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	<title>Money Laundering Case. Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>Money Laundering Case. Archives - Udit Vani</title>
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		<title>कोलकाता पुलिस के DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास गिरफ्तार, ED की पूछताछ के बाद कार्रवाई</title>
		<link>https://uditvani.in/kolkata/ed-arrests-kolkata-dcp-shantanu-sinha-biswas-money-laundering-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 17:39:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[ED Action Kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata DCP Arrest]]></category>
		<category><![CDATA[Money Laundering Case.]]></category>
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		<category><![CDATA[Sona Pappu Syndicate]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास को एक आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया. ईडी गुरुवार सुबह से ही कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में शांतनु सिन्हा से पूछताछ कर रही थी. साढ़े 10 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, कोलकाता :</span> </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास को एक आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया.</p>
<p>ईडी गुरुवार सुबह से ही कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में शांतनु सिन्हा से पूछताछ कर रही थी. साढ़े 10 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.</p>
<p>ईडी ने कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंचार्ज सिन्हा बिस्वास को सोना पप्पू उर्फ ​​बिस्वजीत पोद्दार द्वारा चलाए जा रहे एक कथित आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत, पूछताछ के लिए कई बार समन भेजा था. हालांकि, उन्होंने बार-बार ईडी के समन को नजरअंदाज किया था.</p>
<p>ईडी ने शांतनु के खिलाफ एक लुकआउट नोटिस भी जारी किया था, क्योंकि वह बार-बार एजेंसी के सामने पेश होने से बच रहा था. जांचकर्ता यह पक्का करना चाहते थे कि वह देश छोड़कर न जा सके.</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शांतनु बिस्वास से जुड़े कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन मिले, जिनमें सोना पप्पू और उसके करीबी सहयोगियों का हाथ था. शांतनु बिस्वास का संबंध उन दस्तावेजों से भी था, जो कारोबारी जॉय कामदार से बरामद हुए थे. जॉय कामदार को इसी मामले में वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.</p>
<p>आपको बताते चले, पिछले महीने ईडी ने सोना पप्पू मामले के सिलसिले में फर्न रोड पर स्थित शांतनु के घर पर छापा मारा था. तलाशी अभियान सुबह-सुबह शुरू हुआ और रात करीब 2 बजे तक चला, जब जांच अधिकारी आखिरकार डिप्टी कमिश्नर के घर से निकले.</p>
<p>छापेमारी के दौरान शांतनु बिस्वास को सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं देखा गया. तलाशी के एक दिन बाद ईडी ने शांतनु बिस्वास और उनके दो बेटों, सायंतान और मनीष को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तलब किया. हालांकि, उस दिन उनमें से कोई भी एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ.</p>
<p>इसके बाद, अप्रैल में ईडी ने रेत तस्करी की जांच के सिलसिले में भी शांतनु को तलब किया था. हालांकि, उस मौके पर भी वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. इसके बजाय उनके वकील ईडी दफ्तर पहुंचे.</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, शांतनु बिस्वास ने सरकारी कामों में व्यस्त होने का हवाला देते हुए केंद्रीय एजेंसी से और समय मांगा था. इसके बाद, वह गुरुवार को ईडी दफ्तर में पेश हुए और रात करीब 9.30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>झारखंड के कोषागारों से वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी में अब ED ने शुरू की जांच, दर्ज हुई ECIR</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-treasury-scam-ed-registers-ecir-money-laundering-probe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 16:06:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[ED Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Enforcement Directorate]]></category>
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		<category><![CDATA[Jharkhand Treasury Scam]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड में राज्य सरकार के कोषागारों से सरकारी कर्मियों के वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी के मामले की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है. ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब तक इस [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड में राज्य सरकार के कोषागारों से सरकारी कर्मियों के वेतन मद में करोड़ों की फर्जी निकासी के मामले की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है. ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब तक इस मामले की जांच झारखंड सीआईडी और राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच टीम की ओर से की जा रही है.</p>
<p>माना जा रहा है कि ईडी की एंट्री के बाद कई अफसरों और कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. यह मामला रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से हुई संदिग्ध निकासी से जुड़ा है. इन्हीं मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की है.</p>
<p>जांच एजेंसियों को शक है कि सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से पैसे निकाले गए और बाद में उनमें से कुछ रकम वापस भी की गई. इस पूरे खेल में कई अफसरों, यहां तक कि डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नाम भी सामने आने की चर्चा है. अब तक पुलिस और एसआईटी की जांच में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. रांची मामले में पशुपालन विभाग के अकाउंटेंट मुनींद्र कुमार और उसके सहयोगी संजीव कुमार गिरफ्तार किए गए हैं.</p>
<p>जांच में सामने आया कि मुनींद्र कुमार ने अपना बेसिक वेतन ही 20 लाख रुपए दिखाकर फर्जी निकासी कर ली. हजारीबाग मामले में सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, शंभू कुमार, काजल कुमारी, खुशबू सिंह और धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार किए गए हैं. वहीं, बोकारो ट्रेजरी मामले में कौशल पांडेय, सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल जेल भेजे जा चुके हैं. देवघर ट्रेजरी से स्वास्थ्यकर्मियों के नाम पर हुई संदिग्ध निकासी मामले में सबिता कुमारी की भी गिरफ्तारी हुई है.</p>
<p>यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रधान महालेखाकार (एजी) चंद्रमौली सिंह ने ट्रेजरी ऑडिट के दौरान पुलिस विभाग में वेतन मद से हुई गड़बड़ी पकड़ी. शुरुआती जांच में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी का पता चला था. इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में जांच शुरू कराई और उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अगुवाई में हाई लेवल कमेटी बनाई. यह कमेटी फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है.</p>
