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	<title>fish farmers Archives - Udit Vani</title>
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	<description>पत्रकारिता में विश्वसनीयता के चार दशक</description>
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	<title>fish farmers Archives - Udit Vani</title>
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		<title>झारखंड में मत्स्य उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, गढ़वा के लिए पांच प्रोजेक्ट मंजूर</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jharkhand-fish-farming-development-gadhwa-projects/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 16:13:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, गढ़वा : झारखंड में मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग और जलीय कृषि अवसंरचना विभाग की ओर से बड़े स्तर पर पहल की जा रही है. जिला मत्स्य पदाधिकारी धनराज आर. कापसे ने बताया कि पूरे झारखंड में मत्स्य उद्योग के विकास के लिए कुल सात प्रोजेक्ट [...]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, गढ़वा :</span> </strong>झारखंड में मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग और जलीय कृषि अवसंरचना विभाग की ओर से बड़े स्तर पर पहल की जा रही है. जिला मत्स्य पदाधिकारी धनराज आर. कापसे ने बताया कि पूरे झारखंड में मत्स्य उद्योग के विकास के लिए कुल सात प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिनमें से अकेले पांच प्रोजेक्ट गढ़वा जिले से संबंधित हैं. उन्होंने बताया कि गढ़वा में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं और यहां बड़ी संख्या में मत्स्य पालक निवास करते हैं.</p>
<p>धनराज आर. कापसे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार गढ़वा जिले में मत्स्य पालकों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन वर्तमान में करीब सात हजार लोग ही आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं. यदि अधिक से अधिक मत्स्य पालक इस योजना से जुड़ते हैं तो झारखंड भी बड़े महानगरों की तर्ज पर मत्स्य उत्पादन और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है. उन्होंने मत्स्य पालकों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को विस्तार दें.</p>
<p>उन्होंने बताया कि जो लोग मत्स्य पालन के क्षेत्र में उद्यमी बनना चाहते हैं या समाज में युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से कुछ बड़ा करना चाहते हैं, उनके लिए भारत सरकार की फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एफआईडीएफ) योजना खुली है. यह योजना ऐसे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो बड़े स्तर पर मत्स्य पालन का कार्य शुरू करना चाहते हैं.</p>
<p>धनराज कापसे ने जानकारी दी कि एफआईडीएफ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके तहत उद्यमियों को पहले अपनी परियोजना की कार्ययोजना तैयार करनी होती है. इसके बाद पीएमओ की टीम द्वारा कार्ययोजना की स्क्रूटनी की जाती है. बजट और संभावित विकास को ध्यान में रखते हुए फंड का आवंटन किया जाता है. इस योजना के तहत न्यूनतम पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है और सरकार 10 से 15 करोड़ रुपए तक का फंड उद्यमियों को मुहैया कराती है.</p>
<p>उन्‍होंने बताया कि विशेषज्ञों के मुताबिक, झारखंड राज्य में करीब दो लाख मछुआरे पंजीकृत हैं. वहीं, गढ़वा जिले में मत्स्य पालन से जुड़ा समुदाय काफी बड़ा है. अनुमान है कि यहां एक लाख से अधिक मछुआरा समुदाय के लोग मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, जो पीढ़ियों से मछली पालन का कार्य करते आ रहे हैं. गढ़वा और पलामू जैसे जिलों में इस समुदाय की संख्या विशेष रूप से अधिक है.</p>
<p>धनराज ने कहा कि मत्स्य विभाग के कार्यालय के माध्यम से पंजीकरण की बात करें तो वर्तमान में केवल लगभग 7,880 लोग ही मत्स्य पालन से संबंधित रूप से पंजीकृत हैं. यह विलुप्त हो रही आदिम जनजाति परिवारों के उत्थान की एक बड़ी पहल है. अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बड़े समुदाय को योजनाओं से जोड़ा जाए, तो न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और झारखंड मत्स्य उद्योग के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना सकेगा.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>National : भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने पर कार्रवाई, इंडियन कोस्ट गार्ड ने 28 क्रू को किया गिरफ्तार</title>
		<link>https://uditvani.in/crime/indian-coast-guard-catches-bangladeshi-fishing-boat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 13:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[arrested]]></category>
		<category><![CDATA[bangladesh]]></category>
