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	<title>GSTPortal Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>GSTPortal Archives - Udit Vani</title>
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		<title>GST Collection: जीएसटी संग्रह 2.37 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर, घरेलू लेनदेन और आयात में उल्लेखनीय वृद्धि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 May 2025 12:45:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Corporate]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस माह जीएसटी राजस्व 2.37 लाख करोड़ रुपए दर्ज हुआ, जो पिछले वर्ष अप्रैल के 2.10 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है. घरेलू लेनदेन और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि आधिकारिक आंकड़ों [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली:</span> </strong>भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस माह जीएसटी राजस्व 2.37 लाख करोड़ रुपए दर्ज हुआ, जो पिछले वर्ष अप्रैल के 2.10 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">घरेलू लेनदेन और आयात दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि</span></strong><br />
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में घरेलू लेनदेन से 10.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.9 लाख करोड़ रुपए का संग्रह हुआ, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. यह अब तक का सबसे ऊंचा मासिक संग्रह है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">रिफंड प्रक्रिया में भी तीव्रता</span></strong><br />
अप्रैल माह के दौरान रिफंड राशि में 48.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 27,341 करोड़ रुपए हो गई. इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार जीएसटी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तीव्रता लाने के लिए प्रतिबद्ध है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">पिछले महीनों से लगातार बढ़ोतरी</span></strong><br />
मार्च 2025 में जीएसटी संग्रह 1.96 लाख करोड़ रुपए रहा, जो फरवरी 2025 के 1.84 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 6.8 प्रतिशत अधिक था. यह वृद्धि लगातार हो रहे आर्थिक विस्तार और अनुपालन सुधार का परिणाम है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मार्च संग्रह का विस्तृत विवरण</span></strong><br />
मार्च माह के सकल जीएसटी संग्रह में:<br />
• केंद्रीय जीएसटी (CGST): ₹38,100 करोड़<br />
• राज्य जीएसटी (SGST): ₹49,900 करोड़<br />
• इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST): ₹95,900 करोड़<br />
• कंपनसेशन सेस: ₹12,300 करोड़ शामिल रहा.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">शीर्ष योगदानकर्ता राज्य</span></strong><br />
मार्च 2025 में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शीर्ष पांच राज्य रहे जिन्होंने सबसे अधिक योगदान दिया.<br />
• महाराष्ट्र: ₹31,534 करोड़ (14% वृद्धि)<br />
• कर्नाटक: ₹13,497 करोड़ (4% वृद्धि)<br />
• गुजरात: ₹12,095 करोड़ (6% वृद्धि)<br />
• तमिलनाडु: ₹11,017 करोड़ (7% वृद्धि)<br />
• उत्तर प्रदेश: ₹9,956 करोड़ (10% वृद्धि)</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">सरकारी प्रतिक्रिया</span></strong><br />
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जीएसटी संग्रह में यह वृद्धि आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और करदाताओं के बेहतर अनुपालन का प्रमाण है. यह सरकार की राजस्व रणनीति को भी मजबूती प्रदान करता है.</p>
<p>(IANS)</p>
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		<item>
		<title>GST registration: अब और आसानी से होगा GST रजिस्ट्रेशन, CBIC ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश</title>
		<link>https://uditvani.in/kam-ki-baat/now-gst-registration-will-be-easier/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[UditVaniDigital]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 11:57:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की बात]]></category>
		<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
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		<category><![CDATA[Tax]]></category>
		<category><![CDATA[Taxpayers]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए अधिकारियों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं. इससे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम होगा और नियम-आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा.सरकार के इस कदम को व्यापार में आसानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">नई दिल्ली:</span> </strong>केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए अधिकारियों को संशोधित निर्देश जारी किए हैं. इससे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम होगा और नियम-आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा.सरकार के इस कदम को व्यापार में आसानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">शिकायतों के समाधान के लिए जारी किए गए नए दिशानिर्देश</span></strong><br />
