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	<title>Jaya Kishori Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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		<title>जमशेदपुर: साकची में ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा का आगाज, जया किशोरी ने भक्त नरसी की भक्ति से बांधा समा</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jaya-kishori-nani-bai-ro-mayro-katha-sakchi-jamshedpur-day-1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:12:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>जमशेदपुर: शहर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्था नारायणी सेवा ट्रस्ट, जमशेदपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा का शुभारंभ मंगलवार को साकची स्थित चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार, बोधि मंदिर मैदान में हुआ। कथा के प्रथम दिन विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता पूज्या सुश्री जया किशोरी ने व्यास पीठ से अपनी सुमधुर वाणी [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #800080;"><strong>जमशेदपुर</strong></span>: शहर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्था नारायणी सेवा ट्रस्ट, जमशेदपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा का शुभारंभ मंगलवार को साकची स्थित चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार, बोधि मंदिर मैदान में हुआ। कथा के प्रथम दिन विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता पूज्या सुश्री जया किशोरी ने व्यास पीठ से अपनी सुमधुर वाणी के माध्यम से भक्त नरसी मेहता के जीवन, उनकी अटूट आस्था और प्रभु श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कथा के दौरान जया किशोरी ने नरसी मेहता की भक्ति, सादगी और प्रेममयी जीवन शैली को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कैसे नरसी जी ने भगवान शिव की आराधना कर महारास के दर्शन प्राप्त किए और श्रीकृष्ण भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को समर्पित किया। उन्होंने यह भी बताया कि नरसी जी बचपन से मूक-बधिर थे, लेकिन भगवान की कृपा से उन्हें वाणी प्राप्त हुई।</p>
<p><img data-recalc-dims="1" fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-108463" src="https://i0.wp.com/uditvani.in/wp-content/uploads/2026/03/WhatsApp-Image-2026-03-31-at-8.35.28-PM.jpeg?resize=709%2C415&#038;ssl=1" alt="" width="709" height="415" /></p>
<p>जया किशोरी ने ‘नानी बाई रो मायरो’ प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति और विश्वास से असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने बताया कि गरीबी के बावजूद नरसी मेहता ने भगवान पर अटूट विश्वास बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने उनका रूप धारण कर उनकी पुत्री नानी बाई के ससुराल में अपेक्षा से चार गुना अधिक मायरा भरा। यह प्रसंग आस्था, विश्वास और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कथा की शुरुआत में विवाह के बाद एक लड़की के जीवन में आने वाले बदलावों का भी उल्लेख किया गया, जिसे कथा के भाव से जोड़ा गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से गणेश वंदना, कलश स्थापना, नवग्रह पूजन और ठाकुर जी (श्रीकृष्ण) की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। कोलकाता से आए आचार्य अभिषेक तिवारी ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इसके बाद व्यास पीठ पर विराजमान जया किशोरी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कथा स्थल पर पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। लगभग 6 हजार से अधिक भक्तों ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। आयोजन 2 अप्रैल तक चलेगा। दूसरे दिन 1 अप्रैल को कुमकुम पत्रिका, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मिलन की कथा का वाचन किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार चंदूका सहित राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल, अनिल नरेडी, ललित सरायवाला, नवीन पोद्दार, किशन सोंथालिया, अभिषेक भालोटिया, रोहित अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, राम रतन कांवटिया, समीर दिवान, अजय खेमका, अजय अग्रवाल, नेहा सोंथालिया, मेघा चौधरी, कृतिका गुप्ता, रिंकी भालोटिया, विजय लक्ष्मी भालोटिया और स्नेहा अग्रवाल सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।</p>
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		<title>JAMSHEDPUR: जया किशोरी का जमशेदपुर आगमन आज: 25 सदस्यों के दल के साथ रात में पहुँचेंगी शहर, एक नज़र व्यक्तित्व पर</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jaya-kishori-jamshedpur-nani-bai-ro-mayro-katha-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:11:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>जमशेदपुर : विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी आज 30 मार्च की रात जमशेदपुर पहुंच रही हैं। उनके साथ 25 सदस्यों की एक टीम भी आ रही है जो कथा व प्रवासके दौरान , उनका सहयोग करेगी। जया किशोरी जी कल मंगलवार 31 मार्च से 2 अप्रैल तक जमशेदपुर में ‘नानी बाई रो मायरो’ की [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #993366;"><strong>जमशेदपुर</strong></span> : विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी आज 30 मार्च की रात जमशेदपुर पहुंच रही हैं। उनके साथ 25 सदस्यों की एक टीम भी आ रही है जो कथा व प्रवासके दौरान , उनका सहयोग करेगी।</p>
<p>जया किशोरी जी कल मंगलवार 31 मार्च से 2 अप्रैल तक जमशेदपुर में ‘नानी बाई रो मायरो’ की त्रिदिवसीय संगीतमय कथा का अमृत पान कराएंगी। साकची स्थित राजेंद्र विद्यालय के बगल में बोधि मंदिर मैदान (चंदूलाला अशोक कुमार भालोटिया सभागार) में इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।</p>
