<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Jharkhand High Court Archives - Udit Vani</title>
	<atom:link href="https://uditvani.in/tag/jharkhand-high-court/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://uditvani.in/tag/jharkhand-high-court/</link>
	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
	<lastBuildDate>Fri, 22 May 2026 10:59:00 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2022/04/fev.png?fit=32%2C32&#038;ssl=1</url>
	<title>Jharkhand High Court Archives - Udit Vani</title>
	<link>https://uditvani.in/tag/jharkhand-high-court/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">207316808</site>	<item>
		<title>रांची के होटवार जेल में महिला कैदी से यौन शोषण की शिकायत पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मांगी रिपोर्ट</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-suo-motu-hotwar-jail-woman-prisoner-sexual-harassment-babulal-marandi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 10:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Babulal Marandi Allegations]]></category>
		<category><![CDATA[Birsa Munda Central Jail]]></category>
		<category><![CDATA[Hotwar Jail Case]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Judicial Magistrate Shruti Soren]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Rangan Mukhopadhyay]]></category>
		<category><![CDATA[Ranchi Crime News]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[होटवार जेल रांची]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=115755</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची: रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला कैदी के साथ जेल अधीक्षक द्वारा कथित यौन शोषण के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। अदालत ने मीडिया रिपोर्टों और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया है. शुक्रवार को [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-suo-motu-hotwar-jail-woman-prisoner-sexual-harassment-babulal-marandi/">रांची के होटवार जेल में महिला कैदी से यौन शोषण की शिकायत पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मांगी रिपोर्ट</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, रांची:</strong></span> रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला कैदी के साथ जेल अधीक्षक द्वारा कथित यौन शोषण के मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। अदालत ने मीडिया रिपोर्टों और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया है.</p>
<p>शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मामले को जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए मौखिक रूप से कहा कि जिस अधिकारी पर कैदियों की सुरक्षा और कल्याण की जिम्मेदारी थी, उसी पर यह गंभीर आरोप लगा है। यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और अब हाईकोर्ट खुद इस पूरी घटना की मॉनिटरिंग करेगा।</p>
<p>खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डीजीपी से दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख मुकर्रर की है। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम को लिखे एक पत्र में जेल की महिला कैदी के साथ यौन शोषण किए जाने, उसके गर्भवती होने और बाद में भ्रूण गिराने (गर्भपात कराने) की कोशिश करने के संगीन आरोप लगाए हैं।</p>
<p>अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि इस पूरे मामले को जेल प्रशासन के स्तर पर दबाने का पुरजोर प्रयास किया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट पूछा है कि इन आरोपों की सत्यता जांचने के लिए अब तक धरातल पर क्या कदम उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है।</p>
<p>इस कमेटी में निदेशक (प्रशासन) मनोज कुमार, सहायक कारा निरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता और कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं निरीक्षणालय के प्रोबेशन पदाधिकारी चंद्रमोली सिंह शामिल हैं। इसके अलावा रांची जिला प्रशासन और जेल आईजी की ओर से भी अलग से तफ्तीश की जा रही है।</p>
<p>अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) रांची की जांच टीम ने पहले ही जेल जाकर पीड़िता, जेल पीएलवी (पैरा लीगल वॉलेंटियर) और जेल चिकित्सक के बयान दर्ज कर रिपोर्ट सौंप दी है। इसी आलोक में रांची की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्रुति सोरेन द्वारा मामले की न्यायिकभी की जा रही है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को दो सप्ताह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-suo-motu-hotwar-jail-woman-prisoner-sexual-harassment-babulal-marandi/">रांची के होटवार जेल में महिला कैदी से यौन शोषण की शिकायत पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मांगी रिपोर्ट</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">115755</post-id>	</item>
		<item>
		<title>JHARKHAND: हिरासत में मौत और दुष्कर्म मामलों में न्यायिक जांच होगी अनिवार्य : झारखंड हाईकोर्ट</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-mandatory-judicial-inquiry-custodial-death-rape/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 12:13:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Custodial Death]]></category>
		<category><![CDATA[Human Rights]]></category>
		<category><![CDATA[JHALSA]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand police]]></category>
		<category><![CDATA[Judicial Inquiry]]></category>
