p>Changes are being made in this. Apart from the teachers suffering from incurable diseases, their family members are also being included .</p>
<p>If the teacher&#8217;s husband or wife, children or parents are suffering from incurable diseases, then the said teacher will get the benefit of inter-district transfer. Alongwith this, priorities will also be changed for the transfer of women teachers.</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>Rules for Jharkhand Teacher Eligibility Test will Also Change :</strong></span></p>
<p>The rules will change again in the Jharkhand Teacher Eligibility Test Rules.</p>
<p>The state government had made it mandatory to score 40-40 percent marks for each subject. Now it will be changed to the previous form.</p>
<p>In this, candidates from Scheduled Tribe, Scheduled Caste and Backward Class will have to score 52 percent marks and candidates from general category will have to score 60 percent marks.</p>
<p>Teacher Eligibility Test was conducted in Jharkhand in 2013 and 2016. After this, applications were taken for the Teacher Eligibility Test in 2024, but the exam could not be conducted.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-teacher-appointment-transfer-rules/">Jharkhand Teacher Recruitment And Transfer Rules To Be Amended</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">55030</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