सीबीआईसी को GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं. ये शिकायतें मुख्य रूप से अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग को लेकर थीं. इन समस्याओं का समाधान करते हुए, सीबीआईसी ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाएंगे.वित्त मंत्रालय ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे रजिस्ट्रेशन आवेदन पत्र में दिए गए दस्तावेजों की निर्धारित सूची का सख्ती से पालन करें. साथ ही, विशेष मामलों में रजिस्ट्रेशन आवेदन पत्र के साथ अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी दी गई है.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">नोटिस जारी करने में अधिक सावधानी बरतने की सलाह</span></strong><br />
सरकारी एजेंसी ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे छोटी-मोटी विसंगतियों या ऐसे अतिरिक्त दस्तावेजों के आधार पर नोटिस जारी न करें, जो आवेदनों के प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक नहीं हैं. इसके अलावा, विशिष्ट मामलों में अन्य दस्तावेजों की मांग के लिए संबंधित उप/सहायक आयुक्त से अनुमोदन लिया जाए.</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">निगरानी और उल्लंघन पर कार्रवाई</span></strong><br />
सीबीआईसी ने मुख्य आयुक्तों से यह सलाह दी है कि वे इस प्रक्रिया पर निगरानी रखें और जहां भी आवश्यक हो, ट्रेड नोटिस जारी करने के लिए सिस्टम विकसित करें. साथ ही, इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.मंत्रालय ने कहा, &#8220;इससे GST रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुविधा होगी, अनुपालन बोझ कम होगा और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा मिलेगा.&#8221;</p>
<p>(IANS)</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/kam-ki-baat/now-gst-registration-will-be-easier/">GST registration: अब और आसानी से होगा GST रजिस्ट्रेशन, CBIC ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
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		<title>बेतरतीन जीएसटी पोर्टल और नियम एवं कानून की बहुलता ने जीएसटी को जटिल बना दिया : कैट</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/better-gst-portal-and-multiplicity-of-rules-and-regulations-have-made-gst-complicated-cait/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 14:49:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[CAIT]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर: जीएसटी लागू हुए करीब 5 साल हो गए हैं. देश भर के व्यापारियों ने इस टैक्स का स्वागत इस बात को ध्यान में रखकर किया था कि यह एक अच्छा और सरल टैक्स होगा. जीएसटी निश्चित रूप से एक अच्छा और सरल कर है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यापारियों के लिए एक दुःस्वप्न [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदित वाणी, जमशेदपुर:</strong> जीएसटी लागू हुए करीब 5 साल हो गए हैं. देश भर के व्यापारियों ने इस टैक्स का स्वागत इस बात को ध्यान में रखकर किया था कि यह एक अच्छा और सरल टैक्स होगा. जीएसटी निश्चित रूप से एक अच्छा और सरल कर है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यापारियों के लिए एक दुःस्वप्न सा बन गया है, क्योंकि पोर्टल की अक्षमता, जीएसटी पोर्टल में बार-बार बदलाव और जीएसटी नियमों ने जीएसटी को काफी जटिल बना दिया है. यह कहना है कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ अॉल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का. कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से स्टेक होल्डर्स के परामर्श से जीएसटी कराधान प्रणाली की कुल समीक्षा करने और इसे एक ऐसा कानून बनाने का आग्रह किया है, जो जीएसटी कानून और नियमों का पालन करके व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा दे सके.</p>
<p>कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोंथालिया ने कहा कि जीएसटी पोर्टल की आवश्यकता के अनुसार अधिनियम में संशोधन किए गए, जबकि पोर्टल को अधिनियम के अनुसार बनाया जाना चाहिए था. इससे व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही है और अब भी कोई राहत नहीं मिली है. सुरेश सोंथालिया ने कहा कि एशियाई देशों में, भारत में जीएसटी दर के उच्चतम मानक हैं. दुनियाभर में यह चिली के बाद दूसरे स्थान पर है. शून्य-रेटेड उत्पादों के साथ गैर-शून्य रेटेड उत्पाद (3, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत) एक राष्ट्र एक कर के सपने के बिल्कुल विपरीत हैं. पेट्रोलियम उत्पाद, बिजली और रियल एस्टेट अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हैं जो जीएसटी में काफी हद तक विसंगतियां और असमानताएं लाता है और जीएसटी के मूल उद्देश्य के विपरीत है.</p>
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