		<category><![CDATA[Law News.]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=114872</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी रांची:  झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस कस्टडी और जेल में होने वाली मौतों (कस्टोडियल डेथ) एवं दुष्कर्म की घटनाओं से संबंधित जनहित याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि अब राज्य में पुलिस या जेल कस्टडी [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-mandatory-judicial-inquiry-custodial-death-rape/">JHARKHAND: हिरासत में मौत और दुष्कर्म मामलों में न्यायिक जांच होगी अनिवार्य : झारखंड हाईकोर्ट</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी रांची: </strong></span> झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में पुलिस कस्टडी और जेल में होने वाली मौतों (कस्टोडियल डेथ) एवं दुष्कर्म की घटनाओं से संबंधित जनहित याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि अब राज्य में पुलिस या जेल कस्टडी में होने वाली किसी भी मौत या दुष्कर्म के मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी (न्यायिक जांच) कराना पूरी तरह अनिवार्य होगा.</p>
<p>अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 196(2) और पूर्ववर्ती कानून सीआरपीसी की धारा 176(1-ए) के तहत इस न्यायिक जांच को अनिवार्य घोषित किया है.</p>
<p>गौरतलब है कि पूर्व में झारखंड सरकार पुलिस या जेल हिरासत में होने वाली मौतों और दुष्कर्म के मामलों की जांच एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (कार्यपालक दंडाधिकारी) से कराती थी और राज्य में न्यायिक जांच को अनिवार्य नहीं माना जा रहा था. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी.</p>
<p>इसके साथ ही खंडपीठ ने झारखंड लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (झालसा) को निर्देश दिया है कि वह हिरासत में मौत या दुष्कर्म के मामलों में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, नई दिल्ली की गाइडलाइंस के अनुरूप एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करे, ताकि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष और सही ढंग से जांच सुनिश्चित की जा सके.</p>
<p>सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार ऐसे करीब 250 मामले हैं, जिनमें कस्टोडियल डेथ होने के बावजूद अब तक न्यायिक जांच नहीं कराई गई है. इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए खंडपीठ ने संबंधित जिलों के जिला जजों (डिस्ट्रिक्ट जजों) को निर्देश दिया है कि वे इन मामलों में न्यायिक जांच न होने के कारणों को स्पष्ट करते हुए अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे हाईकोर्ट को सौंपें. इस मामले की पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य के गृह सचिव द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ था.</p>
<p>शपथ पत्र में सरकार ने स्वीकार किया था कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच झारखंड में पुलिस और जेल कस्टडी में करीब 500 मौतें हुई हैं. इनमें से लगभग आधे मामलों में ज्यूडिशियल इंक्वायरी नहीं कराई गई थी. इसके बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.</p>
<p>मामले में प्रार्थी मोहम्मद मुमताज अंसारी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता शादाब अंसारी ने लिखित बहस के साथ सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों और एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसके आधार पर अदालत ने यह ऐतिहासिक व्यवस्था दी है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jharkhand-high-court-mandatory-judicial-inquiry-custodial-death-rape/">JHARKHAND: हिरासत में मौत और दुष्कर्म मामलों में न्यायिक जांच होगी अनिवार्य : झारखंड हाईकोर्ट</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">114872</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand : सात साल बाद भी बच्ची का सुराग नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला में 2018 से अब तक पदस्थापित अधिकारियों को तलब किया</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-gumla-missing-girl-case-cbi-probe-warning/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 16:49:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[CBI Investigation Warning]]></category>
		<category><![CDATA[Gumla Missing Girl Case]]></category>
		<category><![CDATA[Gumla Police]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Sujit Narayan Prasad]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=114679</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है. बच्ची की मां चंद्रमुनि उराइन द्वारा दायर &#8216;हेबियस कॉर्पस&#8217; (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-gumla-missing-girl-case-cbi-probe-warning/">Jharkhand : सात साल बाद भी बच्ची का सुराग नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला में 2018 से अब तक पदस्थापित अधिकारियों को तलब किया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है.</p>
<p>बच्ची की मां चंद्रमुनि उराइन द्वारा दायर &#8216;हेबियस कॉर्पस&#8217; (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में वर्ष 2018 से लेकर अब तक गुमला में पदस्थापित रहे सभी पुलिस अधीक्षकों और मामले के जांचकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है.</p>
<p>मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने राज्य सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि पुलिस इस मामले में अब भी विफल रहती है, तो जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को हस्तांतरित कर दी जाएगी. अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि लगभग सात साल बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला है, जो पुलिस तंत्र की विफलता को दर्शाता है.</p>