<p><span style="color: #993366;"><strong>​तीन दिनों तक बहेगी भक्ति की धारा</strong></span><br />
​नारायणी सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कथा का उद्देश्य भक्त और भगवान के बीच अटूट प्रेम और विश्वास को उजागर करना है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक चलेगी।​प्रथम दिवस (31 मार्च): भक्त नरसी मेहता का जीवन परिचय, शंकर भगवान से मिलन और श्रीकृष्ण महारास दर्शन।​द्वितीय दिवस (01 अप्रैल): कुमकुम पत्रिका का पहुँचना, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मेहता मिलन।​</p>
<p>तृतीय दिवस (02 अप्रैल): नानी बाई और नरसी मेहता मिलन तथा श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मणी सहित ‘मायरा’ भरने का भावपूर्ण प्रसंग।</p>
<p><span style="color: #993366;"><strong>​प्रवेश के लिए ‘प्रवेश पत्र’ अनिवार्य</strong></span></p>
<p>​आयोजन से जुड़े कैलाश सरायवाला ने स्पष्ट किया है कि कथा में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तों को प्रवेश पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।</p>
<p>डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बहेगी ज्ञान की गंगा: सराय वाला ने बताया कि जो श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, उनके लिए जया किशोरी जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट ने अपील की है कि श्रद्धालु सपरिवार और इष्ट-मित्रों सहित पधारकर इस कथा पीयूष का रसास्वादन करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।</p>
<p><span style="color: #993366;"><strong>संस्कारों की विरासत व सुमधुर वाणी का संगम, लौहनगरी में दूसरी बार हो रहा आगमन</strong></span><br />
भारतीय धर्म-अध्यात्म के आकाश में &#8216;जया किशोरी&#8217; एक ऐसा नाम बनकर उभरी हैं, जिन्होंने न केवल पारंपरिक कथा वाचन को एक नई ऊंचाई दी, बल्कि धर्म को तर्क और आधुनिकता के साथ जोड़कर युवाओं के बीच अपनी अमिट पहचान बनाई। आज उन्हें केवल एक कथावाचिका के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रखर &#8216;मोटिवेशनल स्पीकर&#8217; के रूप में भी जाना जाता है।जमशेदपुर की पावन धरा पर उनका दूसरी बार हो रहा आगमन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए एक अवसर है जो अपने सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक संदर्भों में समझना चाहते हैं। जया किशोरी जी का व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी आधुनिक जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकते हैं।</p>
<p><span style="color: #993366;"><strong>​कोलकाता से शुरू हुआ &#8216;किशोरी&#8217; बनने का सफर</strong></span><br />
​13 जुलाई 1995 को कोलकाता के एक गौर ब्राह्मण परिवार में जन्मीं जया शर्मा (बचपन का नाम) को भक्ति के संस्कार विरासत में मिले। उनके दादा-दादी के भजन-कीर्तन ने उनके भीतर कृष्ण प्रेम का बीजारोपण किया। मात्र 7 साल की उम्र में उन्होंने कोलकाता में आयोजित एक सत्संग में अपनी प्रस्तुति दी थी। उनकी अटूट कृष्ण भक्ति को देखते हुए उनके गुरु पंडित गोविंदराम मिश्र ने उन्हें &#8216;किशोरी जी&#8217; की उपाधि दी, जिसके बाद वे पूरी दुनिया में जया किशोरी के नाम से विख्यात हुईं।</p>
<p><span style="color: #993366;"><strong>​&#8217;नानी बाई रो मायरो&#8217; और &#8216;श्रीमद्भागवत&#8217; की अद्भुत शैली</strong></span><br />
​जया किशोरी जी की ख्याति का सबसे बड़ा आधार उनकी सुमधुर आवाज और कथा कहने की सरल शैली है। &#8216;नानी बाई रो मायरो&#8217; के माध्यम से उन्होंने पिता-पुत्री के प्रेम और भक्त की पुकार पर भगवान के आने की गाथा को जिस भावुकता के साथ प्रस्तुत किया, उसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। उनकी भागवत कथा में केवल धर्म ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन की सीख भी शामिल होती है।</p>
<p><strong><span style="color: #993366;">​धर्म व आधुनिकता का संतुलन</span></strong><br />
​जया किशोरी जी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे खुद को &#8216;साध्वी&#8217; या &#8216;संत&#8217; नहीं मानतीं। वे खुद को एक साधारण छात्रा और ईश्वर की भक्त बताती हैं। वे अक्सर कहती हैं किधर्म का अर्थ केवल मंदिर जाना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करना है।&#8221;यही कारण है कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर उनकी &#8216;फैन फॉलोइंग&#8217; करोड़ों में है, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है।</p>
<p><strong><span style="color: #993366;">​सामाजिक चेतना व प्रेरणा</span></strong><br />
​कथाओं के अलावा वे &#8216;बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ&#8217; और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर रहती हैं। उनके प्रवचन जीवन के तनाव, अवसाद और रिश्तों की उलझनों से जूझ रहे लोगों के लिए &#8216;काउंसलिंग&#8217; का काम करते हैं। वे अध्यात्म को किताबी बातों से निकालकर दैनिक जीवन के आचरण में ढालने की कला सिखाती हैं।</p>
<p><strong><span style="color: #993366;">​एक नज़र व्यक्तित्व पर:</span></strong><br />
<span style="color: #993366;"><strong>​शिक्षा</strong></span>: वाणिज्य स्नातक<br />
<strong><span style="color: #993366;">​पहचान</span></strong>: सुप्रसिद्ध कथावाचिका, भजन गायिका और प्रेरणादायी वक्ता<br />
<strong><span style="color: #993366;">​लोकप्रिय भजन</span></strong>: &#8216;लिंगाष्टकम&#8217;, &#8216;अच्युतम केशवम&#8217; और &#8216;गाड़ी में बिठा ले रे बाबा&#8217;</p>
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