		<category><![CDATA[fish farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Navy]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, कोलकाता : भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में इंडियन कोस्ट गार्ड (आईसीजी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की. उत्तरी बंगाल की खाड़ी में इंटरनेशनल मैरिटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) की निगरानी के दौरान आईसीजी के एक जहाज ने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में अवैध रूप से [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, कोलकाता :</span></strong> भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में इंडियन कोस्ट गार्ड (आईसीजी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की. उत्तरी बंगाल की खाड़ी में इंटरनेशनल मैरिटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) की निगरानी के दौरान आईसीजी के एक जहाज ने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में अवैध रूप से मछली पकड़ रही एक बांग्लादेशी फिशिंग बोट को पकड़ा. इस नाव पर 28 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से किसी के पास भी भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं थी.</p>
<p>नियमित समुद्री निगरानी के दौरान गुरुवार को आईसीजी जहाज ने भारतीय जलक्षेत्र में एक संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव को देखा, जो लगातार बच निकलने की कोशिश कर रही थी. कोस्ट गार्ड ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उस नाव को रोका और जांच की. पूछताछ और तलाशी के बाद यह पुष्टि हुई कि यह नाव बांग्लादेश की है तथा भारतीय जल सीमा में अवैध रूप से मछली पकड़ रही थी.</p>
<p>इंडियन कोस्ट गार्ड की बोर्डिंग टीम ने नाव की पूरी तलाशी ली. जांच में पाया गया कि सभी 28 बांग्लादेशी क्रू किसी भी प्रकार की वैध अनुमति या प्राधिकरण पत्र के बिना भारतीय समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे. उनके पास मौजूद मछली पकड़ने के उपकरण और पकड़ी गई मछलियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे सक्रिय रूप से अवैध मछली पकड़ने में लगे थे. यह कार्रवाई भारतीय समुद्री क्षेत्र (विदेशी जहाजों द्वारा मछली पकड़ने का विनियमन) अधिनियम, 1981 के तहत की गई.</p>
<p>आईसीजी ने फिशिंग बोट को अपनी निगरानी में लेते हुए उसे नामखाना फिशिंग हार्बर तक स्कॉर्ट किया. यहां पहुंचने के बाद नाव और सभी 28 क्रू सदस्यों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मरीन पुलिस, नामखाना के हवाले कर दिया गया. यह इस सप्ताह में पकड़ी गई चौथी बांग्लादेशी फिशिंग बोट है, जो भारत के समुद्री हितों के संरक्षण में कोस्ट गार्ड की सतत तत्परता और मजबूत कार्रवाई को दर्शाती है. यह अभियान भारतीय मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.</p>
<p>इंडियन कोस्ट गार्ड बंगाल की खाड़ी में सतह और हवाई निगरानी जारी रखे हुए है. आईसीजी का कहना है कि वह समुद्री कानूनों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय समुद्री संपत्तियों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है.<br />
<strong>(आईएएनएस)</strong></p>
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		<title>JAMSHEDPUR: मछली उत्पादन में पांच गुणा की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य : नए मत्स्य पालकों को जोड़ा जाएगा- उप विकास आयुक्त ने की मत्स्य पालकों, मत्स्य मित्रों के साथ बैठक</title>
		<link>https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jamshedpur-target-to-increase-fish-production-by-five-times-new-fish-farmers-will-be-added-deputy-development-commissioner-holds-a-meeting-with-fish-farmers-fish-friends/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Udit Vani]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jun 2023 09:36:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जमशेदपुर]]></category>
		<category><![CDATA[fish farmers]]></category>
		<category><![CDATA[jamshedpur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उदित वाणी, जमशेदपुर : उप विकास आयुक्त मनीष कुमार ने जिला सभागार, जमशेदपुर में मत्स्य पालकों, सहकारी समिति सदस्यों,http://uditvani.in मत्स्य मित्रों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी अल्का पन्ना, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा उपस्थित थे। मछली उत्पादन में 5 गुणा की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य : उप विकास [...]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #800080;">उदित वाणी, जमशेदपुर :</span> </strong>उप विकास आयुक्त मनीष कुमार ने जिला सभागार, जमशेदपुर में मत्स्य पालकों, सहकारी समिति सदस्यों,<a href="http://uditvani.in">http://uditvani.in</a> मत्स्य मित्रों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी अल्का पन्ना, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा उपस्थित थे।</p>