<p>मामला हाईकोर्ट में आने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और बार-बार समय की मांग की जा रही है. ऐसी स्थिति में अदालत ने माना कि मामले को सीबीआई को सौंपना ही न्यायसंगत होगा. इससे पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार ने बताया था कि विशेष जांच दल विभिन्न राज्यों में छानबीन कर रहा है और वर्ष 2018 के दौरान संबंधित आयु वर्ग के यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री के लिए रेलवे से विवरण मांगा गया था.</p>
<p>हालांकि, इन दलीलों से अदालत संतुष्ट नहीं हुई. कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक बच्ची का पता न चल पाना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह पुलिस की जांच क्षमता पर भी गंभीर संदेह पैदा करता है.</p>
<p>गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में पुलिस महानिदेशक और गुमला एसपी भी अदालत के समक्ष पेश हुए थे, लेकिन जांच में कोई सार्थक प्रगति नहीं दिखी. हाईकोर्ट ने पूर्व में भी लापता बच्चों के मामलों में डेटा के प्रभावी इस्तेमाल और मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करने पर जोर दिया था, मगर धरातल पर इस मामले में कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है. खंडपीठ ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 जून की तिथि निर्धारित की है, जिसमें तलब किए गए सभी अधिकारियों को उपस्थित होकर जवाब देना होगा.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-gumla-missing-girl-case-cbi-probe-warning/">Jharkhand : सात साल बाद भी बच्ची का सुराग नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला में 2018 से अब तक पदस्थापित अधिकारियों को तलब किया</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">114679</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand : अधिसूचित पेसा नियमावली मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी जबाब</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-pesa-rules-hearing-state-government-reply/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 17:31:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Justice MS Sonak]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Rajesh Shankar]]></category>
		<category><![CDATA[PESA Rules Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Tribal Rights Jharkhand]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=114525</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली को सही ढंग से लागू नहीं करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुईं. सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार से प्रार्थियों की ओर से उठाए [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-pesa-rules-hearing-state-government-reply/">Jharkhand : अधिसूचित पेसा नियमावली मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी जबाब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली को सही ढंग से लागू नहीं करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुईं. सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार से प्रार्थियों की ओर से उठाए गए सवालों पर बिंदुवार जबाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.</p>
<p>अदालत ने सरकार से पूछा कि प्रार्थियों द्वारा उठाए गए बिंदु सही हैं या नहीं. क्या संविधान के अनुरूप नियमावली में संशोधन किया गया है. मामले की अगली सुनवाई जून के अंतिम सप्ताह में होगी. वहीं इस मामले में दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने पेसा नियमावली की मूल भावना के विपरीत संशोधन कर उसे लागू किया है. पेसा नियमावली में आदिवासियों एवं मूलवासियों को बिशेष अधिकार प्राप्त है. लेकिन संशोधनों के कारण उन्हें वे अधिकार नहीं मिल पा रहा है. जिनके वे हकदार हैं.</p>
<p>याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने अपने अनुरूप नियमावली लागू की है और सरकार द्वारा पूरे तंत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के के लिए नियमावली को प्रभावी तरीके से लागू नहीं की जा रही है और इसे महज आईवाश बनाकर छोड़ दिया गया है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-pesa-rules-hearing-state-government-reply/">Jharkhand : अधिसूचित पेसा नियमावली मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी जबाब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">114525</post-id>	</item>
		<item>
		<title>झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद SSP हुए सशरीर हाजिर, अदालत ने पीड़िता का वीडियो वायरल होने पर जताई चिंता</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dhanbad-ssp-appearance-viral-video-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 16:05:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Dhanbad SSP]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[jharkhand news]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Sujit Narayan Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Legal News Dhanbad]]></category>