<p>बाद में प्रधान महालेखाकार ने सरकार को एक और रिपोर्ट भेजी, जिसमें झारखंड की 12 ट्रेजरी में गड़बड़ी की आशंका जताई गई. रिपोर्ट में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी निकासी की बात कही गई है. इसके बाद वित्त विभाग ने जिलों को विस्तार से जांच करने का निर्देश दिया. राज्य सरकार पहले ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बना चुकी है. अब ईडी की जांच शुरू होने के बाद यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पैसा कहां-कहां गया, किन लोगों को फायदा पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>झारखंड के टेंडर कमीशन घोटाले में दो साल से जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/sc-grants-bail-alamgir-alam-sanjeev-lal-money-laundering-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 17:27:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
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		<category><![CDATA[Jharkhand Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Money Laundering Case.]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची/नई दिल्ली : झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के बहुचर्चित टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव लाल की जमानत याचिका मंजूर कर ली. ये दोनों आरोपी करीब दो साल से न्यायिक हिरासत में [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची/नई दिल्ली :</span> </strong>झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के बहुचर्चित टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव लाल की जमानत याचिका मंजूर कर ली. ये दोनों आरोपी करीब दो साल से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं.</p>
<p>सुनवाई के दौरान, आलम के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल मई 2024 से हिरासत में हैं. उन्होंने ट्रायल की कार्यवाही में हो रही देरी का जिक्र किया, जिसकी वजह एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) द्वारा बार-बार दायर की जा रही सप्लीमेंट्री चार्जशीट हैं. संजीव लाल ने भी इन्हीं आधारों पर जमानत याचिका दाखिल की थी. मामला टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है.</p>
<p>ईडी ने इस मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके ओएसडी संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. इससे पहले, 6 मई 2024 को ईडी ने रांची में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी. इस दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. वहीं, संजीव लाल के आवास से 10.5 लाख रुपये और उनके सचिवालय स्थित कार्यालय से 2.3 लाख रुपये बरामद हुए थे.</p>
<p>एक डायरी भी जब्त की गई, जिसमें कथित तौर पर कमीशन के लेन-देन का ब्योरा दर्ज था. जांच के बाद, 15 मई 2024 को आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया था. ईडी ने आरोप लगाया है कि सरकारी टेंडर आवंटित करने के बदले कमीशन वसूलने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. जांच एजेंसी के मुताबिक, ठेकेदारों को कथित तौर पर कुल ठेके की कीमत का लगभग तीन प्रतिशत कमीशन के तौर पर देना पड़ता था.</p>
<p>इसमें से, लगभग 1.35 प्रतिशत राशि कथित तौर पर तत्कालीन मंत्री तक उनके निजी सचिव के माध्यम से पहुंचाई जाती थी, जबकि 0.65 से 1 प्रतिशत राशि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में बांटी जाती थी और शेष राशि इंजीनियरों सहित अन्य कर्मचारियों के बीच साझा की जाती थी.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>ED Raid : PDS घोटाला में ईडी ने बंगाल के 12 स्थानों पर मारे छापे</title>
		<link>https://uditvani.in/kolkata/ed-raids-west-bengal-ration-distribution-scam-kolkata-pds-corruption/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 09:37:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[ED Raid West Bengal]]></category>
		<category><![CDATA[Enforcement Directorate]]></category>
		<category><![CDATA[Jyotipriya Mallick]]></category>
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		<category><![CDATA[Ration Scam Kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Elections]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, कोलकाता: राशन वितरण मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में 12 स्थानों पर एक साथ छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर ईडी के तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं, उनमें कोलकाता के साथ-साथ उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, कोलकाता</strong></span>: राशन वितरण मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में 12 स्थानों पर एक साथ छापा मारा।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर ईडी के तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं, उनमें कोलकाता के साथ-साथ उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और कोलकाता से सटे हावड़ा जैसे जिले शामिल हैं।</p>
<p>कोलकाता में जिन स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें मध्य कोलकाता के प्रमुख व्यावसायिक भवन पोद्दार कोर्ट में एक व्यवसायी का कार्यालय और दक्षिण कोलकाता के मिंटो पार्क में एक अन्य व्यवसायी का कार्यालय शामिल है।</p>
<p>ईडी अधिकारियों की एक अन्य टीम दक्षिण कोलकाता के पॉश लॉर्ड सिन्हा रोड पर स्थित दूसरे व्यवसायी के आवास पर भी छापेमारी कर रही है।</p>
<p>सभी आपातकालीन विभाग की टीमों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्र ने बताया, &#8220;हाल ही में राशन वितरण भ्रष्टाचार मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) मामले की जांच कर रहे ईडी के जांच अधिकारियों को इन व्यापारियों के नाम पता चले। शुक्रवार को की गई छापेमारी और तलाशी अभियान उसी जानकारी पर आधारित है।&#8221;</p>
<p>राशन वितरण में कथित अनियमितताओं का खुलासा सबसे पहले 2020 में हुआ था, जब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित किए जाने वाले 762 किलोग्राम आटे की अवैध बिक्री में भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी सामने आई थी।</p>
<p>बाद में यह जानकारी सामने आई कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से वितरित की जाने वाली गेहूं की एक बड़ी मात्रा को खुले बाजार में भेज दिया गया और उसे उच्च दरों पर बेचा गया।</p>
<p>ईडी के अधिकारियों ने जांच अपने हाथ में ले ली। इसके बाद राज्य के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री और राज्य की पूर्व वन मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>एक साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद मल्लिक फिलहाल जमानत पर बाहर हैं और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ रहे हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले ईडी एक बार फिर काफी सक्रिय हो गई है।</p>
<p>चालू सप्ताह के दौरान ईडी के अधिकारियों ने अवैध भूमि हड़पने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।</p>
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