<p><span style="color: #3366ff;"><strong><span style="color: #800080;">मछली उत्पादन में 5 गुणा की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य :</span></strong></span><br />
उप विकास आयुक्त ने कहा कि अगले एक साल में पूर्वी सिंहभूम को मछली उत्पादन का हब बनाना है इसके लिए वर्तमान में जितना मछली उत्पादन हो रहा उसमें 5 गुणा की बढ़ोत्तरी करें । वैसे सहकारी समिति जो शिथिल पड़े हैं उन्हें कोई सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा । उप विकास आयुक्त ने कहा कि किसानों मत्स्यपालकों को सशक्त बनाने एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए झारखंड सरकार द्वारा कई योजनायें चलाई जा रहीं, जरूरत है कि खुद भी जागरुक होते हुए योजनाओं का लाभ उठायें तथा दूसरों को प्रेरित करें ।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मत्स्य पालकों को मिलेगी ट्रेनिंग :</span></strong><br />
उप विकास आयुक्त ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के आधार पर कार्य किए जाएं। मत्स्य पालक आधुनिकतम तकनीक को अपनाने पर विशेष ध्यान दें । अगले शनिवार को जिला स्तरीय कार्यशाला कराने का निर्देश मत्स्य पदाधिकारी को दिया गया । साथ ही बैठक में उपस्थित सदस्यों को भी निदेशित किया गया कि अपने साथ अपने ग्राम पंचायत के कम से कम दो और लोगों को कार्यशाला में लेकर जरूर आएं, जिनके पास पहले से तालाब है उन्हें प्राथमिकता दें । वर्तमान में जो मत्स्य पालन से जुड़े हैं उन्हीं में से 3 लोगों को मास्टर ट्रेनर चुनने का सुझाव भी दिया । उप विकास आयुक्त ने कहा कि आने वाले दिनों में आप लोगों के बीच से ही मास्टर ट्रेनर की संख्या बढ़ाते हुए प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर मत्स्य पालन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा ।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>सहकारी समिति के बीच बंटे परसंपत्तियों का मांगा ब्यौरा</strong></span><br />
जिले में मछली उत्पादन को लेकर पूर्व से गठित सहकारी समितियों के कार्यों की भी उप विकास आयुक्त ने समीक्षा की। उन्होने मत्स्य पदाधिकारी से सहकारी समितियों के बीच अब तक हुए सरकारी परिसंपत्तियों के वितरण का ब्यौरा मांगते हुए कहा कि वैसे लोग जो मत्स्य पालन में इच्छुक नहीं हैं वे दूसरों को जगह दें। जिला प्रशासन नए मत्स्य पालकों को भी अपने साथ जोड़ने की दिशा में उचित कदम उठायेगी ।</p>
<p><span style="color: #800080;"><strong>&#8216;अतिक्रमित सरकारी तालाबों की सूची दें</strong></span>&#8216;<br />
उप विकास आयुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी एवं मत्स्य प्रसार पदाधिकारी को नियमित फील्ड में जाने का निर्देश देते हुए कहा कि मत्स्य पालन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही सभी समितियों को भी प्रत्येक रविवार को ग्राम पंचायत में बैठक कर और मत्स्यपालकों को जोड़ने का निर्देश दिया गया । कुछ सरकारी तालाबों के अतिक्रमित होने का भी मामला संज्ञान में लाया गया जिसपर उप विकास आयुक्त ने समिति को कार्यकारिणी की बैठक कर अतिक्रमित तालाबों की सूची देने की बात कही गई ।</p>
<p><strong><span style="color: #800080;">मनरेगा से होगा तालाबों का जीर्णोद्धार</span></strong><br />
1 एकड़ से 5 एकड़ के तालाब का जीर्णोद्धार का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से किया गया है । कुछ मत्स्य पालकों ने तालाब छोटा होने की बात भी बताई। उप विकास आयुक्त द्वारा 1 एकड़ से कम के निजी व सरकारी तालाबों को मनरेगा के अंतर्गत जीर्णोद्धार कराने को लेकर आश्वस्त किया गया । वहीं मत्स्यपालकों को स्वयं से भी निजी तालाबों के जीर्णोद्धार कराने के लिए प्रेरित किया । जिन तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा उनमें कन्वर्जेंस से तालाब के बांध पर फलदार पौधों का वृक्षारोपण, बत्तख पालन, मचान खेती तथा किसानों- मत्स्यपालकों के बीच उद्यान विभागीय योजना के तहत हर्बल गार्डन, मेडिसिनल गार्डन की योजना का लाभ पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया।</p>
<p>The post <a href="https://uditvani.in/jharkhand/jamshedpur/jamshedpur-target-to-increase-fish-production-by-five-times-new-fish-farmers-will-be-added-deputy-development-commissioner-holds-a-meeting-with-fish-farmers-fish-friends/">JAMSHEDPUR: मछली उत्पादन में पांच गुणा की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य : नए मत्स्य पालकों को जोड़ा जाएगा- उप विकास आयुक्त ने की मत्स्य पालकों, मत्स्य मित्रों के साथ बैठक</a> appeared first on <a href="https://uditvani.in">Udit Vani</a>.</p>
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