		<category><![CDATA[Viral Video Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=114493</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड हाईकोर्ट में एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान सोमवार को धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अदालत के आदेश पर सशरीर हाजिर हुए. एसएसपी ने अदालत को बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dhanbad-ssp-appearance-viral-video-case/">झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद SSP हुए सशरीर हाजिर, अदालत ने पीड़िता का वीडियो वायरल होने पर जताई चिंता</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड हाईकोर्ट में एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान सोमवार को धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अदालत के आदेश पर सशरीर हाजिर हुए. एसएसपी ने अदालत को बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.</p>
<p>जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की बेंच ने एसएसपी का पक्ष सुनने के बाद उन्हें भविष्य में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी. अगली सुनवाई 11 जून को होगी.</p>
<p>सुनवाई के दौरान अदालत ने एक युवती का वीडियो वायरल होने के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की. कोर्ट के समक्ष यह जानकारी आई कि उक्त वीडियो झारखंड के बजाय दूसरे राज्य गुजरात से वायरल हुआ है. इस पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस को इस वायरल वीडियो को तत्काल डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने या डिलीट कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने चाहिए थे.</p>
<p>कोर्ट ने धनबाद एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच में तेजी लाएं और अगली सुनवाई के दौरान अदालत में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें.</p>
<p>दरअसल यह पूरा मामला रवि साव नामक एक आरोपी से जुड़ा है, जिसे पूर्व में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी. जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़िता ने आरोपी की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी. पीड़िता का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने पुनः अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया और उसका वीडियो वायरल कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. पीड़िता ने इस संबंध में साइबर पुलिस में लिखित शिकायत दी थी.</p>
<p>इससे पूर्व की सुनवाई में अदालत ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई थी कि शिकायत में स्पष्ट रूप से संज्ञेय अपराध का खुलासा होने के बावजूद धनबाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की. इसी लापरवाही पर जवाब तलब करने के लिए अदालत ने एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dhanbad-ssp-appearance-viral-video-case/">झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद SSP हुए सशरीर हाजिर, अदालत ने पीड़िता का वीडियो वायरल होने पर जताई चिंता</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">114493</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand : टेंडर घोटाले केस में आलमगीर आलम को हाईकोर्ट से झटका, डिस्चार्ज याचिका खारिज</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dismisses-alamgir-alam-plea-tender-scam-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 16:30:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Alamgir Alam]]></category>
		<category><![CDATA[ED Case Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Sujit Narayan Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Money laundering]]></category>
		<category><![CDATA[Tender Scam Jharkhand]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=113871</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झारखंड हाईकोर्ट से फिर झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पीएमएल कोर्ट द्वारा उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज करने और उनके खिलाफ आरोप गठन के आदेश को चुनौती दी थी. जस्टिस [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dismisses-alamgir-alam-plea-tender-scam-case/">Jharkhand : टेंडर घोटाले केस में आलमगीर आलम को हाईकोर्ट से झटका, डिस्चार्ज याचिका खारिज</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span></strong> झारखंड के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झारखंड हाईकोर्ट से फिर झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पीएमएल कोर्ट द्वारा उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज करने और उनके खिलाफ आरोप गठन के आदेश को चुनौती दी थी.</p>
<p>जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. इससे पहले मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसेन, एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा.</p>
<p>मामला टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. ईडी ने इस मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके ओएसडी संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.</p>
<p>इससे पहले, 6 मई 2024 को ईडी ने रांची में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी. इस दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. वहीं, संजीव लाल के आवास से 10.5 लाख रुपये और उनके सचिवालय स्थित कार्यालय से 2.3 लाख रुपये बरामद हुए थे. एक डायरी भी जब्त की गई, जिसमें कथित तौर पर कमीशन के लेन-देन का ब्योरा दर्ज था.</p>
<p>जांच के बाद, 15 मई 2024 को आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया था. ईडी ने आरोप लगाया है कि सरकारी टेंडर आवंटित करने के बदले कमीशन वसूलने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.</p>
<p>जांच एजेंसी के मुताबिक, ठेकेदारों को कथित तौर पर कुल ठेके की कीमत का लगभग तीन प्रतिशत कमीशन के तौर पर देना पड़ता था. इसमें से, लगभग 1.35 प्रतिशत राशि कथित तौर पर तत्कालीन मंत्री तक उनके निजी सचिव के माध्यम से पहुंचाई जाती थी, जबकि 0.65 से 1 प्रतिशत राशि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में बांटी जाती थी और शेष राशि इंजीनियरों सहित अन्य कर्मचारियों के बीच साझा की जाती थी.</p>
<p>इस मामले में हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब पीएमएलए कोर्ट में आरोप तय होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और मामले की सुनवाई तेज होने की संभावना है.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-dismisses-alamgir-alam-plea-tender-scam-case/">Jharkhand : टेंडर घोटाले केस में आलमगीर आलम को हाईकोर्ट से झटका, डिस्चार्ज याचिका खारिज</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">113871</post-id>	</item>
		<item>
		<title>JHARKHAND: पुलिस कस्टडी में पिटाई पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: मेडिकल रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर पर गिरेगी गाज</title>
		<link>https://uditvani.in/crime/jamshedpur-crime/jharkhand-high-court-tarun-mahto-custodial-torture-seraikela-sp-medical-officer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 10:54:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
		<category><![CDATA[रांची]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Justice MS Sonak]]></category>
		<category><![CDATA[Custodial Torture]]></category>
		<category><![CDATA[Ichagarh Police.]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[jharkhand news]]></category>
		<category><![CDATA[JLKM]]></category>
		<category><![CDATA[Seraikela Police]]></category>
		<category><![CDATA[Tarun Mahto Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=113658</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बुरी तरह पिटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है. मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/crime/jamshedpur-crime/jharkhand-high-court-tarun-mahto-custodial-torture-seraikela-sp-medical-officer/">JHARKHAND: पुलिस कस्टडी में पिटाई पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: मेडिकल रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर पर गिरेगी गाज</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी, रांची:</strong></span> झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बुरी तरह पिटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है.</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव और सरायकेला एसपी से जवाब तलब किया है. अदालत ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव से पूछा है कि उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, जिसने तरुण महतो को अदालत में पेश करने से पहले &#8216;फिट फॉर कस्टडी&#8217; का सर्टिफिकेट दिया था.</p>
<h3 data-path-to-node="7"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="7" data-index-in-node="0">झूठी मेडिकल रिपोर्ट पर अदालत का प्रहार</b></span></h3>
<p>अदालत ने टिप्पणी की कि जब तरुण महतो को बुरी तरह पीटा गया था और उनके शरीर पर जख्म के निशान मौजूद थे, तब स्वास्थ्य अधिकारी ने किस आधार पर उन्हें फिट बताया और झूठी रिपोर्ट तैयार की. इसके साथ ही, अदालत ने सरायकेला एसपी को जिले के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रगति पर 18 जून तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.</p>
<h3 data-path-to-node="9"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="9" data-index-in-node="0">सरायकेला एसपी को CCTV पर स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश</b></span></h3>
<p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि पीड़ित तरुण महतो को अंतरिम राहत के रूप में 1 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया है. मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने पक्ष रखा. तरुण महतो वर्ष 2024 के चुनाव में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से जेएलकेएम के प्रत्याशी रह चुके हैं.</p>
<h3 data-path-to-node="11"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="11" data-index-in-node="0">1.50 लाख रुपये का मुआवजा और घटना का पृष्ठभूमि</b></span></h3>
<p>आरोप है कि 19 नवंबर 2025 की रात ईचागढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, जहां उन्हें &#8216;थर्ड डिग्री टॉर्चर&#8217; दिया गया. इस घटना को लेकर तरुण महतो की पत्नी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए स्वतः संज्ञान लिया.</p>
<p>पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी को व्यक्तिगत रूप से दस्तावेजों के साथ पेश होने का आदेश भी दिया था. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है.</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/crime/jamshedpur-crime/jharkhand-high-court-tarun-mahto-custodial-torture-seraikela-sp-medical-officer/">JHARKHAND: पुलिस कस्टडी में पिटाई पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: मेडिकल रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर पर गिरेगी गाज</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">113658</post-id>	</item>
		<item>
		<title>JAMSHEDPUR: नागाडीह हत्याकांड में नया मोड़: बरी आरोपियों पर फिर कस सकता है कानून का शिकंजा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/nagadih-massacre-case-jharkhand-govt-appeal-high-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:36:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Bagbera Police Station]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur news]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Crime Update.]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Nagadih Lynching Case]]></category>
		<category><![CDATA[Nagadih Murder News]]></category>
		<category><![CDATA[Vikas Verma Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=113311</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी जमशेदपुर :  बागबेड़ा थाना अंतर्गत स्थित नागाडीह में नौ साल पहले हुए चर्चित चार लोगों की हत्या मामले में एक बार फिर न्यायिक हलचल तेज हो गई है। साक्ष्य के अभाव में बरी किए गए 23 आरोपियों के खिलाफ राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस कदम के बाद अब [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/nagadih-massacre-case-jharkhand-govt-appeal-high-court/">JAMSHEDPUR: नागाडीह हत्याकांड में नया मोड़: बरी आरोपियों पर फिर कस सकता है कानून का शिकंजा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>उदित वाणी जमशेदपुर : </strong></span> बागबेड़ा थाना अंतर्गत स्थित नागाडीह में नौ साल पहले हुए चर्चित चार लोगों की हत्या मामले में एक बार फिर न्यायिक हलचल तेज हो गई है। साक्ष्य के अभाव में बरी किए गए 23 आरोपियों के खिलाफ राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस कदम के बाद अब उन आरोपियों पर दोबारा कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है, जिन्हें पहले राहत मिल चुकी थी।</p>
<h3 data-path-to-node="6"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">23 आरोपियों के खिलाफ दोबारा शुरू होगी कानूनी प्रक्रिया</b></span></h3>
<p>जानकारी के मुताबिक, कुल 28 आरोपियों में से 23 को ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया था। हालांकि, इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। अब सरकार की अपील के बाद शेष आरोपियों के खिलाफ केस फिर से खुलने की संभावना बढ़ गई है। इस घटनाक्रम से पीड़ित परिवार में एक बार फिर न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।</p>
<h3 data-path-to-node="8"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="8" data-index-in-node="0">पीड़ित परिवार को न्याय की आस</b></span></h3>
<p>पीड़ित पक्ष के उत्तम वर्मा का कहना है कि पर्याप्त गवाही और साक्ष्य होने के बावजूद आरोपियों का बरी होना न्याय के साथ अन्याय था। उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर मामले की पुनः सुनवाई की मांग भी की थी। अब सरकार की पहल से उन्हें भरोसा है कि सच सामने आएगा।</p>
<h3 data-path-to-node="10"><span style="color: #800080;"><b data-path-to-node="10" data-index-in-node="0">दोषियों की वर्तमान स्थिति और सजा</b></span></h3>
<p>गौरतलब है कि इस मामले में 8 अक्तूबर 2025 को पांच आरोपियों—राजाराम हांसदा, रेंगो पूर्ति, गोपाल हांसदा, सुनील सरदार और तारा मंडल—को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन बाद में इनमें से चार दोषियों की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हो गई, जिससे वे जेल से बाहर आ चुके हैं। केवल एक सजायाफ्ता अब भी जेल में बंद है। इसी बीच, आठ साल बाद अदालत में सरेंडर करने वाले आरोपी डॉक्टर मार्डी को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है, जिससे मामले ने और जटिल रूप ले लिया है।</p>
<p>यह पूरा मामला 18 मई 2017 का है, जब बच्चा चोरी की अफवाह के बाद उग्र भीड़ ने चार निर्दोष लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस दर्दनाक घटना में जुगसलाई नयाबाजार के विकास वर्मा, गौतम वर्मा और गंगेश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी दादी रामसखी देवी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब, सरकार की नई पहल और न्यायिक प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने से यह मामला फिर सुर्खियों में है और सबकी नजरें हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं।</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/nagadih-massacre-case-jharkhand-govt-appeal-high-court/">JAMSHEDPUR: नागाडीह हत्याकांड में नया मोड़: बरी आरोपियों पर फिर कस सकता है कानून का शिकंजा</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">113311</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand : कोयला मजदूरों की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मुख्य कारखाना निरीक्षक तलब</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-suo-motu-coal-mine-workers-safety-chief-inspector-summoned/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:30:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Inspector of Factories]]></category>
		<category><![CDATA[Coal Mine Safety]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Legal News]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Sujit Narayan Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Mining Labor Rights]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court Mining Guidelines]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=112945</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य के &#8216;मुख्य कारखाना निरीक्षक&#8217; को [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-suo-motu-coal-mine-workers-safety-chief-inspector-summoned/">Jharkhand : कोयला मजदूरों की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मुख्य कारखाना निरीक्षक तलब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span></strong> झारखंड हाई कोर्ट ने कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य के &#8216;मुख्य कारखाना निरीक्षक&#8217; को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है.</p>
<p>उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल के वर्षों में खदान मजदूरों की सुरक्षा और उनके जीवन के अधिकार को लेकर अत्यंत सख्त निर्देश जारी किए थे. सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि खदानों में काम करने वालों का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.</p>
<p>इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों के हाई कोर्ट को इस मामले की निगरानी करने का आदेश दिया था, जिसके तहत झारखंड हाई कोर्ट ने यह सुनवाई शुरू की है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रमुख कोयला खदानों और कारखानों के निरीक्षण एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा रिपोर्ट अदालत में पेश की गई.</p>
<p>हालांकि, खंडपीठ ने इस रिपोर्ट पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. अदालत का मानना है कि धरातल पर मजदूरों की स्थिति और सुरक्षा मानकों के पालन में अभी भी भारी कमी है. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि मजदूरों को खतरनाक काम के दौरान सुरक्षा देने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं.</p>
<p>कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि खदानों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो, मजदूरों को इलाज की अच्छी सुविधाएं मिलें और अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. कोर्ट ने कहा कि ठेका मजदूरों को पक्का करने (नियमितीकरण), उन्हें तय न्यूनतम मजदूरी देने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में क्या प्रगति हुई है, इसकी भी पूरी जानकारी दी जाए.</p>
<p>कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कारखाना निरीक्षक को अगली तिथि पर अदालत में उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि अब तक इन दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-suo-motu-coal-mine-workers-safety-chief-inspector-summoned/">Jharkhand : कोयला मजदूरों की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, मुख्य कारखाना निरीक्षक तलब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">112945</post-id>	</item>
		<item>
		<title>Jharkhand : FIR दर्ज न करने पर झारखंड हाईकोर्ट नाराज, SSP को किया तलब</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-summons-dhanbad-ssp-over-fir-negligence/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:13:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[Dhanbad Police]]></category>
		<category><![CDATA[Dhanbad SSP]]></category>
		<category><![CDATA[FIR Negligence]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand Legal News]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Sujit Narayan Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Ravi Saw Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://uditvani.in/?p=112911</guid>

					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, रांची : झारखंड हाई कोर्ट एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने धनबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने संज्ञेय अपराध की शिकायत के एक मामले में एफआईआर दर्ज न किए जाने को गंभीर मानते हुए धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तलब कर लिया है. न्यायमूर्ति सुजीत [...]</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-summons-dhanbad-ssp-over-fir-negligence/">Jharkhand : FIR दर्ज न करने पर झारखंड हाईकोर्ट नाराज, SSP को किया तलब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, रांची :</span> </strong>झारखंड हाई कोर्ट एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने धनबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने संज्ञेय अपराध की शिकायत के एक मामले में एफआईआर दर्ज न किए जाने को गंभीर मानते हुए धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तलब कर लिया है.</p>
<p>न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी को मंगलवार को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई.</p>
<p>यह मामला रवि साव नामक एक आरोपी से जुड़ा है, जिसे पहले एक आपराधिक मामले में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी. जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखा और पीड़िता ने पुनः अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए उसकी जमानत रद्द करने की गुहार लगाई.</p>
<p>पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने जेल से बाहर आते ही सोशल मीडिया के जरिए उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया. पीड़िता ने इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से धमकी देने और आईटी एक्ट के तहत आने वाले अपराधों का उल्लेख था.</p>
<p>अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत प्रथम दृष्टया एक गंभीर संज्ञेय अपराध को दर्शाती है. इसके बावजूद धनबाद पुलिस ने इस पर एफआईआर दर्ज नहीं की.</p>
<p>अदालत ने माना कि पीड़िता के साथ किया जा रहा यह व्यवहार आपराधिक श्रेणी में आता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने धनबाद एसएसपी को निर्देश दिया है कि वे मंगलवार को सशरीर हाजिर होकर पूरे घटनाक्रम पर जवाब दें. मामले में अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-high-court-summons-dhanbad-ssp-over-fir-negligence/">Jharkhand : FIR दर्ज न करने पर झारखंड हाईकोर्ट नाराज, SSP को किया तलब</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">112911</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
